अविनाश सनाढ्य बने महासचिव, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
नाथद्वारा। अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन के तत्वावधान में राजस्थान इकाई के गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक श्रीनाथजी मंदिर मंडल प्रांगण में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अजयदीप सिंह ने की, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े खिलाड़ी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वदेशी खेलों के महत्व पर हुआ मंथन बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव आनंद किशोर सक्सेना ने स्वदेशी खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन देशभर में लगभग 70 प्रमुख तथा 200 से अधिक पारंपरिक व ग्रामीण खेलों को प्रोत्साहित कर रहा है। वर्तमान में 12 राज्यों में इसकी इकाइयां सक्रिय हैं, जहां स्थानीय परंपराओं और संस्कृति से जुड़े खेलों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल, जो ओलंपिक चार्टर में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी मंच प्रदान कर नई पहचान दी जा रही है।
राजस्थान में नई इकाई से बढ़ेगी गतिविधियां
इस अवसर पर राजस्थान में पहली बार इकाई गठन को लेकर उत्साह व्यक्त किया गया। सर्वसम्मति से अविनाश सनाढ्य को राजस्थान इकाई का महासचिव नामित किया गया, जिसका सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वागत किया। संगठन ने उनसे प्रदेश में स्वदेशी खेलों के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
अतिथियों का मार्गदर्शन व सम्मान
बैठक में उत्तर प्रदेश नॉन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह एवं जिला पिट्टू एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। शैलेंद्र प्रताप सिंह ने स्वदेशी खेलों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अजयदीप सिंह द्वारा संगठन का साहित्य, डायरी, चाबी का गुच्छा एवं कैलेंडर भी पदाधिकारियों को भेंट किए गए।
जल्द सक्रिय होगी राजस्थान इकाई
अंत में धर्मवीर सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राजस्थान इकाई शीघ्र ही सक्रिय होकर स्वदेशी खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। यह बैठक प्रदेश में पारंपरिक खेलों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

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