शुक्रवार, 22 मई 2026

अजमेर में 23 मई को आयोजित होगा 19वां रोजगार मेला

 मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सौंपेंगे नियुक्ति पत्र,डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय अजमेर के समीप स्थित एसटीआई ऑडिटोरियम में कल, 23 मई 2026 को प्रातः 10:15 बजे 19वें 'रोजगार मेले' का आयोजन होने जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय श्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री (जल संसाधन विभाग) श्री सुरेश सिंह रावत और अजमेर दक्षिण क्षेत्र की विधायक माननीय श्रीमती अनिता भदेल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे ।

प्रधानमंत्री के ऑनलाइन संबोधन के समापन के बाद, मुख्य अतिथि माननीय श्री भागीरथ चौधरी द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को  नौकरी के 'ऑफर लेटर' (नियुक्ति पत्र) सौंपे जाएंगे। इसके बाद अन्य नवनियुक्त उम्मीदवारों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान  श्री वासुदेव देवनानी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे

मिहिर देव

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अजमेर

कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का किया शुभारम्भ

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर से रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना और कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का किया शुभारम्भ

जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस अब 20 कोच के साथ चलेगी, साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार


उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान को रेल सेवाओं और परियोजनाओं की सौगात दी।

इस अवसर पर गाड़ी संख्या 04871, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच किए जाने तथा साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा का जैसलमेर तक विस्तार सहित कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का शुभारम्भ किया गया।

माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नियमित गाड़ी संख्या 26481/26482, जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा में दिनांक 24.05.2026 से 02 एक्जीक्यूटिव चेयरकार, 16 वातानुकूलित चेयरकार एवं 02 ड्राइवर पावर कार सहित कुल 20 कोच रहेंगे। इससे यात्रियों को अधिक सीट उपलब्ध होंगी तथा यात्रा सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

अपने संबोधन में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि रेल केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि देश की जीवनरेखा है तथा पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और विशेषकर जोधपुर को रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विगत समय में बहुत सी सौगातें प्रदान की है, जिससे मारवाड़ क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जोधपुर, पोखरण और आस पास के क्षेत्रों में रेल कार्यों के लिए भी रेल मंत्री जी का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी रेल कार्यों के लिए रेल मंत्री जी का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। साथ ही उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी के ऊर्जा बचत के आह्वान का भी उल्लेख किया और सभी से इसमें सहयोग की अपील की।

माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों की लंबे समय से अधिक रेल सेवाओं की मांग रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, मुंबई सहित कई प्रमुख शहरों के लिए नई रेल सेवाएं प्रारम्भ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में बनने वाला कोचिंग टर्मिनल रेलवे विकास में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में देशभर से नई ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी। भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अगले 10 महीनों में जोधपुर से हरिद्वार के लिए नई रेलसेवा प्रारम्भ करने की तैयारी चल रही है। राजस्थान में रेलवे विकास हेतु वर्तमान में लगभग ₹10,000 करोड़ का रिकॉर्ड बजट दिया जा रहा है, जबकि पूर्व में यह राशि मात्र ₹700-800 करोड़ थी।

रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में धांगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, लूनी-भिलड़ी, रेवाड़ी-खाटूवास एवं सवाई माधोपुर-जयपुर रेलखंडों पर डबलिंग कार्य प्रगति पर है। वहीं मारवाड़ जंक्शन-मावली गेज कन्वर्जन, टनल निर्माण एवं नई रेल लाइनों का कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है। पुष्कर एवं अंबाजी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने हेतु नई रेल लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।


बेहतर रेल सुविधाओं के साथ बेहतर भविष्य की ओर

माननीय मंत्रियों द्वारा जैसलमेर में ₹67 करोड़ की लागत से निर्मित नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया गया। इस परियोजना से ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता में वृद्धि होगी, अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा तथा यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं प्राप्त होंगी।

