पूर्व मसूदा विधायक हाजी कयूम खान के भतीजे व महमूद खान के पुत्र षब्बीर भी सक्रिय हैं। वरिश्ठ कांग्रेस नेता प्रताप यादव की पुत्री मीनाक्षी भी आगामी नगर निगम चुनाव में टिकट लेने के लिए षिद्दत से आतुर हैं। अजमेर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेष्ज्ञ जैन के पुत्र अमित जैन अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं। कुल मिला कर आने वाले समय में राजनीति में युवा चेहरे उभर सकते हैं।
शनिवार, 11 जुलाई 2026
राजनीति में नई पीढी दस्तक देने को तैयार
शुक्रवार, 22 मई 2026
ई.एफ.आर जवानों की नियुक्ति के लिए प्रार्थना पत्र
सेवा में
मैं ई.एफ.आर बटालियन के सम्मानित अवकाश प्राप्त 7090 हवलदार श्रीमान गोपाल नेवार इस प्रार्थना पत्र के माध्यम से ई.एफ.आर बटालियन जो सलुवा, खड़गपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल में स्थित है, उसी ओर आपकी ध्यान को आकृष्ट करते हुए बटालियन से संबंधित जटिल समस्या को रखने जा रहा हूं।
अजमेर में 23 मई को आयोजित होगा 19वां रोजगार मेला
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सौंपेंगे नियुक्ति पत्र,डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय अजमेर के समीप स्थित एसटीआई ऑडिटोरियम में कल, 23 मई 2026 को प्रातः 10:15 बजे 19वें 'रोजगार मेले' का आयोजन होने जा रहा है। इस विशेष कार्यक्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय श्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री (जल संसाधन विभाग) श्री सुरेश सिंह रावत और अजमेर दक्षिण क्षेत्र की विधायक माननीय श्रीमती अनिता भदेल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। मंडल रेल प्रबंधक श्री राजू भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे ।
प्रधानमंत्री के ऑनलाइन संबोधन के समापन के बाद, मुख्य अतिथि माननीय श्री भागीरथ चौधरी द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी के 'ऑफर लेटर' (नियुक्ति पत्र) सौंपे जाएंगे। इसके बाद अन्य नवनियुक्त उम्मीदवारों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान श्री वासुदेव देवनानी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे
मिहिर देव
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अजमेर
कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का किया शुभारम्भ
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर से रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना और कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का किया शुभारम्भ
जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस अब 20 कोच के साथ चलेगी, साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार
इस अवसर पर गाड़ी संख्या 04871, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच किए जाने तथा साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा का जैसलमेर तक विस्तार सहित कोच केयर कॉम्पलेक्स, जैसलमेर का शुभारम्भ किया गया।
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नियमित गाड़ी संख्या 26481/26482, जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा में दिनांक 24.05.2026 से 02 एक्जीक्यूटिव चेयरकार, 16 वातानुकूलित चेयरकार एवं 02 ड्राइवर पावर कार सहित कुल 20 कोच रहेंगे। इससे यात्रियों को अधिक सीट उपलब्ध होंगी तथा यात्रा सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
अपने संबोधन में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि रेल केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि देश की जीवनरेखा है तथा पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेलवे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और विशेषकर जोधपुर को रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विगत समय में बहुत सी सौगातें प्रदान की है, जिससे मारवाड़ क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जोधपुर, पोखरण और आस पास के क्षेत्रों में रेल कार्यों के लिए भी रेल मंत्री जी का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी रेल कार्यों के लिए रेल मंत्री जी का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। साथ ही उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी के ऊर्जा बचत के आह्वान का भी उल्लेख किया और सभी से इसमें सहयोग की अपील की।
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों की लंबे समय से अधिक रेल सेवाओं की मांग रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, मुंबई सहित कई प्रमुख शहरों के लिए नई रेल सेवाएं प्रारम्भ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में बनने वाला कोचिंग टर्मिनल रेलवे विकास में मील का पत्थर साबित होगा तथा भविष्य में देशभर से नई ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी। भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगले 10 महीनों में जोधपुर से हरिद्वार के लिए नई रेलसेवा प्रारम्भ करने की तैयारी चल रही है। राजस्थान में रेलवे विकास हेतु वर्तमान में लगभग ₹10,000 करोड़ का रिकॉर्ड बजट दिया जा रहा है, जबकि पूर्व में यह राशि मात्र ₹700-800 करोड़ थी।
रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में धांगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, लूनी-भिलड़ी, रेवाड़ी-खाटूवास एवं सवाई माधोपुर-जयपुर रेलखंडों पर डबलिंग कार्य प्रगति पर है। वहीं मारवाड़ जंक्शन-मावली गेज कन्वर्जन, टनल निर्माण एवं नई रेल लाइनों का कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है। पुष्कर एवं अंबाजी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने हेतु नई रेल लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
बेहतर रेल सुविधाओं के साथ बेहतर भविष्य की ओर
माननीय मंत्रियों द्वारा जैसलमेर में ₹67 करोड़ की लागत से निर्मित नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया गया। इस परियोजना से ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता में वृद्धि होगी, अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा तथा यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं प्राप्त होंगी।
स्वर्ण नगरी जैसलमेर पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोनार किला, पटवों की हवेली, बड़ा बाग एवं थार मरुस्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। नई रेल सुविधा से जैसलमेर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही चिकित्सा एवं शिक्षा हेतु जोधपुर एवं अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
माननीय रेल मंत्री ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत एवं शौर्य की झलक अब रेलवे स्टेशनों पर भी दिखाई देगी। जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, तथा लोगों से आग्रह किया कि एक बार जैसलमेर का स्टेशन ज़रूर देख कर आए। जयपुर स्टेशन को पिंक सिटी थीम पर विकसित किया जा रहा है तथा पाली स्टेशन का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि अब रेलवे स्टेशन शहर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में 25 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पूर्ण हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन एवं यात्रियों को व्यापक लाभ मिलेगा।
साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार
गाड़ी संख्या 20486, साबरमती-जैसलमेर प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह गाड़ी दिनांक 23.05.2026 से साबरमती से प्रातः 07.00 बजे रवाना होकर जोधपुर स्टेशन पर 14.40 बजे आगमन एवं 14.50 बजे प्रस्थान कर 20.30 बजे जैसलमेर पहुंचेगी।
इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20485, जैसलमेर-साबरमती प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा दिनांक 23.05.2026 से जैसलमेर से प्रातः 06.30 बजे रवाना होकर जोधपुर स्टेशन पर 11.40 बजे आगमन एवं 11.50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 20.00 बजे साबरमती पहुंचेगी।
कार्यक्रम के अंत में माननीय रेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राजस्थान को 200 से अधिक नई रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा राज्य रेलवे विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, बिलाड़ा विधायक अर्जुन राम गर्ग, विधायक फलौदी पब्बाराम राम बिश्नोई, शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ सहित मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि अधिकारी प्रेस मीडिया मौजूद रहे।
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के कन्या छात्रावास में वाटर कूलर-प्यूरीफायर किया भेंट
संस्थापक कुमार लालवानी ने बताया काफ़ी समय से छात्रावास में ठंडे पानी की मशीन (वाटर कूलर) की आवश्कता थी। छात्राओं को इस भयंकर गर्मी के मौसम में पीने के लिए शीतल पेयजल नहीं मिल रहा था। जिसकी वजह से ये छात्राएं शीतल पेयजल के लिए परेशान रहती थी। जिसे वहाँ के स्टाफ ने संगठन के संज्ञान में लाया जिस पर शुक्रवार को ठंडे पानी की मशीन और वाटर प्यूरीफ़ाई भेंट किया गया ताकि कॉलेज के स्टाफ और छात्राओं को पीने के लिए शुद्ध एवं निर्मल पेयजल मिल सके। ठंडे पानी की मशीन का सिंधी युवा संगठन के मुख्य संरक्षक और राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के द्वारा उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर डॉ अनिल सवारियां, डॉ सुनील, डॉ माथुर, डॉ हर्षवर्धन, डॉ अर्चना गर्ग, डॉ सुमन, डॉ मुनीश की उपस्थित रहे।
अध्यक्ष गौरव मिरवानी ने बताया यह सेवा कार्य भोजराज गंगवानी के सहयोग से किया गया है । मशीन 80 लीटर की लगाई गई है जिसमे एक समय में 200 लोग साफ़ और स्वच्छ ठंडा जल ग्रहण सकते हैं।
इस सेवा कार्य में सचिव नारायण सोनी (राजा), रमेश मोटवानी, विशाल शर्मा, राजेश गेहानी, पूजा तोलवानी, महक उदयरानी, भगवान सबलानी, भरत आलवानी, गौरव ख़ुशालानी, हरीश बच्चानी, रमेश टिलवानी,श्याम पारवानी आदि सदस्य मौजूद रहे।
