उनका जन्म जयपुर में 4 जनवरी 1969 को हुआ। उन्होंने गणित में एम फिल की डिग्री हासिल की। 1991 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ। राजस्थान में अनेक जिलों में उच्च पदों पर काम किया। उनका राज्य प्रशासनिक सेवा में 1998, 2009, 2011 में पदोन्नत किया गया। अजमेर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के पद पर काम किया। इसके बाद आईएएस बनाए गए। उन्होंने 4 सितंबर 2024 को खैरथल-तिजारा जिले के कलक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था। यहां कार्यकाल के दौरान उनके पैरों में तेज दर्द रहने लगा और घुटने की समस्या भी बढ़ती चली गई। स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्होंने सरकार से तबादले का अनुरोध किया, जिसके बाद 25 नवंबर 2025 को उनका स्थानांतरण उनके गृह शहर अजमेर कर दिया गया। अजमेर में उन्हें राजस्व मंडल में सदस्य के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया था। अजमेरनामा न्यूज पोर्टल उनको अश्रुपूरित श्रद्धांजली अर्पित करता है।
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
जनप्रिय अफसर श्री किशोर कुमार का देहावसान
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
आखिर कब होगी एडीए अध्यक्ष की नियुक्ति?
यह सर्वविदित ही है कि पहले यूआईटी हो या अब एडीए, शहर के विकास के नए आयाम स्थानीय राजनीतिक व्यक्ति के अध्यक्ष रहने पर स्थापित हुए हैं। जब भी प्रशासनिक अधिकारी के हाथों में कमान रही है, विकास की गति धीमी हुई है। इसके अनेक उदाहरण हैं। वजह ये है कि जिला कलेक्टर या संभागीय आयुक्त के पास अध्यक्ष का भी चार्ज होने के कारण वे सीधे तौर पर कामकाज पर ध्यान नहीं दे पाते। वैसे भी उनकी कोई विशेष रुचि नहीं होती। वे तो महज औपचारिक रूप से नौकरी को अंजाम देते हैं। उनके पास अपना मूल दायित्व ही इतना महत्वपूर्ण होता है कि वे टाइम ही नहीं निकाल पाते। निचले स्तर के अधिकारी ही सारा कामकाज देखते हैं। इसके विपरीत राजनीतिक व्यक्ति के पास अध्यक्ष का कार्यभार होने पर विकास के रास्ते सहज निकल आते हैं। एक तो उसको स्थानीय जरूरतों का ठीक से ज्ञान होता है। इसके अतिरिक्त जनता के बीच रहने के कारण यहां की समस्याओं से भी भलीभांति परिचित होता है। वह किसी भी विकास के कार्य को बेहतर अंजाम दे पाता है। प्रशासनिक अधिकारी व जनता के प्रतिनिधि का आम जन के प्रति रवैये में कितना अंतर होता है, यह सहज ही समझा जा सकता है। राजनीतिक व्यक्ति इस वजह से भी विकास में रुचि लेता है, क्योंकि एक तो उसकी स्थानीय कामों में दिलचस्पी होती है, दूसरा उसकी प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती है। उनका प्रयास ये रहता है कि ऐसे काम करके जाएं ताकि लोग उन्हें वर्षों तक याद रखें और उनकी राजनीतिक कैरियर भी और उज्ज्वल हो।
इस बात के प्रमाण हैं कि जब भी न्यास के अध्यक्ष पद पर कोई राजनीतिक प्रतिनिधि बैठा है, शहर का विकास हुआ है। चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की। हर न्यास अध्यक्ष ने चाहे शहर के विकास के लिए, चाहे अपनी वाहवाही के लिए, काम जरूर करवाया है। पृथ्वीराज चौहान स्मारक, सिंधुपति महाराजा दाहरसेन स्मारक, लवकुश उद्यान, झलकारी बाई स्मारक, वैकल्पिक ऋषि घाटी मार्ग, अशोक उद्यान, राजीव उद्यान, गौरव पथ, महाराणा प्रताप स्मारक सहित अनेक आवासीय योजनाएं उसका साक्षात प्रमाण हैं। सरकारों की अरुचि अथवा कोई अन्य मजबूरी हो सकती है, मगर अध्यक्ष की नियुक्ति समय पर न होना अजमेर शहर के लिए नुकसानदेह है। महत्वपूर्ण ये नहीं है कि नियुक्ति के दावेदारों को इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि महत्वपूर्ण ये है कि शहर के विकास में अहम भूमिका अदा कर सकने वाली इस विशेष संस्था की निष्क्रियता से शहर का विकास अवरुद्ध हो रहा है। ये उतना महत्वपूर्ण नहीं है कि दावेदारों की अपेक्षा पूरी हो, बल्कि जरूरी ये है कि अजमेर वासियों की अपेक्षाएं पूरी हों।