स्वर्ण नगरी जैसलमेर पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोनार किला, पटवों की हवेली, बड़ा बाग एवं थार मरुस्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। नई रेल सुविधा से जैसलमेर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही चिकित्सा एवं शिक्षा हेतु जोधपुर एवं अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

माननीय रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत एवं शौर्य की झलक अब रेलवे स्टेशनों पर भी दिखाई देगी। जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, तथा लोगों से आग्रह किया कि एक बार जैसलमेर का स्टेशन ज़रूर देख कर आए। जयपुर स्टेशन को पिंक सिटी थीम पर विकसित किया जा रहा है तथा पाली स्टेशन का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि अब रेलवे स्टेशन शहर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में 25 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पूर्ण हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन एवं यात्रियों को व्यापक लाभ मिलेगा।


साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार

गाड़ी संख्या 20486, साबरमती-जैसलमेर प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह गाड़ी दिनांक 23.05.2026 से साबरमती से प्रातः 07.00 बजे रवाना होकर जोधपुर स्टेशन पर 14.40 बजे आगमन एवं 14.50 बजे प्रस्थान कर 20.30 बजे जैसलमेर पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20485, जैसलमेर-साबरमती प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 23.05.2026 से जैसलमेर से प्रातः 06.30 बजे रवाना होकर जोधपुर स्टेशन पर 11.40 बजे आगमन एवं 11.50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 20.00 बजे साबरमती पहुंचेगी।

कार्यक्रम के अंत में माननीय रेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राजस्थान को 200 से अधिक नई रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा राज्य रेलवे विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, बिलाड़ा विधायक अर्जुन राम गर्ग, विधायक फलौदी पब्बाराम राम बिश्नोई, शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ सहित मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि अधिकारी प्रेस मीडिया मौजूद रहे।

जेएलएन मेडिकल कॉलेज के कन्या छात्रावास में वाटर कूलर-प्यूरीफायर किया भेंट

अजमेर:-झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत और सिंधी युवा संगठन के संयुक्त तत्वाधान में संभाग के जवाहर-लाल नेहरू मेडिकल महाविद्यालय के कन्या छात्रावास में  वाटर कूलर-प्यूरीफायर भेंट किया। 

संस्थापक कुमार लालवानी ने बताया काफ़ी समय से छात्रावास में ठंडे पानी की मशीन (वाटर कूलर) की आवश्कता थी। छात्राओं को इस भयंकर गर्मी के मौसम में पीने के लिए शीतल पेयजल नहीं मिल रहा था। जिसकी वजह से ये छात्राएं शीतल पेयजल के लिए परेशान रहती थी। जिसे वहाँ के स्टाफ ने संगठन के संज्ञान में लाया जिस पर शुक्रवार को ठंडे पानी की मशीन और वाटर प्यूरीफ़ाई भेंट किया गया ताकि कॉलेज के स्टाफ और छात्राओं को पीने के लिए शुद्ध एवं निर्मल पेयजल मिल सके। ठंडे पानी की मशीन का सिंधी युवा संगठन के मुख्य संरक्षक और राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के द्वारा उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर डॉ अनिल सवारियां, डॉ सुनील, डॉ माथुर, डॉ हर्षवर्धन, डॉ अर्चना गर्ग, डॉ सुमन, डॉ मुनीश की उपस्थित रहे।

अध्यक्ष गौरव मिरवानी ने बताया यह सेवा कार्य भोजराज गंगवानी के सहयोग से किया गया है । मशीन 80 लीटर की लगाई गई है जिसमे एक समय में 200 लोग साफ़ और स्वच्छ ठंडा जल ग्रहण सकते हैं।  

इस सेवा कार्य में सचिव नारायण सोनी (राजा), रमेश मोटवानी, विशाल शर्मा, राजेश गेहानी, पूजा तोलवानी, महक उदयरानी, भगवान सबलानी, भरत आलवानी, गौरव ख़ुशालानी, हरीश बच्चानी, रमेश टिलवानी,श्याम पारवानी आदि सदस्य मौजूद रहे।