आज का राशिफल व पंचांग : 23 मई, 2026, शनिवार
आज और कल का दिन खास
23 मई 2026 : मासिक दुर्गाष्टमी आज।
तपती धरती, झुलसता जीवन: हीटवेव की चुनौती
दिल्ली, मुंबई, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में रात का तापमान पहले की तुलना में लगातार बढ़ रहा है। गरीब बस्तियों में स्थिति और भी गंभीर है। वहां न हरित क्षेत्र हैं, न पर्याप्त जल आपूर्ति, न शीतलन के साधन। टीन की छतों वाले घर दिन में भट्ठी बन जाते हैं। गर्मी की मार सामाजिक असमानता को और गहरा करती है। अमीर वर्ग एयर कंडीशनर और बंद कमरों में राहत खोज लेता है, लेकिन मजदूर, रिक्शाचालक, रेहड़ी वाले और निर्माण कार्य में लगे श्रमिक खुले आसमान के नीचे झुलसते रहते हैं। विडंबना यह भी है कि गर्मी से राहत का सबसे लोकप्रिय साधन एयर कंडीशनर स्वयं संकट को बढ़ाने वाला कारक बनता जा रहा है। एक एयर कंडीशनर कमरे को ठंडा करता है, लेकिन बाहर उतनी ही गर्म हवा छोड़ता है। इसके साथ ही बिजली की खपत बढ़ती है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी कोयला आधारित ऊर्जा से आता है। रेफ्रिजरेंट गैसें अतिरिक्त ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करती हैं। इस प्रकार एक दुष्चक्र निर्मित हो गया है-गर्मी बढ़ती है, एसी बढ़ते हैं, उत्सर्जन बढ़ता है और फिर गर्मी और बढ़ जाती है।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव केवल तापमान तक सीमित नहीं है। यह कृषि, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक असर डाल रहा है। वैज्ञानिक अध्ययनों से संकेत मिले हैं कि बढ़ती गर्मी और अनिश्चित मौसम के कारण गेहूं, धान और अन्य फसलों की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। गर्म हवाएं पौधों की वृद्धि रोकती हैं, जल स्रोतों को सुखाती हैं और मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करती हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में खाद्य संकट भी गहरा सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी इसका गंभीर प्रभाव दिख रहा है। लू लगना, निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बाहर काम करने वाले श्रमिकों को है।
गर्मी का यह संकट सामाजिक और मानवीय संकट भी बन सकता है। जल स्रोतों के सूखने, कृषि संकट और जीवन परिस्थितियों के बिगड़ने से बड़े पैमाने पर पलायन बढ़ सकता है। जैव विविधता पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। अनेक जीव-जंतु और वनस्पतियां अपने प्राकृतिक आवास खो रही हैं। हजारों प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। केवल रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी करना पर्याप्त नहीं है। हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के प्रमुख विषय के रूप में स्वीकार करते हुए दीर्घकालिक नीतियां बनानी होंगी। सबसे पहले शहरों में हीट एक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। प्रत्येक शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण, छायादार मार्ग, सार्वजनिक प्याऊ और शीतलन केंद्रों की व्यवस्था आवश्यक है। स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों के समय निर्धारण में क्षेत्रीय तापमान को ध्यान में रखा जाना चाहिए। तीखी दोपहर में श्रमिकों के लिए कार्यावधि सीमित की जाए और उनके लिए विश्राम तथा पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य हो।
सरकार को भवन निर्माण नीति में भी परिवर्तन लाना होगा। पारंपरिक भारतीय वास्तुकला-हवादार घर, आंगन, मिट्टी आधारित निर्माण, हरित छतें और प्राकृतिक वेंटिलेशन को बढ़ावा देना चाहिए। कांच की चमचमाती इमारतों और ऊष्मा अवशोषित करने वाले निर्माणों पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। “कूल रूफ” तकनीक, वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा आधारित शीतलन प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वन संरक्षण और वृक्षारोपण केवल अभियान नहीं, राष्ट्रीय प्राथमिकता बनना चाहिए। शहरों में माइक्रो फॉरेस्ट, पार्क और हरित गलियारों का निर्माण किया जाए। जल निकायों और पारंपरिक तालाबों को पुनर्जीवित किया जाए क्योंकि वे स्थानीय तापमान नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन केवल सरकारें यह लड़ाई नहीं जीत सकतीं। आम जनता को भी अपनी भूमिका समझनी होगी। हमें उपभोगवादी जीवनशैली पर पुनर्विचार करना होगा। पानी का संयमित उपयोग, ऊर्जा की बचत, वृक्षारोपण, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण अब व्यक्तिगत विकल्प नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी हैं।
भारतीय समाज में कभी सार्वजनिक प्याऊ, छायादार विश्राम स्थल और जल सेवा की समृद्ध परंपरा थी। गर्मियों में राहगीरों के लिए जल की व्यवस्था पुण्य कार्य माना जाता था। आज उस परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। समाज, धार्मिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन मिलकर जल सेवा और राहत कार्यों का अभियान चला सकते हैं। गर्मी और जल संकट को राजनीति का विषय बनाने के बजाय सहयोग और समाधान का विषय बनाना होगा। जल विवादों और संसाधनों पर स्वार्थपूर्ण राजनीति भविष्य को और कठिन बनाएगी। आवश्यकता इस बात की है कि जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन को राष्ट्रीय सहमति का विषय बनाया जाए।
