गुरुवार, 21 मई 2026

अजमेर बन रहा आईटी और उद्योग का हब, आईटी पार्क में प्लॉट के लिए आए 22 आवेदन

 विधानसभा अध्यक्ष ने किया आईटी पार्क का अवलोकन

रीको ने चाचियावास में मांगी 114 हैक्टेयर जमीन

आईटी पार्क में सड़कें तैयार, बिजली, पानी भी शीघ्र उपलब्ध होंगे

अजमेर, 21 मई। अपना आईटी पार्क अब आकार ले रहा है। रीको को आईटी पार्क में प्लॉट के लिए 22 कम्पनियों के आवेदन मिले हैं। इसके साथ ही यहां सड़के भी तैयार हो गई है। बिजली-पानी की सुविधा भी जल्द उपलबध होगी। आईटी के साथ इंडस्ट्री हब भी जल्द बनेगा। रीको ने चाचियावास में 114 हैक्टेयर जमीन इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए मांगी है। भिवाड़ी की तर्ज पर इस क्षेत्र का विकास होगा।

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरूवार को आईटी पार्क का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि पार्क में सड़कें बनकर तैयार हो गई है। यहा भूखण्ड़ों के लिए 33 कम्पनियों ने आवेदन किए हैं। एक कम्पनी काम शुरू कर रही है। बिजली पानी की सुविधा भी जल्द मिलेगी। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क अजमेर में रोजगार, औद्योगिकीकरण और डिजिटल सेक्टर की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। इसके लिए विकास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

निरीक्षण के दौरान श्री देवनानी ने सड़क निर्माण, समतलीकरण, बाउंड्री वॉल, डिमार्केशन, पावर लाइन और बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रीको के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समतलीकरण, लेवलिंग तथा सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण किया जाए। इससे विद्युत एवं पेयजल लाइनों जैसी सुविधाओं की स्थापना का कार्य समय से शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार करने और पार्क में उच्च गुणवत्ता वाली सड़क निर्माण सुनिश्चित करने को निर्देशित किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आईटी पार्क के भीतर प्लग-एंड-प्ले मॉडल को प्रोत्साहित करते हुए बहुमंजिला इमारतों में मल्टीपल आईटी यूनिट्स की स्थापना की सुविधा विकसित की जाएगी। बाउंड्री वॉल निर्माण से पार्क की स्पष्ट आउटलाइन और पहचान सुनिश्चित होगी। वहीं सड़क नेटवर्क, जल निकासी, विद्युत लाइनों और स्ट्रीट लाइट सहित सभी आवश्यक आधारभूत ढांचे को निर्धारित समयसीमा में विकसित किया जाए।

उन्होंने रीको के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटी उद्योगों को अधिकाधिक आकर्षित करने के लिए पार्क में गार्डन, पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। साथ ही ओएफसी केबलिंग की आवश्यकताओं को संबंधित नेटवर्क कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर तुरंत पूरा किया जाए।

रीको के अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष को जानकारी दी कि आईटी पार्क का कुल क्षेत्रफल 27.55 एकड़ है। इसमें से 45 हजार 310 वर्गमीटर भूमि औद्योगिक और कॉमर्शियल उपयोग के लिए बेची जाएगी। रीको ने आईटी पार्क के विकास के लिए 23.65 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इसके अंतर्गत भूमि मुआवजा, समतलीकरण, सिविल निर्माण कार्य, सर्वे-डिमार्केशन, सड़क निर्माण, विद्युत कार्य, स्ट्रीट लाइट, वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर इत्यादि शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आईटी पार्क का स्थान रणनीतिक रूप से अत्यंत लाभकारी है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से एक किलोमीटर की दूरी पर, अजमेर शहर के केंद्र के निकट, अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल पुष्कर से 13 किलोमीटर तथा किशनगढ़ एयरपोर्ट से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित है।