वर्तमान में प्राधिकरण प्रशासनिक अधिकारियों भरोसे ही चल रहा है। ऐसे में विकास तो दूर रोजमर्रा के कामों की हालत भी ये है कि जरूरतमंद लोग चक्कर लगा रहे हैं और किसी को कोई चिंता नहीं। नियमन और नक्शों के सैंकड़ों काम अटके पड़े हैं। स्पष्ट है कि विकास अवरुद्ध हुआ है। यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि प्राधिकरण गठित होने की वजह से भविष्य में विकास की रफ्तार तेज होने की आशा बलवती हुई थी। वजह ये कि प्राधिकरण का क्षेत्र काफी बड़ा हो गया था। इसके तहत किशनगढ़ और पुष्कर शहर के अतिरिक्त 118 गांव भी इसका हिस्सा बन गए। यानि कि प्राधिकरण यूआईटी की तुलना में एक उच्च शक्ति वाली संस्था बन गई। न्यास अध्यक्ष को 25 लाख रुपए और सचिव को दस लाख रुपए के वित्तीय अधिकार थे, मगर अध्यक्ष और कमिश्नर (सचिव) दोनों के वित्तीय अधिकार एक-एक करोड़ रुपए हो गए। इसमें सरकार की ओर से घोषित एक चेयरमैन के अलावा एक सचिव और 19 सदस्यों का प्रावधान है। 19 सदस्यों में से 12 सदस्य अधिकारी और 7 सदस्य राजनीतिक नियुक्तियों के रखने का प्रावधान है। जैसे ही प्राधिकरण का गठन हुआ तो सभी समाचार पत्रों में यह शीर्षक सुर्खियां पा रहा था कि अब लगेंगे अजमेर के विकास को पंख। उम्मीद जताई गई थी कि सही योजनाएं बनीं और तय समय में काम पूरे हुए तो एक दशक में ही अजमेर महानगर में तब्दील हो सकता है। इसके ठोस आधार भी हैं। प्राधिकरण की सीमाएं किशनगढ़ औद्योगिक क्षेत्र तक हैं, यानि केंद्रीय विद्यालय तक हमारी पहुंच हो गई है। बाड़ी घाटी अब प्राधिकरण का हिस्सा है, यानि विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बने पुष्कर तीर्थ को हम विकास की दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं दे सकते हैं। ब्यावर रोड पर सराधना और नारेली तीर्थ हमारी सीमा में आ जाने से हम कई दृष्टि से विकसित हो जाएंगे। हवाई अड्डा तो गेगल निकलते ही हम छू लेंगे। कुल मिला कर अजमेर विकास प्राधिकरण का गठन अजमेर के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता था। मगर वह इस कारण नहीं हो पा रहा कि पिछली बार भी नियुक्ति में देरी हुई, इस बार भी हो रही है।
कुल मिला कर जब तक प्राधिकरण के सदर पद पर किसी राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति नहीं होती, तब तक अजमेर का विकास यूं ही ठप पड़ा रहेगा।
रविवार, 29 मार्च 2026
पूर्व लोकप्रिय पार्षद श्री दीपेन्द्र लालवानी का देहावसान
रविवार, 22 मार्च 2026
निर्यापक मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज संसघ का हुआ केसरगंज में भव्य मंगल प्रवेष
अजमेर 22 मार्च ( ) समाधीष्ठ आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महा-मुनिराज एवं आचार्य 108 श्री समय सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य निर्यापक मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज संसघ का भव्य मंगल प्रवेश अलवर गेट से केसरगंज स्थित श्री 1008 पार्ष्वनाथ दिगम्बर जैसवाल जैन मन्दिर पर हुआ।उत्सव एवं प्रचार प्रसार संयोजक दीपक जैन कोठारी ने बताया कि महाराज संसघ बुन्देलखण्ड से विहार करते हुए रविवार को प्रातः 08ः00 बजे श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैसवाल जैन मंदिर जी केसरगंज में जुलूस के रूप में पहंुचे जहॉं ब्राहमी महिला मण्डल, आदि सृष्टि महिला मण्डल, सुनन्दा महिला मण्डल द्वारा महाराज श्री की मंगल कलष के साथ अगवानी की गई। श्री 1008 पार्ष्वनाथ दिगम्बर जैसवाल जैन मन्दिर कमेटी के सभी सदस्य व पदाधिकारियों द्वारा मंदिर जी पर महाराज संसघ की भव्य अगवानी की गयी एवं पाद् पक्षालन कर आरती उतारी गयी। मंगल जुलूस में महिलाऐं, पुरूष व बच्चे हाथो में ध्वजा लेकर जयघोष के साथ चले। तत्पश्चात् प्रातः 9ः00 बजे मदन गोपाल रोड, दैनिक नवज्योति वाली गली केसरगंज में एक विशाल धार्मिक सभा का आयोजन हुआ जहॉं निर्यापक मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज के प्रवचन हुए।
इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए निर्यापक मुनि 108 श्री योगसागर जी महाराज संसघ ने कहा कि मानव जीवन में अनेक दुख सुख आते रहते है। सच्चा मानव एवं भक्त वही है जो सुख के दिन में भी परम पिता परमेष्वर को याद करता है यदि वह सुख के दिनो में प्रभु का स्मरर्ण करता है ऐसे भक्त के जीवन में कभी दुख नहीं आते है। इस अवसर पर उपस्थित यभ्सी माताओं व बहनो एवं महानुभावो को आर्षीवाद प्रदान किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष सुनील कुमार ढिलवारी, मंत्री सुनील साहबजाज, प्रसार प्रसार व उत्सव संयोजक दीपक जैन कोठारी, कपिल दनगसिया, योगेन्द्र कोलानायक, राकेश घीया सहित समस्त मंदिर कमेटी व समाज बन्धु उपस्थित रहे।