आज का राशिफल व पंचांग : 23 मई, 2026, शनिवार

आज और कल का दिन खास

23 मई 2026 : मासिक दुर्गाष्टमी आज। 

23 मई 2026 : गुरू अमरदास जी की जयंती आज - नानकशाही मत से। 

24 मई 2026 : राष्ट्रीय भाई दिवस कल। 


आज का राशिफल
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23 मई, 2026, शनिवार
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मेष राशि : विद्यार्थियों के लिए बेहतर समय है। यदि किसी बड़ी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं, तो सफलता की संभावना बहुत अधिक है। समय रहते जरूरी कार्य पूरे करें। अपनी जिम्मेदारी निभाने में सफल होंगे। आकस्मिक धन प्राप्ति हो सकती है। पेट संबंधित रोग से ग्रस्त रहेंगे। कोयला, कपड़ा, कागज और कारखानों के स्वामियों के लिए समय उपयुक्त है।

वृषभ राशि : जीवनसाथी के साथ सुखद यात्रा का योग भी बन रहा है। अपनी क्षमता को पहचाने और कार्य करें आप कर सकते हैं, फिर भी रुके हुए हैं। आत्मविश्वास की कमी के कारण कोई भी कार्य या फैसला लेने में पीछे रहेंगे। संतान सुख संभव है। कहीं फंसा हुआ धन मिलने के योग बनेंगे।यात्रा निरस्त होगी। आकस्मिक धन प्राप्ति हो सकती है। पेट संबंधित रोग से ग्रस्त रहेंगे। 

मिथुन राशि : यदि बहुत लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं, तो इससे बेहतर समय अभी और जल्दी नहीं आने वाला, जिसमें आप संतान प्राप्ति के लिए प्रयास कर सकते हैं। आप क्यों दूसरे के मामलों में दखल देते हैं। अपने अधिकारियों से विवाद करना आपके लिए नुकसानदायक होगा। कारोबार में अनचाही अड़चनों से मन खिन्न रहेगा। लौह व्यवसायियों के लिए समय मध्यम है।

कर्क राशि : धन के मामले में समय सामान्य है, आप नए कार्यों का प्रारम्भ कर सकते हैं। सोचे कार्य समय पर होंगे। कार्यस्थल पर अनुकूल वातावरण मिलेगा। अधिकारी आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करेंगे। निजी कार्य में दूसरों को प्रवेश न दें। विदेश जाने के योग हैं। अध्ययन में रुचि कम ही रहेगी। आप अपने घर के निर्माण के लिए अत्यधिक धन खर्च कर सकते हैं। 

सिंह राशि : यात्रा में थोड़ी सावधानी बरतें। धन तथा कीमती सामानों को सुरक्षित रखें। आकस्मिक आये कार्यों की अधिकता से व्यस्त रहेंगे। संतों का सान्निध्य प्राप्त होगा। मकान की मरम्मत पर धन लगेगा। विवाह योग्य जातकों के लिए समय उपयुक्त है। पारिवारिक रीति रिवाजों को करने के लिए धन लगेगा। आत्मविश्वास की कमी के कारण कोई भी कार्य या फैसला लेने में पीछे रहेंगे।

कन्या राशि : न्यायालय संबंधित मामले अभी थोड़ा लम्बा चल सकते हैं। मनमर्जी न करें। हालात को समझें फिर फैसले करें। संतान के व्यवहार पारिवारिक माहौल बिगड़ सकता है। नए काम के मिलने से उत्साहित रहेंगे। अध्ययन में आ रही परेशानी दूर होगी। पारिवारिक संबंधों में सुधार होगा। कारोबार में अनचाही अड़चनों से मन खिन्न रहेगा।