विकास की नई सौगात- जनता कॉलोनी एवं खरेखड़ी को मिले सामुदायिक भवन

 विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने किया लोकार्पण

अजमेर स्वच्छ, श्रेष्ठ एवं आधुनिक शहर के रूप में उभरेगा- श्री देवनानी

     

अजमेर, 21 मई। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को वार्ड 77 स्थित जनता कॉलोनी में नगर निगम द्वारा 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही ग्राम खरेखड़ी में विधायक कोष से निर्मित 16.65 लाख रुपए की लागत के सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात दी।

     जनता कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि नगर निगम द्वारा निर्मित यह सामुदायिक भवन क्षेत्रवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से उनका आत्मीय जुड़ाव रहा है तथा बीते दो वर्षों में वार्ड एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 6.5 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं।

     उन्होंने कहा कि बालाजी नगर से झूलेलाल कॉलोनी तथा भास्कर कार्यालय से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण सहित अनेक सड़कों का निर्माण कराया गया है। वैशाली नगर क्षेत्र में लगभग सभी सड़कें पक्की की जा चुकी हैं तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

     विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नव अजमेर के निर्माण की दिशा में अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। अजमेर प्रवेश मार्ग पर 8 करोड़ रुपए से अधिक लागत से सौंदयकरण कार्य किए जा रहे हैं। इससे शहर में प्रवेश करते ही आगंतुकों को सुखद अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क के लिए बड़ी कंपनियों द्वारा प्लॉट्स के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

     उन्होंने कहा कि शनिवार को लगभग 34 करोड़ रुपए लागत के कन्वेंशन सेंटर का शिलान्यास किया जाएगा। इसके निर्माण से बड़े स्तर के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। साथ ही राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन के लिए आधुनिक स्टेडियम विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

     श्री देवनानी ने कहा कि अजमेर को सुंदर, स्वच्छ एवं श्रेष्ठ शहर बनाने के लिए सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है। व्यापारियों एवं आमजन से उन्होंने अपने बाजारों एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हाथीखेड़ा में सैनिक स्कूल का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त आगामी समय में वरुण सागर झील में वरुण देव की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

     इस अवसर पर उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए वीर सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सेना पर प्रत्येक नागरिक को गर्व होना चाहिए। स्वदेशी तकनीक एवं हथियारों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर एवं मजबूत बन रहा है।

     इसी क्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने ग्राम खरेखड़ी में विधायक कोष से निर्मित 16.65 लाख रुपए लागत के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

     उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। खरेखड़ी ग्राम में पूर्व में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, विद्युत सुधार एवं सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के कार्य कराए गए हैं। इससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

     उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक गतिविधियों के लिए सामुदायिक भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

     इस अवसर पर पार्षद श्रीमती रूबी जैन, श्री रमेश चेलानी, मंडल अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, श्री विकास लालवानी, श्री प्रदीप अजवानी, श्री राजेंद्र लालवानी, श्री दयाल प्रियानी, श्री प्रकाश जेठड़ा श्री हनुमान महाराज, श्री पांचू सिंह, श्री साजन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन सिन्दूर पर प्रत्येक भारतीय को गर्व, अब भारत मुंहतोड़ जवाब देता है- श्री देवनानी

 प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशक्त हो रहा है भारत

एनसीसी कैडेट्स अपनाएं अनुशासन, समर्पण

ऑपरेशन सिन्दूर की वर्षगांठ पर मिलिट्री स्कूल में हुआ आयोजन

    

 अजमेर, 21 मई। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दिखा दिया है कि हम हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हैं। युवा कैडेट्स अपने जीवन में मर्यादा, अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता को आत्मसात करें।

     विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता की पहली वर्षगांठ पर राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में कैडेट्स को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर में भारत ने पूरे विश्व को अपनी ताकत का लोहा मनवाया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह नया भारत है जो किसी से नहीं डरता। हम हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलतापूर्वक वर्षगांठ के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शहीदों को वॉर मेमोरियल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के वार मेमोरियल पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने एनसीसी कैडेट से आह्वान किया कि देश का प्रत्येक युवा अनुशासन को अपने जीवन में आत्मसात करे।