(दीपक जैन कोठारी)
उत्सव संयोजक
मो. 8209302264
अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, जिला शाखा अजमेर
वैश्य समाज ने पुष्कर महायज्ञ में लिया सहभाग, दिया एकता व संस्कार का संदेश
अजमेर 20 मार्च / पावन तीर्थ पुष्कर में आयोजित हो रहे भव्य शत (100) गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन अजमेर द्वारा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सहभाग किया गया। आतंकवाद के शमन, हिन्दू राष्ट्र निर्माण एवं विश्व कल्याण के उद्देश्य से यज्ञ सम्राट महा मंडलेश्वर प. पू. स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के सान्निध्य में चल रहे इस दिव्य अनुष्ठान में वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों एवं वैश्य बंधुओं ने विधिवत परिक्रमा एवं पूजन कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा संत निवास में महाराज श्री के दर्शन एवं आशीर्वचन का लाभ प्राप्त किया इस अवसर पर उपस्थित वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने महामंडलेश्वर संत श्री प्रखर जी महाराज का माल्यार्पण कर व शॉल व दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन भी किया तथा पुष्कर की पावन धरा पर विश्व कल्याण हेतु किये जा रहे महायज्ञ के लिए आभार व्यक्त किया l
इस अवसर पर वैश्य समाज के प्रमुख पदाधिकारी मुख्य संरक्षक कालीचरण दास खंडेलवाल, संरक्षक रमेशचंद अग्रवाल,जिलाध्यक्ष रमेशचंद तापड़िया, जिला महामंत्री उमेश गर्ग, प्रदेश मंत्री सूरज नारायण लखोटिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश चंद गोयल एवं शैलेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र मित्तल, कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता, युवा उपाध्यक्ष दीपक चोपड़ा, प्रमोद डीडवानिया, विष्णु प्रकाश गर्ग, दिनेश प्रणामी, कमल बानुड़ा, लोकेश सोजतिया, सुरेश राठी सहित अनेक वैश्य बंधुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने महायज्ञ के मुख्य यजमान श्री चंद्रप्रकाश जी दुबे से भी मुलाकात की तथा उनका माल्यार्पण कर व दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया l
संत प्रखर जी महाराज ने प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि ऐसे पावन अनुष्ठान समाज में एकता, संस्कार एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करते हैं। हमें अपने धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान हेतु सदैव संगठित होकर कार्य करना चाहिए।
भवदीय
उमेश गर्ग
जिला महामंत्री
9829793705
ईद की खुशियों में शामिल हुआ नव पंख संस्था का परिवार
इस पावन अवसर पर जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के साथ मिलकर ईद का त्योहार बड़े ही प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया गया।
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की जिला कार्यकारिणी घोषित
अजमेर 20 मार्च ( ) अग्रवाल समाज का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले एक मात्र संगठन अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष श्री गिरीश गर्ग व प्रदेश महामन्त्री श्री सन्मति हरकारा की अनुमति व प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अशोक पंसारी की अनुशंसा पर संस्था की अजमेर जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें डॉ विष्णु चौधरी को जिलाध्यक्ष, अनिल कुमार गोयल (बाड़मेर वाले) को जिला महामंत्री व राजकुमार गर्ग को जिला कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है l
नवगठित कार्यकारिणी इस प्रकार है :-अध्यक्ष:- डॉ विष्णु चौधरी
महामंत्री:- अनिल कुमार गोयल (बाड़मेर वाले)
कोषाध्यक्ष:- राजकुमार गर्ग
संरक्षक :- रमेशचंद अग्रवाल, सीताराम गोयल, घनश्याम अग्रवाल (किशनगढ़), अनिल कुमार मित्तल (केकड़ी), गोविंद स्वरूप जिन्दल (नसीराबाद), कमल अग्रवाल (पुष्कर), हनुमान दयाल बंसल, सुरेश चंद गोयल, दीपचंद श्रीया व आनंद प्रकाश गोयल
वरिष्ठ उपाध्यक्ष:- शैलेंद्र अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, गोपालकृष्ण सिंघल (नसीराबाद), अमित अग्रवाल (किशनगढ़), हरनारायण बसंल (पुष्कर), अजेयपाल चौधरी, शिवशंकर फतहपुरिया, सुनील कुमार गोयल, विमल कुमार गर्ग व जगदीश प्रसाद गर्ग