तुला राशि : किसी के बहकावे में आकर बना काम बिगाड़ लेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए समय संघर्षपूर्ण है। धन का दुरुपयोग न करें। जीवनसाथी का साथ आगे बढऩे में मदद करेगा। यात्रा हो सकती है। मौद्रिक लाभ का संकेत है और आप आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी स्थापित कर सकते हैं। 

वृश्चिक राशि : व्यवसाय में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। विरोधी आप को नीचा दिखाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। जो लोग कभी आप को अपना आदर्श मानते थे, वे ही आज आप के किये कार्यों में खामी निकालेंगे। आप परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने जा सकते हैं।

धनु राशि : नौकरीपेशा जातकों को कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है। आप अपना काम करते हुए आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। समय अनुकूल है, जितना पैसा कमा सकते हैं कमा लो। आजीविका के साधनों में कमी आएगी। भूमि संबंधित किये निवेश से लाभ होगा। बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता सताएगी। यात्रा आनंदप्रद रहेगी। 

मकर राशि : समय के साथ हो रहे बदलाव के कारण तनाव बढ़ेगा। कई महत्वपूर्ण कार्य रुकने के कारण परेशानी बढ़ सकती है। परिवार में हो रही अनदेखी से नाराज रहेंगे। संतान का साथ मन को उत्साहित करेगा। अनुत्पादक गतिविधियों पर समय व्यतीत करने से बचें अन्यथा कुछ अन्य काम आधे-अधूरे रह जाएंगे। 

कुम्भ राशि : जिन लोगों से आपने वादा किया था वह निभाने का वक्त आ गया है। पारिवारिक कार्यक्रमों में बड़ा खर्च होगा। अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए फिजूल खर्च होगा। कान से संबंधित पीड़ा संभव है। प्रॉपर्टी या वाहन में भी निवेश संभव है। प्रतिद्वंद्वी गतिविधि बढ़ेगी।

मीन राशि : राजनीति में आने का मन हो रहा है। जो भी करें विचार और गहन चिंतन के बाद फैसला लें। पारिवारिक जनों से मनमुटाव होगा। मांगलिक कार्यों पर धन खर्च होगा। वाहन मशीनरी का प्रयोग सतर्कता से करें। परिवार में कोई उत्सव आदि हो सकता है। आपकी कुछ महत्वाकांक्षाएं पूरी हो सकती हैं।

आज का पंचांग
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23 मई 2026, शनिवार 
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तिथि अष्टमी 04:29 AM
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नक्षत्र मघा 02:10 AM
करण विष्टि, 04:43 PM,
                      अगले दिन 
             बव 04:29 AM 
पक्ष शुक्ल 
योग ध्रुव, 06:13 AM,
                     अगले दिन 
      व्याघात 04:42 AM 
वार शनिवार   
सूर्योदय 05:26 AM 
सूर्यास्त 07:09 PM
चन्द्रमा सिंह 
राहुकाल 08:52 - 10:35 AM 
विक्रमी संवत्  2083
शक सम्वत 1948 ( पराभव )
मास अमांत ज्येष्ठ ( अधिक)
मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ ( अधिक)
शुभ मुहूर्त 
अभीजित 11:50 - 12:45 PM

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
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तपती धरती, झुलसता जीवन: हीटवेव की चुनौती

 वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है। अप्रैल-मई के दौरान भारत सहित दक्षिण एशिया के अनेक हिस्सों में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का संकट नहीं, वर्तमान की भयावह वास्तविकता है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई शहरों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सड़कें सूनी दिखने लगीं, श्रमिकों का श्रम ठहरने लगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा गरीब तबकों के सामने जीवन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यह संकट अचानक नहीं आया। यह दशकों से प्रकृति के साथ किए गए असंतुलित व्यवहार, अंधाधुंध शहरीकरण, जंगलों की कटाई, संसाधनों के दोहन और सुविधावादी जीवनशैली का परिणाम है। प्रकृति ने बार-बार संकेत दिए, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में हमने उन संकेतों को अनसुना किया। आज वही उपेक्षित चेतावनियां लू बनकर हमारे सामने खड़ी हैं।

हीटवेव का सबसे बड़ा कारण केवल बढ़ता तापमान नहीं, बल्कि वह विकास मॉडल है जिसने धरती की प्राकृतिक ढाल को कमजोर कर दिया। जंगल सदियों से पृथ्वी के प्राकृतिक एयर कंडीशनर रहे हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, वाष्पोत्सर्जन द्वारा वातावरण को शीतल रखते हैं और वर्षा चक्र को संतुलित बनाए रखते हैं। लेकिन विडंबना है कि विकास के नाम पर जंगलों का तेजी से विनाश हुआ। हर वर्ष लाखों हेक्टेयर वन क्षेत्र समाप्त हो रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि स्थानीय स्तर पर तापमान बढ़ा, नमी कम हुई, वर्षा चक्र प्रभावित हुआ और गर्म हवाओं की अवधि लंबी होती गई। आज शहर “कंक्रीट के जंगल” बन चुके हैं। महानगरों में हरित क्षेत्र सिकुड़ते जा रहे हैं और उनकी जगह सीमेंट, डामर और शीशे की ऊंची इमारतें ले रही हैं। इससे “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव तेजी से बढ़ा है। शहर अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कई डिग्री अधिक गर्म हो चुके हैं। कंक्रीट दिनभर सूर्य की ऊष्मा को सोखता है और रात में धीरे-धीरे छोड़ता है। परिणामस्वरूप रातें भी गर्म होती जा रही हैं और शरीर को राहत नहीं मिल पाती।
दिल्ली, मुंबई, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में रात का तापमान पहले की तुलना में लगातार बढ़ रहा है। गरीब बस्तियों में स्थिति और भी गंभीर है। वहां न हरित क्षेत्र हैं, न पर्याप्त जल आपूर्ति, न शीतलन के साधन। टीन की छतों वाले घर दिन में भट्ठी बन जाते हैं। गर्मी की मार सामाजिक असमानता को और गहरा करती है। अमीर वर्ग एयर कंडीशनर और बंद कमरों में राहत खोज लेता है, लेकिन मजदूर, रिक्शाचालक, रेहड़ी वाले और निर्माण कार्य में लगे श्रमिक खुले आसमान के नीचे झुलसते रहते हैं। विडंबना यह भी है कि गर्मी से राहत का सबसे लोकप्रिय साधन एयर कंडीशनर स्वयं संकट को बढ़ाने वाला कारक बनता जा रहा है। एक एयर कंडीशनर कमरे को ठंडा करता है, लेकिन बाहर उतनी ही गर्म हवा छोड़ता है। इसके साथ ही बिजली की खपत बढ़ती है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी कोयला आधारित ऊर्जा से आता है। रेफ्रिजरेंट गैसें अतिरिक्त ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करती हैं। इस प्रकार एक दुष्चक्र निर्मित हो गया है-गर्मी बढ़ती है, एसी बढ़ते हैं, उत्सर्जन बढ़ता है और फिर गर्मी और बढ़ जाती है।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव केवल तापमान तक सीमित नहीं है। यह कृषि, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक असर डाल रहा है। वैज्ञानिक अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि बढ़ती गर्मी और अनिश्चित मौसम के कारण गेहूं, धान और अन्य फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। गर्म हवाएं पौधों की वृद्धि रोकती हैं, जल स्रोतों को सुखाती हैं और मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करती हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में खाद्य संकट भी गहरा सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी इसका गंभीर प्रभाव दिख रहा है। लू लगना, निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बाहर काम करने वाले श्रमिकों को है।
गर्मी का यह संकट सामाजिक और मानवीय संकट भी बन सकता है। जल स्रोतों के सूखने, कृषि संकट और जीवन परिस्थितियों के बिगड़ने से बड़े पैमाने पर पलायन बढ़ सकता है। जैव विविधता पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। अनेक जीव-जंतु और वनस्पतियां अपने प्राकृतिक आवास खो रही हैं। हजारों प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। केवल रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी करना पर्याप्त नहीं है। हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के प्रमुख विषय के रूप में स्वीकार करते हुए दीर्घकालिक नीतियां बनानी होंगी। सबसे पहले शहरों में हीट एक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। प्रत्येक शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण, छायादार मार्ग, सार्वजनिक प्याऊ और शीतलन केंद्रों की व्यवस्था आवश्यक है। स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों के समय निर्धारण में क्षेत्रीय तापमान को ध्यान में रखा जाना चाहिए। तीखी दोपहर में श्रमिकों के लिए कार्यावधि सीमित की जाए और उनके लिए विश्राम तथा पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य हो।
सरकार को भवन निर्माण नीति में भी परिवर्तन लाना होगा। पारंपरिक भारतीय वास्तुकला-हवादार घर, आंगन, मिट्टी आधारित निर्माण, हरित छतें और प्राकृतिक वेंटिलेशन को बढ़ावा देना चाहिए। कांच की चमचमाती इमारतों और ऊष्मा अवशोषित करने वाले निर्माणों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। “कूल रूफ” तकनीक, वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा आधारित शीतलन प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वन संरक्षण और वृक्षारोपण केवल अभियान नहीं, राष्ट्रीय प्राथमिकता बनना चाहिए। शहरों में माइक्रो फॉरेस्ट, पार्क और हरित गलियारों का निर्माण किया जाए। जल निकायों और पारंपरिक तालाबों को पुनर्जीवित किया जाए क्योंकि वे स्थानीय तापमान नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन केवल सरकारें यह लड़ाई नहीं जीत सकतीं। आम जनता को भी अपनी भूमिका समझनी होगी। हमें उपभोगवादी जीवनशैली पर पुनर्विचार करना होगा। पानी का संयमित उपयोग, ऊर्जा की बचत, वृक्षारोपण, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण अब व्यक्तिगत विकल्प नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी हैं।
भारतीय समाज में कभी सार्वजनिक प्याऊ, छायादार विश्राम स्थल और जल सेवा की समृद्ध परंपरा थी। गर्मियों में राहगीरों के लिए जल की व्यवस्था पुण्य कार्य माना जाता था। आज उस परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। समाज, धार्मिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन मिलकर जल सेवा और राहत कार्यों का अभियान चला सकते हैं। गर्मी और जल संकट को राजनीति का विषय बनाने के बजाय सहयोग और समाधान का विषय बनाना होगा। जल विवादों और संसाधनों पर स्वार्थपूर्ण राजनीति भविष्य को और कठिन बनाएगी। आवश्यकता इस बात की है कि जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन को राष्ट्रीय सहमति का विषय बनाया जाए।
वर्ष 2026 की यह झुलसाती गर्मी हमें चेतावनी दे रही है कि यदि हमने अभी भी प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित नहीं किया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और विकराल होगी। पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, जैव विविधता नष्ट होगी, खाद्य संकट गहराएगा और मानव जीवन अधिक कठिन हो जाएगा। यह समय प्रकृति से संघर्ष का नहीं, उसके साथ सामंजस्य का है। हमें विकास की ऐसी दिशा चुननी होगी जिसमें पर्यावरण, मानव जीवन और भविष्य सुरक्षित रह सके। अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब सूरज की तपिश केवल असुविधा नहीं, अस्तित्व का संकट बन जाएगी।


 (ललित गर्ग)
लेखक,पत्रकार एवं स्तंभकार
ई-253, सरस्वती कंुज अपार्टमेंट
25 आई. पी. एक्सटेंशन, पटपड़गंज, दिल्ली-92
मो. 9811051133