वर्ष 2026 की यह झुलसाती गर्मी हमें चेतावनी दे रही है कि यदि हमने अभी भी प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित नहीं किया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और विकराल होगी। पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, जैव विविधता नष्ट होगी, खाद्य संकट गहराएगा और मानव जीवन अधिक कठिन हो जाएगा। यह समय प्रकृति से संघर्ष का नहीं, उसके साथ सामंजस्य का है। हमें विकास की ऐसी दिशा चुननी होगी जिसमें पर्यावरण, मानव जीवन और भविष्य सुरक्षित रह सके। अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब सूरज की तपिश केवल असुविधा नहीं, अस्तित्व का संकट बन जाएगी।
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(ललित गर्ग)
लेखक,पत्रकार एवं स्तंभकार
ई-253, सरस्वती कंुज अपार्टमेंट
25 आई. पी. एक्सटेंशन, पटपड़गंज, दिल्ली-92
मो. 9811051133
अजमेर में स्पोर्ट्स स्कूल की मांग तेज, सांसद भागीरथ चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल और खेल मंत्री को लिखा पत्र
अजमेर संभाग के छह जिलों की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा लाभ, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर की अजमेर संभाग मुख्यालय पर आवासीय स्पोर्ट्स स्कूल स्थापित करने की मांग
अजमेर, 22 मई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा स्थानीय अजमेर सांसद ने अजमेर संभाग में खेल सुविधाओं के विस्तार और युवाओं को बेहतर खेल अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को पत्र लिखकर अजमेर में आवासीय स्पोर्ट्स स्कूल की स्थापना की मांग की है।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राजस्थान में वर्तमान में बीकानेर स्थित शार्दूल स्पोर्ट्स स्कूल ही प्रमुख आवासीय स्पोर्ट्स संस्थान के रूप में संचालित है, जबकि प्रदेश के विशाल भौगोलिक क्षेत्र और बढ़ती खेल प्रतिभाओं को देखते हुए प्रत्येक संभाग स्तर पर आधुनिक स्पोर्ट्स स्कूलों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि अजमेर शिक्षा, साहित्य, संस्कृति एवं भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऎसे में अजमेर संभाग मुख्यालय पर आवासीय स्पोर्ट्स स्कूल की स्थापना होने से अजमेर सहित नागौर, टोंक, भीलवाड़ा, ब्यावर एवं डीडवाना-कुचामन जिलों की खेल प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, आवासीय सुविधा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक साथ उपलब्ध हो सकेगी।
केंद्रीय मंत्री और अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार की वर्ष 2026-27 की विभागीय कार्ययोजना में अजमेर संभाग में स्पोर्ट्स स्कूल की स्थापना को प्राथमिकता देते हुए इसकी वित्तीय स्वीकृति जारी की जाए। साथ ही उन्होंने भविष्य में प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर स्पोर्ट्स स्कूल स्थापित करने की योजना को “विकसित राजस्थान” के विजन में सम्मिलित करने का भी अनुरोध किया। भागीरथ चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर राजस्थान के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।
जेएलएन अस्पताल बना आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केन्द्र- देवनानी
नेत्र रोग विभाग में आधुनिक मशीनों की सौगात
विधानसभा अध्यक्ष ने 2 करोड़ से अधिक लागत के अत्याधुनिक उपकरणों का किया लोकार्पण
संभाग के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधा
अजमेर, 22 मई। संभाग के सबसे बड़े राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से स्थापित अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का लोकार्पण किया। इन उपकरणों के माध्यम से विशेष रूप से नेत्र रोग विभाग में मरीजों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से स्थापित विभिन्न अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का शुभारंभ किया गया। इनमें 50 लाख रुपए लागत की ग्रीन लेज़र मशीन, 40 लाख रुपए की ओसीटी रेटिना मशीन, 50 लाख रुपए की फेको मशीन, 25 लाख रुपए का ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, 50 लाख रुपए का फील्ड एनालाइज़र तथा 5 लाख रुपए की वीईपी मशीन शामिल हैं।
इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से नेत्र रोगों की जांच एवं उपचार अधिक सटीक, त्वरित और प्रभावी हो सकेगा। इन मशीनों के स्थापित होने से नेत्र रोगों की जांच एवं उपचार अधिक सटीक, त्वरित और प्रभावी हो सकेगा। इससे संभाग भर से आने वाले हजारों मरीजों को राहत मिलेगी।
विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के जुड़ने से जांच एवं उपचार प्रक्रिया अधिक समयबद्ध और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों का आह्वान करते हुए कहा कि रोगी को सर्वाेपरि मानकर सेवा भावना से कार्य करें। चिकित्सा सेवा एक पुनीत कार्य है तथा आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग कर अधिकाधिक रोगियों को लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण दर्जा प्राप्त है और समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चिकित्सा जगत का दायित्व है।
श्री देवनानी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर निवेश एवं नवाचार किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप संभागीय स्तर पर भी उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो रही हैं। सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है और इसी दिशा में जेएलएन अस्पताल में नई तकनीकों एवं संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।
मेडिकल गल्र्स स्नातकोत्तर हॉस्टल में सिंधी युवा संगठन की ओर से छात्राओं की सुविधा के लिए वाटर कूलर भेंट किया गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने इस जनसहयोगात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों की सहभागिता से संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो पाता है तथा इससे विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामारिया ने अस्पताल में उपलब्ध कराई गई नई सुविधाओं एवं उपकरणों की जानकारी दी। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद खर्रे, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश पोरवाल सहित विभाग के चिकित्सक, रेजिडेंट एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्राध्यापक - विशेष शिक्षा (माध्यमिक शिक्षा विभाग) के 121 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी
अभ्यर्थी 1 जून से 30 जून तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
आरएएस परीक्षा-2024 के 74 प्रोविजनल अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ जमा करने का अंतिम मौका
सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024
आयोग ने जारी की न्यूरोलॉजी की विचारित सूची
एसआई भर्ती पुनः परीक्षा-2021 : फॉर्म अपडेट करने में आ रही कठिनाइयों पर आयोग का संवेदनशील निर्णय
अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए वेबसाइट पर डेटा उपलब्ध,एसएमएस से भी जा रहा अलर्ट
- फेच एप्लीकेशन का विकल्प- यदि किसी अभ्यर्थी ने अपनी पूर्व की एसएसओ आईडी बदल ली है, तो वे फेच एप्लीकेशन फार्म के माध्यम से अपना पुराना रिकॉर्ड नए प्रोफाइल में स्थानांतरित कर लें।
- निशुल्क करवा सकते है मोबाइल नंबर तथा ईमेल आइडी अपडेट- अभ्यर्थी अपने मोबाइल नंबर तथा ईमेल आइडी परिवर्तित होने के कारण ओटीपी वेरिफिकेशन में नहीं होने की स्थिति में आयोग कार्यालय से संपर्क कर इन्हें संशोधित करवाने के उपरांत एप्लीकेशन फेच कर सकते हैं। एसआई भर्ती पुनः परीक्षा-2021 के अभ्यर्थियों हेतु यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।
- नो-चेंज अभ्यर्थियों के लिए भी लॉग-इन अनिवार्य- जिन अभ्यर्थियों को अपने विवरण में कोई संशोधन नहीं करना है, उन्हें भी अनिवार्य रूप से एक बार अपना फॉर्म एडिट मोड में खोलना होगा। वहां अपनी लाइव फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठा निशानी के उपयोग की सहमति देनी होगी।
- ओटीपी आधारित फाइनल सबमिशन- सहमति के पश्चात फाइनल सब्मिट बटन पर क्लिक कर पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करना अनिवार्य है। इस अंतिम प्रमाणीकरण के बिना आवेदन की प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी।
- इस परीक्षा में केवल वही अभ्यर्थी सम्मिलित होने के पात्र हैं, जो पूर्व में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में उपस्थित रहे थे। भर्ती के अंतर्गत आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण, भर्ती परीक्षा स्कीम एवं सिलेबस तथा अन्य समस्त नियम व शर्तें 3 फरवरी 2021 को जारी मूल विज्ञापन तथा 7 जून 2021 को जारी शुद्धि-पत्र के अनुसार ही यथावत रहेंगी। अभ्यर्थी प्रामाणिक व अद्यतन सूचनाओं के लिए नियमित रूप से आयोग की वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
- जिन अभ्यर्थियों के विरूद्ध एसआई भर्ती परीक्षा-2021 की शुचिता भंग करने के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, उन्हें 16 मई से शुरू होने वाली एप्लीकेशन अपडेट प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे प्रकरण के तथ्यों का सूक्ष्मतापूर्वक अध्ययन करते हुये प्रत्येक प्रकरण पर विधिसम्मत निर्णय लिया जाकर तद्नुसार कार्यवाही कर परीक्षा आयोजन से पूर्व संबंधित अभ्यर्थियों को पृथक से सूचित किया जाएगा।
अजमेर डेयरी का बड़ा फैसलाः सरस दूध हुआ 2 रुपये लीटर महंगा
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी बोले- 'किसानों को नुकसान से बचाने के लिए मजबूरी में उठाया कदम'*