सचिव:- राजेंद्र अग्रवाल, अजय अग्रवाल, संदीप बंसल, संदीप अग्रवाल (नसीराबाद), कैलाशचंद अग्रवाल (केकड़ी), प्रदीप अग्रवाल, (किशनगढ़), प्रदीप बंसल, राजेंद्र मित्तल, अशोक बिंदल व कैलाशचंद अग्रवाल अंकल (किशनगढ़)
संगठन सचिव :- अगम प्रसाद मित्तल, दिनेश प्रणामी, जंवरीलाल बंसल, सत्यप्रकाश अग्रवाल (किशनगढ़), विनय कुमार गुप्ता, महेंद्र जैन मित्तल, मनीष बंसल, सुरेश गोयल, अमित डाणी व संजय कुमार टकसाली
सलाहकार:- एडवोकेट गणेशीलाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार गोयल (सी ए), अजीत कुमार अग्रवाल (सी ए), भारत भूषण बंसल (सी ए), गोपाल चंद गोयल (काँच वाला), शंकर लाल बंसल, एडवोकेट लोकेश अग्रवाल, एस पी मित्तल, एडवोकेट अजय गोयल व लक्ष्मी नारायण अग्रवाल (किशनगढ़)
कार्यकारिणी सदस्य:- अनिल कुमार मित्तल, बालकिशन मित्तल, योगेश अग्रवाल, हर्ष बंसल, मोहनदास रायपुरिया, पंकज सिंघल, बाबूलाल अग्रवाल, सुनील कुमार गर्ग, महेश अग्रवाल, हनुमान प्रसाद श्रीया, शिवशंकर अग्रवाल, श्रीराम फतहपुरिया, दिलीप अग्रवाल (पुष्कर), कैलाश चंद अग्रवाल, विष्णु मंगल, ओमप्रकाश गर्ग (गोटा वाले) व पियूष मित्तल
भवदीय
डॉ विष्णु चौधरी
अध्यक्ष
9414004757
नाथद्वारा स्वदेशी खेलों के संवर्धन को मिली नई दिशा, राजस्थान इकाई गठन की बैठक संपन्न
अविनाश सनाढ्य बने महासचिव, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
नाथद्वारा। अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन के तत्वावधान में राजस्थान इकाई के गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक श्रीनाथजी मंदिर मंडल प्रांगण में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अजयदीप सिंह ने की, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े खिलाड़ी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वदेशी खेलों के महत्व पर हुआ मंथन बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव आनंद किशोर सक्सेना ने स्वदेशी खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन देशभर में लगभग 70 प्रमुख तथा 200 से अधिक पारंपरिक व ग्रामीण खेलों को प्रोत्साहित कर रहा है। वर्तमान में 12 राज्यों में इसकी इकाइयां सक्रिय हैं, जहां स्थानीय परंपराओं और संस्कृति से जुड़े खेलों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल, जो ओलंपिक चार्टर में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी मंच प्रदान कर नई पहचान दी जा रही है।
शौर्य के ओजस्वी संवादों से गूंज उठा नाट्यवृंद का पटल
नाट्यवृंद द्वारा अभिनय के रंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
अजमेर/ कला व साहित्य के प्रति समर्पित संस्था नाट्यवृंद द्वारा 41 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आभासी पटल पर आयोजित ‘अभिनय के रंग‘ प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चैहान, बिरसा मुंडा, चन्दवरदाई, पन्ना धाय, हाड़ी रानी, लक्ष्मीबाई, मीरांबाई, बिशनी देवी, रानी कर्णावती जैसे प्रेरक पात्रों का प्रभावी अभिनय शूरवीरों और बलिदानियों के शौर्य से सराबोर ओजस्वी संवादों से गुंजायमान हो गया पटल। संयोजक उमेश कुमार चौरसिया व डाॅ पूनम पाण्डे ने बताया कि बाल, युवा व प्रोढ़ तीन वर्गाें में 4 वर्ष से 75 वर्ष आयु के 38 कलाकारों ने भाग लिया। निर्णायक प्रसिद्ध फिल्म कलाकार विशाल भट्ट और अभिनेत्री झिलमिल भट्ट द्वारा चयनित तीनों वर्ग के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को संस्था द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
इनमें फलक शर्मा, हितेश मेघवंशी, प्रियंका, कायरा, निष्ठा सोनी, खुशी शर्मा, यश्मिता, कीर्ति चैधरी, शिवी बागदी, हर्षवी हरवानी, ग्रेहा, वासु भटनागर, दिव्यांश, याशिका, डाॅ उदित चैहान, दानिश, जयनिल, वियान, राघव, दिव्या, लक्षिता, संदीप पांडे, सुमन शर्मा, पुष्पा शर्मा, डाॅ सुधा मित्तल, पुष्पा क्षेत्रपाल, राधिका प्रजापति, डाॅ छाया, राजेश शर्मा, सुदीक्षा, भारवी, मासूमा, पूर्णिमा पाठक, प्रतिभा जोशी आदि ने अभिनय प्रतिभा की प्रस्तुति दी। सभी कलाकारों के लिए संस्था द्वारा एक दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा।
मंगलवार, 17 मार्च 2026
छोटे से गांव से उठ कर कैसे बने बडे शक्ति केन्द्र: भंवर सिंह पलाडा?