कैडेट्स को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा प्रत्येक कैडेट्स को अपने जीवन में मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। मर्यादा में रहते हुए कैडेट्स को क्या करना है और क्या नहीं करना है इसका ज्ञान होना चाहिए। कई बार देश के युवा अज्ञानता वश ऎसे कार्य में संलग्न हो जाते हैं जो देश और समाज के लिए कल्याणकारी नहीं होते हैं। अपने जीवन में समर्पण का भाव सीखना भी प्रत्येक कैडेट के लिए आवश्यक है। यह समर्पण अपने माता-पिता अपने समाज और अपने राष्ट्र के लिए होने पर राष्ट्र को ऎसे युवाओं पर गर्व का अनुभव होगा।

उन्होंने बताया कि युवा कैडेट्स अनुशासन मर्यादा समर्पण और प्रतिबद्धता जब अपने जीवन में अपना लेगा तो वह इस राष्ट्र के लिए समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए तैयार होगा। इन्हीं संकल्पों के साथ इस देश का युवा भारत को विश्व की महान आर्थिक शक्ति बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा आज भारत की इस युवा शक्ति के कारण ही सारा विश्व भारत की ओर देख रहा है आने वाली सदी भारत की सदी होगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का स्वागत कैंप कमांडेंट कर्नल अजय दाधीच, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल शैलेश शर्मा, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की प्रिंसिपल कर्नल रितु छेत्री, कप्तान अनिल कुमार नैनावत, लेफ्टिनेंट मीनाक्षी गहलोत, लेफ्टिनेंट सचिन चौधरी ने किया। एनसीसी कैडेट्स रिंकू चौधरी एवं रामरक्षा भाकर ने मुख्य अतिथि श्री देवनानी को वार मेमोरियल तक पायलटिंग करते हुए लेकर गई। मीडिया प्रभारी कप्तान संत कुमार ने बताया कि इस अवसर पर श्री देवनानी द्वारा एनसीसी कैडेट्स को पीपिंग सेरेमनी के तहत रैंक लगा कर उन्हें प्रमोट किया गया।

जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित

 जिला कलक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, परिवादों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश


अजमेर, 21 मई। जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी रूम में जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में हुआ। जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


 जनसुनवाई में कुल 95 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें सड़कों की मरम्मत, खातेदारी एवं चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, आम रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने, पाइपलाइन कार्य से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, राशन कार्ड की केवाईसी एवं परिवार विवरण अपडेट कराने, पेयजल पाइपलाइन, पेंशन स्वीकृति, जनआधार अद्यतन, प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने तथा नाले-नालियों की सफाई जैसे विभिन्न मुद्दों से संबंधित परिवाद शामिल रहे। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किए।

 जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने निर्धारित अंतराल पर पेयजल सप्लाई सुनिश्चित करने, पाइपलाइन लीकेज की त्वरित मरम्मत करने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पानी के टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 उन्होंने संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं जिला स्तरीय जनसुनवाई में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं विभागीय परिवादों के निस्तारण की मॉनिटरिंग करें। विशेष रूप से 90 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान कर जिले के औसत निस्तारण समय में कमी लाने को निर्देशित किया।

  श्री लोक बन्धु ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनसुनवाई के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत माह के प्रथम गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर, द्वितीय गुरुवार को उपखण्ड स्तर तथा तृतीय गुरुवार को जिला स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाती है। इसी क्रम में मई माह के तृतीय गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित हुई। प्राप्त सभी प्रकरणों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को अग्रेषित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों पर की गई कार्यवाही से साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अवगत कराया जाए।

  इस अवसर पर अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रामप्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल एवं श्री नरेंद्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु जांगिड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

*उचित मूल्य दुकानों के आवंटन हेतु साक्षात्कार की तिथियों में संशोधन*

  *अब जुलाई माह में आयोजित होंगे इंटरव्यू*


अजमेर, 21 मई। कार्यालय जिला रसद अधिकारी (द्वितीय) द्वारा उपखंड केकड़ी, सरवाड़ एवं सावर की रिक्त तथा नवसृजित उचित मूल्य दुकानों (राशन की दुकानों) के आवंटन के लिए पूर्व में निर्धारित साक्षात्कार की तिथियों में अपरिहार्य कारणों से संशोधन किया गया है। इस संबंध में विभाग द्वारा नया संशोधित टाइम-टेबल जारी कर दिया गया है ताकि सभी आवेदक नई तिथियों के अनुसार अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें।  

जिला रसद अधिकारी श्री नीरज जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पूर्व में इन दुकानों की वैकेंसी के लिए 25 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को साक्षात्कार आयोजित होना नियत किया गया था। प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखते हुए इन तिथियों को अब आगे बढ़ा दिया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पूर्व में निर्धारित तिथियों के स्थान पर अब नवीन तिथियां 7 जुलाई, 8 जुलाई और 9 जुलाई नियत की गई हैं।


*सहकार से समृद्धि विजन*

 *डेयरी समितियों के माध्यम से ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचेगी बैंकिंग सुविधाएं*

*अजमेर और ब्यावर जिले की प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां बनेंगी बैंक मित्र*
*विशेष कार्यशाला आयोजित*


अजमेर, 21 मई। भारत सरकार के सहकार से समृद्धि विजन के अंतर्गत एक अभिनव पहल करते हुए राजस्थान की समस्त सहकारी समितियों और प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को परस्पर सहयोगी बनाने के लिए सहकारिता में सहकार संकल्प को मूर्तरूप दिया जा रहा है। एक सबके लिए एवं सब एक के लिए की विचारधारा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा अजमेर एवं ब्यावर जिले की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को बैंक मित्र बनाने के लिए अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।  


कार्यशाला को संबोधित करते हुए अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री हरीश सिवासिया ने उपस्थित 46 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं सचिवों को बैंक में खाते खोलने और बैंक बीसी  बनने की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीणों के खाते जिला सहकारी बैंकों में खोले जाएंगे तथा उन्हें माइक्रो एटीएम  के माध्यम से उनके घर-द्वार पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे समितियों के पास अमानत संग्रहण (डिपाजिट) बढ़ेगा। इससे उनके व्यवसाय और लाभप्रदता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।  

इस अवसर पर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रबन्ध निदेशक श्री रामलाल चौधरी, पीएंडआई प्रभारी श्री लादूराम चौधरी एवं सहायक रजिस्ट्रार श्री सतीश जैमन ने भी जिला दुग्ध संघ की ओर से सभी प्राथमिक डेयरी समितियों को केंद्रीय सहकारी बैंक की नजदीकी शाखा में तुरंत खाता खोलकर बैंक बीसी बनने के निर्देश जारी किए। इस राष्ट्रीय विजन को समय पर पूरा किया जा सकेगा।  

नाबार्ड की डीडीएम  श्रीमती रुबिना बानो ने भारत सरकार के इस विजन में वित्तीय समावेशन  के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अवगत कराया कि ग्रामीण क्षेत्रों के डिजिटलाइजेशन और घर-घर तक बैंकिंग पहुंच बढ़ाने के लिए नाबार्ड की को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट फंड, फाइनेंशियल इन्क्लूजन फंड और फाइनेंशियल इन्क्लूजन टेक्नोलॉजी फंड जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्राथमिक डेयरी समितियों को दी जाने वाली माइक्रो एटीएम मशीनों के लिए अनुदान राशि स्वीकृत कराई जा रही है।  

कार्यशाला में अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की विकास प्रबन्धक श्रीमती निवेदिता एवं श्री शशि कुमार सिंह ने उपस्थित सभी सदस्यों को खाता खोलने और माइक्रो एटीएम संचालित करने की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाई। इससे प्राथमिक दुग्ध उत्पादक समितियां बैंक से सुगमतापूर्वक जुड़कर काम कर सकेंगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल और सुदृढ़ बनाने का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है।

*अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में पक्षियों के लिए बांधे गए परिंडे*

 *प्रबन्ध निदेशक ने स्टाफ से की नियमित जल सेवा की अपील*


अजमेर, 21 मई। भीषण गर्मी के इस मौसम में मूक पक्षियों को राहत देने और उनके लिए दाने-पानी की व्यवस्था करने के उद्देश्य से अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रधान कार्यालय परिसर में एक सराहनीय पहल की गई है। बैंक के प्रधान कार्यालय में पक्षियों के लिए पानी पीने के परिंडे और दाने के चुग्गा पात्र बांधे गए हैं। इस मानवीय अभियान की शुरुआत स्वयं बैंक प्रबंधन की मौजूदगी में परिसर के विभिन्न वृक्षों और उपयुक्त स्थानों पर परिंडे लगाकर की गई।  

बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री हरीश सिवासिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ते तापमान को देखते हुए बेजुबान पक्षियों को पानी के लिए भटकना न पड़े, इसलिए बैंक परिसर में यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इस अवसर पर बैंक के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भावुक अपील की कि वे कार्यालय, अपने-अपने आवासीय क्षेत्रों और घरों के आसपास भी अधिक से अधिक परिंडे बांधें। प्रबन्ध निदेशक ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि परिंडों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरना और दाने की निरंतर व्यवस्था बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।  

इस सेवाभावी कार्यक्रम के दौरान प्रबन्ध निदेशक के साथ बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे। इनमें विकास प्रबन्धक श्रीमती निवेदिता, प्रशासन प्रबन्धक श्री मनीष अग्रवाल, परिचालन प्रबन्धक श्री मुकेश शर्मा एवं श्री शशि कुमार सिंह शामिल थे। इन्होंने इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान किया। बैंक प्रशासन द्वारा इस पहल के माध्यम से समाज में पर्यावरण और जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया है।

कार्यस्थलों पर बढ़ते AI उपयोग के बीच FY26 में ग्रेट लर्निंग के AI प्रोग्राम्स में 66% नामांकन गैर-तकनीकी पेशेवरों से आए

 नई  दिल्ली , मई 21, 2026 — उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण के क्षेत्र की अग्रणी वैश्विक एड-टेक कंपनी ग्रेट लर्निंग ने खुलासा किया है कि FY26 में उसके AI प्रोग्राम्स में 66% नामांकन गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले पेशेवरों से आए। यह आंकड़ा भारत के अपस्किलिंग परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाता है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अपनी उत्पादकता और परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा AI-आधारित कार्यस्थलों में प्रासंगिक बने रहने के लिए नो-कोड AI टूल्स अपना रहे हैं।

यह मांग मुख्य रूप से अनुभवी पेशेवरों द्वारा संचालित हो रही है, जिनके पास 12 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है और जो गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले नामांकनों का लगभग 64% हिस्सा हैं। इनमें BFSI, हेल्थकेयर एवं फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा एवं अनुसंधान, FMCG और रिटेल जैसे क्षेत्रों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता, फंक्शनल और बिजनेस यूनिट हेड शामिल हैं। ये पेशेवर AI का उपयोग अपने मौजूदा कार्यों में किस प्रकार किया जा सकता है, इसे समझने के लिए तेजी से इसकी ओर रुख कर रहे हैं। मार्केटिंग, HR, फाइनेंस, ऑपरेशंस, प्रोडक्ट और सेल्स जैसे क्षेत्रों में वे यह तलाश रहे हैं कि AI-संचालित ऑटोमेशन किस प्रकार वर्कफ्लो को बेहतर बना सकता है, परिचालन लागत कम कर सकता है, निर्णय प्रक्रिया को तेज कर सकता है और बेहतर व्यावसायिक परिणाम दे सकता है। जैसे-जैसे AI व्यवसाय संचालन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है, प्रयोगात्मक स्तर से आगे बढ़कर AI पहलों को बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण नेतृत्व कौशल बनती जा रही है।