अजमेर: देश में बढ़ती अभूतपूर्व महंगाई और लगातार बढ़ती उत्पादन लागत के बीच अजमेर सरस डेयरी ने उपभोक्ताओं और पशुपालक किसानों के हितों में संतुलन बनाने के लिए एक बेहद कठिन लेकिन आवश्यक निर्णय लिया है। डेयरी को हो रहे भारी नुकसान से उबरने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी हमारे किसान भाईयों को बर्बादी से बचाने के लिए, अजमेर डेयरी ने बेहद मजबूरी वश आज से दूध की सभी किस्मों के विक्रय मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। इस फैसले के पीछे की वजहों को स्पष्ट करते हुए अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि डेयरी को यह कदम उठाना क्यों अनिवार्य हो गया था।अमूल और मदर डेयरी के नक्शेकदम पर चलने की मजबूरी :-
डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने विवशता जाहिर करते हुए बताया कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बड़ी डेयरी संस्था 'अमूल डेयरी' और उसके बाद केंद्र सरकार (NDDB) द्वारा संचालित 'मदर डेयरी' ने भी भारत सरकार की अनुमति मिलने के बाद अपने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। ऐसे में अजमेर सरस डेयरी के पास भी इस आर्थिक दबाव के बीच इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
किसानों को घाटे से बचाकर देश में सबसे ऊंचा खरीद मूल्य दे रही है डेयरी :-
यह स्पष्ट किया गया है कि हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ा है। किसानों पर इस महंगाई का बोझ न आए और उन्हें पशुपालन में कोई नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए अजमेर सरस डेयरी आज भी पूरे देश में दूध का उच्चतम खरीद मूल्य (लगभग 10 रुपये तक का अतिरिक्त बोनस) किसानों को चुका रही है।
सिर्फ अप्रैल महीने में डेयरी को हुआ 2.5 करोड़ का भारी घाटा :-
किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें लगातार ऊंचे दामों पर भुगतान जारी रखने के कारण अकेले पिछले महीने (अप्रैल) में अजमेर डेयरी को लगभग 2.5 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय हानि उठानी पड़ी है।लागत मूल्य में भारी उछाल (डीजल, गैस और पैकिंग मटेरियल की मार):-
दूध को गांवों से संकलित करने और विपणन (मार्केटिंग) का खर्च अब काफी बढ़ चुका है:-
वर्तमान में डीजल की दरों में लगभग रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
प्लांट संचालन में काम आने वाली PNG गैस के दाम 30 रुपये बढ़ गए हैं।
दूध की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले 'पैकिंग मटेरियल' (Packing Material) की कीमतें 30% से 40% तक महंगी हो चुकी हैं।
इन तमाम कारणों से डेयरी की लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसे अब और सहना संभव नहीं था।
डेयरी प्रबंधन ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि आर्थिक तंगी और घाटे के बावजूद दूध की शुद्धता और गुणवत्ता के मामले में अजमेर डेयरी आज भी पूरे देश में सर्वोच्च स्थान पर बनी हुई है।
सरकार से बड़ी मांगः राशन प्रणाली की तरह दूध भी मिले सस्ता :-
अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने आम जनता को महंगाई से स्थायी राहत देने के लिए एक अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि, "अगर भारत सरकार डेयरी व्यवसाय को भी कृषि में शामिल करती है, तो जिस प्रकार राशन में गेहूं, चावल, दालें आदि पर भारत सरकार हजारों करोड़ रूपए खर्च कर राशन प्रणाली के माध्यम से इन्हें सस्ती दर पर आम जनता को उपलब्ध करा रही है, ठीक उसी प्रकार दूध एवं दुग्ध उत्पाद भी सस्ती दर पर आम उपभोक्ता को मिल सकेंगे।"
भविष्य की विवशता पर भी डाला प्रकाश :-
अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि उपभोक्ता डेयरी की इस मजबूरी को समझेंगे और सहयोग करेंगे, ताकि क्रय-विक्रय का बाजार संतुलित रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में पेट्रोल. डीजल, PNG गैस और पैकिंग मटेरियल के दामों में और ज्यादा बढ़ोतरी होती है, तो डेयरी प्रबंधन को बेहद भारी मन से दूध के दाम आगे और भी बढ़ाने पड़ सकते हैं।
आईआईएम संभलपुर द्वारा ‘वेस्टर्न ओडिशा एबिलिटी समिट 2026’ का आयोजन
22 मई, 2026; संभलपुर: भारत के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में से एक, आईआईएम (IIM) संभलपुर ने एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) 'WE४YOU' के सहयोग से ‘वेस्टर्न ओडिशा एबिलिटी समिट २०२६’ की मेजबानी की। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय “पहुंच से आय तक: समावेशी आजीविका के लिए स्थानीय मार्ग” (From Access to Income: Local Pathways for Inclusive Livelihood) था, जिसमें २०० से अधिक दिव्यांगजनों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुगमता, नवाचार और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था, जो आईआईएम संभलपुर के मूल मूल्यों में से एक यानी 'समावेशिता' (Inclusivity) के बिल्कुल अनुरूप है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि आईआईएम संभलपुर का परिसर भी पूरी तरह से दिव्यांग-अनुकूल है।इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें श्री जयनारायण मिश्रा, विधायक, संभलपुर; प्रो. महादेव जैसवाल, निदेशक, आईआईएम संभलपुर; श्री टी.एम. प्रकाश, अध्यक्ष - मानव संसाधन प्रमुख (Head HR), डाउनस्ट्रीम बिजनेस, मुंबई, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड; और श्री प्रवीन वर्मा, सीईओ, टीपीडब्ल्यूओडीएल (TPWODL) शामिल थे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आईआईएम संभलपुर के निदेशक प्रो. महादेव जैसवाल ने कहा, “मैं प्रतिभागियों से यह याद रखने का आग्रह करता हूं कि सबसे बड़ी बाधा मानसिक है, शारीरिक नहीं। इसलिए, शारीरिक सीमाओं से परे देखें और एक अधिक समावेशी समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करें। आईआईएम संभलपुर में, हम एक ऐसा व्यावसायिक शिक्षा तंत्र (Business Education Ecosystem) विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो न केवल भारत की सेवा करे, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल बने।”
शिखर सम्मेलन में सभा को संबोधित करते हुए संभलपुर के विधायक श्री जयनारायण मिश्रा ने कहा, “मैं आईआईएम संभलपुर की इस उल्लेखनीय १० साल की यात्रा की सराहना करता हूं। संभलपुर में अपनी स्थापना के बाद से इस संस्थान ने जिस तरह से प्रगति की है और शिक्षा तथा नवाचार के माध्यम से सामुदायिक विकास और सामाजिक परिवर्तन में अपना योगदान देना जारी रखा है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।”
यह पहल सामाजिक प्रभाव, समावेशी विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के माध्यम से एक समावेशी भविष्य के निर्माण के प्रति आईआईएम संभलपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रकृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता : कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल
एमडीएस विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर व्याख्यान, पुस्तक विमोचन एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
अजमेर, 22 मई। महार्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को समर्पित विविध कार्यक्रमों, व्याख्यानों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन पर्यावरण विज्ञान विभाग, वनस्पति विज्ञान विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) तथा राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन की मूल आधारशिला है तथा इसके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन एवं प्राकृतिक आवासों के विनाश के कारण जैव विविधता गंभीर संकट का सामना कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा पर्यावरणीय चेतना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया। प्रो. अग्रवाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूज्य माना गया है। ऋग्वेद से लेकर कालिदास के साहित्य तक प्रकृति और मानव के सहअस्तित्व की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने अंतर्विषयी शोध को बढ़ावा देने तथा साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण को जोड़ते हुए “ईको-क्रिटिसिज्म” जैसे विषयों पर शोध कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. सुजीत नरवाडे, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) ने “अजमेर क्षेत्र में लेसर फ्लोरिकन पक्षी का संरक्षण” विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शोकलिया एवं आसपास के क्षेत्रों में पाए जाने वाले दुर्लभ एवं संकटग्रस्त पक्षी लेसर फ्लोरिकन के संरक्षण प्रयासों की जानकारी देते हुए उसके आवास, व्यवहार एवं संरक्षण चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संरक्षण कार्यों पर आधारित एक रोचक वीडियो भी प्रदर्शित किया, जिसे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने अत्यंत रुचि के साथ देखा।
पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रतो दत्ता ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण केवल वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। वहीं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद पारीक ने स्थानीय वनस्पतियों, औषधीय पौधों एवं पारंपरिक जैव संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर की जैव विविधता पर आधारित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इनमें एक पुस्तक परिसर की वृक्ष विविधता पर आधारित थी, जबकि दूसरी पुस्तक विश्वविद्यालय परिसर की समृद्ध जैव विविधता के सचित्र सूचीकरण से संबंधित थी।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डिजिटल इन्फोग्राफिक प्रतियोगिता में रिया खटीक ने प्रथम, तन्वी सिंह ने द्वितीय तथा अमीषा करवासरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। फोटोग्राफी प्रतियोगिता में वंशिका खीची प्रथम, कल्याण प्रसाद खंडेलवाल द्वितीय तथा प्राची शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। बर्ड ट्रिविया प्रतियोगिता में रूबी ने प्रथम, आयुषी मीणा ने द्वितीय तथा विकास जांगिड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं फ्लोरा ट्रिविया प्रतियोगिता में शालू चौधरी प्रथम, हिमांशु बकोलिया द्वितीय एवं सानिया खान तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम में प्रो. प्रवीण माथुर, प्रो. ऋतु माथुर, प्रो. आशीष भटनागर, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. राजू शर्मा, डॉ. सपना जैन, डॉ. श्रुति ओझा, डॉ. रेनू जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। अंत में सभी विजेताओं को बधाई देते हुए जैव विविधता संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों का संकल्प लिया गया।
