गुरुवार, 22 जनवरी 2026
वार्डों के आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव हो
स्वामी न्यूज की ओर से नगर निगम के वार्डों में पार्शदों का रिपोर्ट कार्ड लिए जाने के दौरान एक विचार निकल कर आया है। वो यह कि वार्डों में विभिन्न वर्गों की जनसंख्या के आधार पर आरक्षण होना चाहिए। असल में हर बार लॉटरी के जरिए विभिन्न वर्गों का आरक्षण निर्धारित किए जाने की वजह से पार्शद पूरी षिद्दत के साथ विकास कार्य करने में रूचि नहीं लेते, क्योंकि उन्हें आषंका होती है कि अगली बार उन्हें मौका नहीं मिलेगा। अगर विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए वार्डवार जनसंख्या के आधार पर आरक्षण फिक्स किया जाए तो इससे निर्वाचित पार्शद इस उम्मीद में बेहतर से बेहतर काम करवाएगा, कि उसे दुबारा मौका मिलेगा। इससे विकास कार्य और अधिक होंगे। ज्ञातव्य है कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था विधानसभा चुनाव में है। इस कारण निर्वाचित विधायक पूरी ईमानदारी से काम करवाते हैं, क्यांें कि उन्हें अगली बार फिर चुनाव लडने की उम्मीद होती है। अजमेर की ही बात करें तो यहां जनता दोनों विधायकों के काम से संतुश्ट हो कर उन्हें लगातार जितवा रही है। रहा सवाल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का तो इसकी जिम्मेदारी या तो राजनीतिक दलों पर आयद की जाए, या फिर उसकी लॉटरी निकाली जाए।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें