सोमवार, 27 जुलाई 2026
लोकप्रियता के दम पर निर्दलीय विधायक बने थे ब्रह्मदेव कुमावत
राजस्थान सरकार के पूर्व संसदीय सचिव श्री ब्रह्मदेव कुमावत का गत दिवस देहावसान हो गया। ज्ञातव्य है कि उन्होंने अपनी लोकप्रियता के दम पर मसूदा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय रूप में चुनाव जीता और प्रदेश में कांग्रेस सरकार गठित करने में सहयोग किया। इसी के प्रतिफलस्वरूप उन्हें संसदीय सचिव बनने का सौभाग्य हासिल हुआ। उनका जन्म 30 नवंबर 1959 को बांदनवाड़ा में श्री हरदेव कुमावत के घर हुआ। उन्होंने हायर सेकंडरी तक शिक्षा अर्जित की और अपने निजी व्यवसाय के रूप में ईंट उद्योग व पेट्रोल पंप को चुना। वे शुरू से कांग्रेस विचारधारा के रहे। सन् 1992 में युवक कांग्रेस भिनाय के संयुक्त सचिव, 1994 में भिनाय ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष, 2004 से देहात जिला कांग्रेस के कोषाध्यक्ष व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे। वे 1995 से 2000 तक भिनाय पंचायत समिति के सदस्य और 2004 से 2008 तक भिनाय पंचायत समिति में प्रतिपक्ष के नेता रहे। वे 2000 से 2003 तक क्षत्रिय कुमावत समाज, जयपुर के उपाध्यक्ष रहे व 2006 से कुम्हार कुमावत समाज, जयपुर के उपाध्यक्ष रहे। सन् 2008 में प्रबल दावेदारी के बावजूद कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर निर्दलीय रूप में चुनाव लड़ा और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी श्री रामचंद चौधरी को पराजित किया। अजमेरनामा उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)