गजेंद्र पंचोली भारत विकास परिषद से जुड़े
अजमेर। वरिष्ठ समाजसेवी गजेंद्र पंचोली ने हाल ही में भारत विकास परिषद, संयोगिता शाखा पंचशील, अजमेर की सदस्यता ग्रहण की। राजस्थान मध्य प्रांत के संयुक्त सचिव डॉ. सुरेश गाबा की प्रेरणा से उन्होंने परिषद से जुड़कर सामाजिक एवं सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।पंचोली ने कहा कि भारत विकास परिषद समाज सेवा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है, जिससे जुड़ना उनके लिए गौरव का विषय है।
इस अवसर पर कमल गंगवाल, विजय जैन पांड्या, राजेंद्र गांधी, गुंजन माथुर, गिरिराज माथुर सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने पंचोली को बधाई दी।
श्री खाटू श्याम मंदिर समिति के पदाधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस का ज्ञापन
अजमेर/ अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सौरभ यादव के नेतृत्व में विभाग के पदाधिकारीओ ने जिला कलेक्टर एवं जिला एसपी को जोरदार प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौपा। गौरतलब है कि अजमेर पुष्कर घाटी में श्री खाटू श्याम मंदिर समिति के नाम दर्ज एक गाड़ी ने भयंकर दुर्घटना करते हुए कोली समाज के रवि नामक एक युवक को कुचल दिया था जिससे उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई थी।अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस के अध्यक्ष सौरभ यादव ने ज्ञापन में इस दुर्घटना को लेकर मंदिर प्रशासन पर और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।यादव ने कहा की रवि अपने पूरे परिवार का लालन पालन कर रहा था। वह चार बहनों में इकलौता भाई था जिस पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।परिवार में दो बहनों की शादी अभी होना बाकी है और उनका मकान भी अभी कर्जे में है।ऐसे में परिवार से कमाऊ सदस्य का यूँ चला जाना बेहद दुखद है। उन्होंने मंदिर प्रशासन पर उंगली उठाते हुए कहा कि बड़े महंत लोगों को अपने प्रवाचनों में संयम,संस्कार और मर्यादा की बात कर्ता है परणतु जमीनी स्टार पर उनके खुद के चेले चापाटे भोग विलासीता की जिंदागी जी रहे होते हैं।गाड़ी में शराब एवं अन्य मादक पद्धार्थो का मिलना भी दुःखद है। यादव ने साफ कहा की यदी दोषी व्यक्तियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो विभाग बड़ा आंदोलन करेेगा और न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेगा। जिला कलेक्टर से मिलने के बाद उन्होंने विभाग को जल्द ही न्याय उचित करवाई करने का अशवासन दिया है।
जैव विविधता संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे- योगेश सोनी
हमें प्रकृति का विनाशक नहीं संरक्षक बनना होगा- भरत भार्गव
नसीराबाद। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो अजमेर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन श्री बालाजी आईटीआई , भवानी खेड़ा में किया गया। श्री बालाजी आईटीआई के संस्थापक योगेश सोनी ने कहा कि हमें जैव विविधता संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे इसके लिए हमे प्रकृति के अति दोहन को रोकना होगा, एकल यूज़ प्लास्टिक, रासायनिक खादो का उपयोग सीमित करते हुए जल, ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ वृक्षारोपण पर जोर देना होगा।कार्यक्रम में जानकारी देते केंद्रीय संचार ब्यूरो अजमेर के प्रभारी भरत भार्गव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर साल 22 में को मनाया जाता है, इसका उद्देश्य पृथ्वी पर जीवों और पारिस्थितिकी तंत्र की विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण को बढ़ावा देना है, भार्गव ने कहा कि जैव विविधता हमें शुद्ध हवा ,पानी, भोजन और जीवन रक्षक औषधीय प्रदान करती है इसलिए हमारी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है हमें प्रकृति का विनाशक नहीं संरक्षक बनना होगा।
कार्यक्रम में युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया गया कि जैव विविधता हमें शुद्ध हवा, पानी, भोजन और जीवन रक्षक औषधियाँ प्रदान करती है। हमारा अस्तित्व प्रकृति से है, इसलिए हमारी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। हमें अब प्रकृति का विनाशक नहीं, बल्कि उसका सच्चा संरक्षक बनना होगा। कार्यक्रम में दी गई जानकारी के आधार पर मौखिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई विजेता प्रतिभागियों को विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।