एक वक्त था जब पलाड़ा अजमेर में आए तो जिले में पहले से जमे हुए भाजपा नेताओं की कोशिश यही रहती थी कि उन्हें किसी भी तरह से आगे न बढने दिया जाए। मगर लक्ष्य साधने में अर्जुन की माफिक एकाग्र पलाड़ा ने भी ठान रखी थी कि एक बार जो राजनीतिक यात्रा शुरू की है तो फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखना है। उन्होंने सबसे पहला धमाका तब किया जब पुष्कर विधानसभा सीट का टिकट न मिलने पर निर्दलीय खड़े हो कर तकरीबन तीस हजार वोट हासिल कर लिए और नतीजतन भाजपा के दिग्गज नेता रमजान खान हार गए। धुन के पक्के पलाड़ा ने तय कर लिया था कि राजनीति में अहम स्थान बनाना ही है। भाजपाइयों ने साथ नहीं दिया फिर भी अपने दम पर एकला चालो रे की तर्ज पर चलते रहे। एक बार अपने जन्मदिन पर जब उन्होंने राष्ट्र रक्षा संकल्प रैली निकाली, जिसमें जिलेभर से आए 25 हजार से अधिक देशभक्तों ने शिरकत की। अकेले उनके दम पर ही जब भारी भीड़ उमड़ी तो सभी चकित रह गए। इससे पूर्व 28 फरवरी, 2004 को राजपूत समाज में राजनीतिक चेतना जागृति के लिए विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें जिलेभर के 12 हजार समाज बंधुओं ने भाग लिया।
उनकी संगठन शक्ति को देख कर स्थानीय भाजपा नेता भी समझ गए थे कि इस आंधी को रोका नहीं जा सकेगा। स्थानीय भाजपा नेताओं को बड़ी तकलीफ होती थी कि यह शख्स आगे आया तो उनका वजूद खतरे में पड़ जाएगा। वे तो चाहते ही नहीं थे कि उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट मिले, मगर पार्टी के बड़े नेता जानते थे कि इस युवा नेता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा। उनको टिकट दिया गया और उनकी जीत भी सुनिश्चित थी, मगर भाजपा के बागी श्रवण सिंह रावत ने उनके विधानसभा जाने के मार्ग में बाधा डाल दी। इसके बाजवूद श्री पलाड़ा ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार सक्रिय बने रहे। फिर पत्नी को जिला प्रमुख बना कर ही दिखाया कि वे कुशल रणनीतिकार हैं। उन्होंने पहले से जमे हुए भूतपूर्व जलदाय मंत्री स्वर्गीय प्रो. सांवरलाल जाट, भूतपूर्व सांसद स्वर्गीय प्रो. रासासिंह रावत सरीखे अनेक ऐसे नेताओं के मुंह बंद कर दिए हैं, जो कि उनके नाम पर नाक-भौं सिकोड़ते थे। उसके बाद उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुशील कंवर पलाडा मसूदा की विधायक बनीं। तत्पश्चात एक बार फिर धर्मपत्नी को जिला प्रमुख बना कर उन्होंने साबित कर दिया कि वे राजनीति के कुशल रणनीतिकार हैं।
ऊर्जा से ओतप्रोत, क्रांतिकारी विचार, कुछ कर गुजरने का जज्बा और अद्भुत संगठन शक्ति के धनी पलाड़ा गरीबों व असहायों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। आध्यात्मिक विचारों से ओतप्रोत पलाड़ा की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि वे पर्याप्त दमखम के बावजूद बिलकुल सहज हैं। पिछले कई वर्षों से शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो, जब उनके दर पर मदद को आया जरूरतमंद खाली हाथ लौटा हो। धर्म-कर्म में विशेष आस्था रखने वाले पलाड़ा अब तक अनेक शिव परिवार स्थापित कर चुके हैं। उनके मन हर वक्त दान-पुण्य करने की भावना रहती है। जैसे ही सर्दी बढ़ती है, वे निकल पड़ते हैं गरीब व जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र और भोजन सामग्री बांटने।
नागौर जिले के पलाड़ा गांव में स्वर्गीय श्री पीरू सिंह राठौड़ के घर 25 जून 1970 को जन्मे पलाड़ा ने स्नातक स्तर तक शिक्षा अर्जित की है। परम शिवभक्त पलाड़ा की व्यावसायिक फर्मों में शिव शक्ति रॉयल्टीज प्रा. लिमिटेड, शिव कृपा साल्ट्स इंडस्ट्रीज, शिव कृपा मार्बल्स, मकराना और ओम शिव शक्ति एसोसिएट्स, भंवर सिंह पैलेस शामिल हैं। समाजसेवा की भावना से उन्होंने प्रिंट व इलैक्ट्रोनिक मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा है और अजमेर में सांध्य दैनिक सरे-राह समाचार पत्र और सरे-राह न्यूज चौनल का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं।
राजपूत समाज में भी उन्होंने समाजसेवा के जरिए विशेष स्थान बनाया है। वे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, अजमेर के संभाग प्रभारी, राजपूत सामूहिक विवाह समिति, पुष्कर के संरक्षक, मेजर शैतानसिंह राजपूत छात्रावास व शिक्षण संस्थान, अजमेर के मुख्य संरक्षक, श्री क्षत्रिय प्रतिभा विकास व शोध संस्थान, अजमेर के संरक्षक सदस्य, राजपूत एकता मंच के सरंक्षक और राजपूत स्टूडेन्ट यूथ ऑर्गेनाइजेशन, राजस्थान के प्रधान संरक्षक हैं।
राजनीति के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। वे बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, अजमेर के सदस्य, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सीनेट सदस्य, भारत स्काउट एंड गाइड, अजमेर मंडल के उप प्रधान रहे हैं। पृथ्वीराज चौहान शिक्षण संस्थान, सॉफ्ट वालीबॉल एसोसिएशन, अजमेर, राजस्थान ताईक्वांडो एसोसिएशन, अजमेर और अजमेर जिला शूटिंग वालीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। वे लायंस क्लब के सदस्य और युवा निर्माण सेना, युवा नवनिर्माण सेना और अजमेर जिला कोरियर एसोसिएशन के संरक्षक हैं।
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
नवपंख संस्थान द्वारा जरूरतमंदों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक होली उत्सव का आयोजन
अजमेर। सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध नवपंख संस्थान ने होली के पावन अवसर पर दिनांक 3/03/2026 को शहर के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के लोगों के साथ रंगोत्सव मनाकर समाज में प्रेम, सद्भाव और समानता का संदेश दिया।
नवसंवत्सर महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की बैठक सम्पन्न
ब्यावर। आगामी नवसंवत्सर महोत्सव के उपलक्ष्य में नवसंवत्सर चैत्र शुक्ला प्रतिपदा 2083 की पूर्व संध्या 18 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले दीपदान एवं भव्य आयोजन को लेकर आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार शाम तालाब की पाल स्थित सुभाष उद्यान में आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित एवं जनसहभागिता के साथ आयोजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रजत चौधरी की मित्तल हॉस्पिटल में नियमित सेवाएं प्रारंभ
अजमेर, 6 मार्च () कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रजत चौधरी ने मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पुष्कर रोड अजमेर में अपनी नियमित सेवाएं शुरू कर दी हैं।एक सादा समारोह में हॉस्पिटल के निदेशक सुनील मित्तल ने बुके भेंट कर कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रजत चौधरी का स्वागत किया एवं हॉस्पिटल में उनके सुखद प्रवास की कामना की।
इस अवसर पर हॉस्पिटल की वाइस प्रेसीडेंट (आॅपरेशन) डॉ विद्या दायमा ने डॉ. रजत चौधरी का हॉस्पिटल के अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों से परिचय कराया। उन्होंने बताया कि डॉ. रजत चौधरी मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। डॉ रजत चौधरी ने एमबीबीएस की पढ़ाई क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर से की है। इसके बाद उन्होंने एमएस (जनरल सर्जरी) मणिपाल यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल के साथ पूर्ण की तथा एम.सी.एच. (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जयपुर से गोल्ड मेडल प्राप्त करते हुए पूरी की। डॉ. चौधरी कैंसर सर्जरी के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं और सभी प्रकार के कैंसर की सर्जरी, आधुनिक तकनीकों के साथ लैप्रोस्कोपिक (की-होल) सर्जरी तथा समग्र कैंसर उपचार की सेवाएं प्रदान करने में दक्ष हैं।
हॉस्पिटल के निदेशक अनिल मित्तल, डॉ दिलीप मित्तल, मनोज मित्तल, डॉ चक्रपाणि मित्तल एवं सार्थक मित्तल ने डॉ रजत चौधरी को शुभकामनाएं दीं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर शीघ्र अजमेर में स्वयं का अलग से कैंसर हॉस्पिटल भी शुरू करने जा रहा है जहां कैंसर के रेडिएशन एवं पैट स्केन की सुविधाएं भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे अब अजमेर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विभिन्न प्रकार के कैंसर के विशेषज्ञ सर्जिकल उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें यह सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
इस मौके पर हॉस्पिटल के सीईओ एस के जैन, वाइस प्रेसीडेंट श्याम सोमानी, डिप्टी जनरल मैनेजर विजय रांका सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारीगण उपस्थित थे।
डॉ रजत चौधरी सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 से 7 बजे तक मित्तल हॉस्पिटल में बतौर कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ) के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।
वैदिक दृष्टि से महिला सशक्तिकरण पर मंथन
एमडीएस विश्वविद्यालय में आयोजित होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी
“सशक्त नारी: महिला सशक्तिकरण पर वैदिक विमर्श” विषय पर विद्वानों का संगम, सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टि से होगी व्यापक चर्चा
अजमेर, 6 मार्च 2026।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के महर्षि दयानंद शोधपीठ एवं महर्षि दयानंद सरस्वती यूजीसी चेयर के संयुक्त तत्वावधान में “सशक्त नारी: महिला सशक्तिकरण पर वैदिक विमर्श” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी शनिवार, 7 मार्च 2026 को अपराह्न 2:00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वराज सभागार, बृहस्पति भवन में आयोजित होगी। इससे पूर्व अपरान्ह १२.१५ बजे से वैदिक यज्ञ का आयोजन भी होगा
संगोष्ठी की मुख्य अतिथि अजमेर दक्षिण की माननीय विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अनीता भदेल होंगी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के विद्वान महिला सशक्तिकरण के वैदिक, सामाजिक एवं समकालीन आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू की प्रो. वंदना शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षाविद् प्रो. लक्ष्मी ठाकुर, वित्त नियंत्रक नेहा शर्मा तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय, अजमेर की डॉ. निहारिका राठौड़ मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगी।
संगोष्ठी का उद्देश्य वैदिक साहित्य और भारतीय परंपरा में निहित नारी के सम्मान, अधिकार और सामर्थ्य की अवधारणा को समकालीन संदर्भों में पुनः स्थापित करना तथा समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का संयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव कैलाश चंद्र शर्मा तथा महर्षि दयानंद शोधपीठ एवं यूजीसी चेयर के प्रभारी प्रो. ऋतू माथुर द्वारा किया गया है
14 मार्च का सिन्धु रत्न व वरिष्ठजन सम्मान
23 मार्च सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शो व सिन्धी खानपान प्रतियोगिता
अजमेर, 06 मार्च, सिन्धी समाज महासमिति अजमेर द्वारा चेटीचंड पखवाड़े के तहत 14 मार्च 2026 को सिन्धु रत्न व वरिष्ठन सम्मान व 23 मार्च 2026 को सिन्धी लेडिज क्लब, श्री ताराचन्द हुंदलदास खानचन्दानी व सांई बाबा मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शॉ, लाडा, गायन, नृत्य व सिन्धी खान-पान (ताप) प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
14 मार्च को सिन्धु रत्न सम्मान
संयोजक गिरधर तेजवानी ने बताया कि 14 मार्च को प्रातः 11 बजे सिंधी समाज महासमिति एवं सिंधु इतिहास व साहित्य शोध संस्थान के तत्वावधान में 5 सिन्धु रत्न सम्मान दिए जाएंगे व 11 सिन्धी अरबी व देवनागरी भाषा का लेखन और बोली के जानकार 60 वर्ष से अधिक वरिष्ठजनों का सम्मान किया जाएगा, जो सिन्ध के पुराने लेखक, साहित्यकार व इतिहासकार बंधुओं का एक लिपी से दूसरी लिपी में परिवर्तन करने में सहयोग करेंगे।
23 मार्च 2026 को सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शॉ व सिन्धी खानपान प्रतियोगिता
सिन्धी समाज महासमिति, सिन्धी लेडीज क्लब, सांई बाबा मंदिर ट्रस्ट व अमरापुर सेवा घर के तत्वावधान में टेलेन्ट शो-नृत्य-लाडा गीत, ताम चटाभेटी, सिन्धु संस्कृति मेले का आयोजन किया जाएगा।
ताम प्रतियोगिता के संयोजक हेमा दीपक साधवानी ने बताया कि सिन्ध के खान-पान को नई पीढ़ी तक जानकारी देने के लिए ताम प्रतियोगिता का आयोजन सांई बाबा मंदिर, अजय नगर में आयोजन किया जाएगा।
सिन्धी संस्कृति मेले में सिन्धी भोजन व नाश्ते की स्टॉले समाज के प्रतिनिधियों द्वारा लगाई जाएगी। मेले में स्टॉल लगाने के लिए शंकर बदलानी से 9251003143 पर सम्पर्क कर सकते है।
टेलेन्ट शॉ-नृत्य-लाडा गीत की संयोजक दिशा किशनानी व प्रेम केवलरमानी ने बताया कि सिन्ध के नृत्य-लाडा गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, इस प्रतियोगिता में फार्म 18 मार्च को 5 बजे तक मंगलम एजेंसीज एसबीआई बैंक के पास केसरगंज, प्रकाश फोटो स्टेट स्टेशन रोड, द स्मार्ट आउटफिट स्वामी कॉम्पलेक्स, कचहरी रोड, पर प्राप्त कर सकते है, जिसमें विजेताओं को आकर्षण पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में किसी भी उम्र के प्रतिभागी भाग ले सकते है।
हरी चन्दनानी
महासचिव
सिन्धी समाज महासमिति
मो. 96497-50811
अजमेर में 7 से 10 मार्च तक तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल
एनएसडी रंगमंडल के चार चर्चित नाटकों का होगा मंचन, सभी प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए निःशुल्क
अजमेर, 5 मार्च। शहर के रंगमंच और कला प्रेमियों के लिए 7 से 10 मार्च तक तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर आज सूचना केन्द्र के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में फेस्टिवल का पोस्टर जारी किया गया तथा आयोजन की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई।
अपना थिएटर संस्थान के यॉबी जॉर्ज ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के रंगमंडल द्वारा प्रस्तुत नाटकों को देखने के लिए सामान्यतः दर्शकों को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है, लेकिन अजमेर के कलाकारों और दर्शकों के लिए इन सभी नाटकों का मंचन निःशुल्क होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह अजमेर के रंगमंचीय इतिहास में पहला अवसर है जब नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के चार चर्चित नाटकों का मंचन एक साथ शहर में किया जा रहा है।
फेस्टिवल के दौरान चार दिनों तक प्रतिदिन शाम 7 बजे जवाहर रंगमंच पर नाटकों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम की शुरुआत 7 मार्च को विजयदान देथा द्वारा लिखित “माई री मैं को से कहूं” के मंचन से होगी। 8 मार्च को मिथलेश्वर की कहानी पर आधारित नाटक “बाबूजी” प्रस्तुत किया जाएगा। 9 मार्च को धर्मवीर भारती का बहुचर्चित नाटक “अंधा युग” मंचित होगा तथा समारोह के समापन अवसर पर 10 मार्च को महाश्वेता देवी द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक “बायन” का मंचन किया जाएगा। चारों ही प्रस्तुतियों में दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए राजेन्द्र सिंह ने बताया कि यह थिएटर फेस्टिवल संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली, कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन अजमेर तथा अजमेर विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में आधुनिक नाट्य कला संस्थान, आप-हम संस्थान, कला अंकुर, इंडियन लेडीज क्लब, द टर्निंग पॉइंट पब्लिक स्कूल तथा न्यू आदर्श शिक्षा समिति सहयोगी संस्थाओं के रूप में सहभागिता निभा रही हैं।
प्रेस वार्ता में समारोह से जुड़े नाट्य कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। इनमें निरंजन कुमार, विष्णु अवतार भार्गव, जुम्मा खान, उज्ज्वल मित्रा, संदीप, काव्यांश, अरविंद पाराशर, नंदकिशोर प्रजापति, शब्बीर, रवि, राहुल, पारस सहित अन्य कला प्रेमी मौजूद थे।
यॉबी जॉर्ज
मो. 9414258642
अजमेर मंडल पर महिला दिवस के उपलक्ष मे महिला खेल व मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन
उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन अजमेर मंडल द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष मे दिनांक 06.03.2026 को अध्यक्षा महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल श्रीमती रिंकल भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में मंडल कार्यालय के समीप स्थित जी एल ओ स्पोर्ट्स ग्राउंड मे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान खेल प्रतियोगिता व संगीत जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए ।कार्यक्रम में मंडल पर कार्यरत लगभग 60 महिला कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा के अलावा सचिव श्रीमती ज्योति उशाहरा और कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित संगठन की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थीं।
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बुधवार, 7 जनवरी 2026
दैदीप्यमान नक्षत्र प्रो. राम जैसवाल का अवसान
लगभग नब्बे वर्षों तक उन्होंने कहानी और कविता में संवेदना के रंग भरे और चित्रकला में मौन को बोलता बनाया। यदि उन्हें राजस्थान में कला शिक्षा का भीष्म पितामह कहा जाए, तो यह श्रद्धा का अलंकार मात्र नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक सत्य है। दयानंद महाविद्यालय के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग में उन्होंने दशकों तक न केवल कलाकार गढ़े, बल्कि मनुष्यता, अनुशासन और सौंदर्यबोध की परंपरा भी सौंप दी।
सरलता उनका स्वभाव थी और सहजता उनकी पहचान। बड़े कद के बावजूद वे सदैव विनम्र रहे—शायद इसीलिए इतने अपने थे। उनके शब्दों में गुरु की करुणा थी और उनकी रेखाओं में साधक का मौन।
आज कला-जगत ने एक प्रकाशस्तंभ खो दिया है, पर उनकी सृजन-यात्रा विरासत बनकर हमारे बीच जीवित रहेगी।
अजमेरनामा न्यूज पोर्टल इस महान सर्जक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।




