यह रुझान भारतीय कार्यस्थलों में हो रहे व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है। Microsoft माइक्रोसॉफ्ट के Work Trend Index 2026 के अनुसार, 65% AI उपयोगकर्ताओं को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कार्यस्थल पर AI का उपयोग करने का दबाव महसूस होता है। इससे स्पष्ट है कि AI की समझ अब विभिन्न भूमिकाओं, कार्यक्षेत्रों और उद्योगों में एक आवश्यक पेशेवर कौशल बनती जा रही है।

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेज़ी से विकसित हो रहा है, पेशेवर इस बात पर फिर से विचार कर रहे हैं कि वे अपने कौशल को कैसे बढ़ाएँ। AI में पारंपरिक सात से नौ महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम की लोकप्रियता कम हो रही है, क्योंकि सीखने वाले अब ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं जो Generative AI और Agentic AI जैसे क्षेत्रों में हो रही तेज़ी से प्रगति के साथ तालमेल बिठा सकें, और उन्हें अपने संगठनों में AI को तेज़ी से अपनाने में मदद कर सकें। उपभोक्ता व्यवहार में इस बदलाव के कारण छोटे, व्यावहारिक (application-oriented) प्रोग्राम की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। ये प्रोग्राम पेशेवरों को बिना अपने काम से लंबे समय तक दूर रहे, तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले कौशल हासिल करने में सक्षम बनाते हैं। इस उभरते रुझान को देखते हुए, Great Learning द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ज़्यादातर AI प्रोग्राम अब तीन से पाँच महीने की अवधि के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा (hands-on learning) को उद्योग से जुड़े व्यावहारिक उपयोगों के साथ जोड़ा गया है, ताकि पेशेवर AI के लगातार बदलते परिदृश्य के साथ हमेशा कदम से कदम मिलाकर चल सकें।

कंपनी ने अपने अधिकांश पोर्टफोलियो में, जिनमें Data Science, Machine Learning, Generative AI और Agentic AI प्रोग्राम्स शामिल हैं, नो-कोड लर्निंग ट्रैक्स भी शुरू किए हैं। अब शिक्षार्थी एक ही प्रोग्राम में कोडिंग ट्रैक और नो-कोड ट्रैक में से चयन कर सकते हैं, जिससे गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले पेशेवरों के लिए AI सीखना अधिक सुलभ हो गया है। इन प्रोग्राम्स में लगभग 70% शिक्षण प्रोजेक्ट्स, वास्तविक दुनिया में कार्यान्वयन, केस स्टडीज और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन पर आधारित है।

गैर-तकनीकी पेशेवरों के बीच बढ़ते AI नामांकन पर टिप्पणी करते हुए Arjun Nair अर्जुन नायर ने कहा:

“AI अब केवल टेक्नोलॉजी टीमों तक सीमित कोई विशेष क्षमता नहीं रह गया है। हम कार्यस्थलों में एक बड़ा बदलाव देख रहे हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अपने मौजूदा कार्यों में AI को लागू करना सीख रहे हैं ताकि दक्षता, निर्णय क्षमता और व्यावसायिक परिणामों में सुधार हो सके। नो-कोड AI टूल्स इस बदलाव को गैर-तकनीकी पेशेवरों के लिए अधिक सुलभ बना रहे हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन शिक्षार्थियों में बड़ी संख्या अनुभवी पेशेवरों और बिजनेस लीडर्स की है, जो AI को किसी सैद्धांतिक अवधारणा के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक व्यावसायिक क्षमता के रूप में देख रहे हैं। भारत और वैश्विक स्तर के अग्रणी संस्थानों के साथ हमारी साझेदारियों के माध्यम से हम उच्च गुणवत्ता और इंडस्ट्री-प्रासंगिक AI शिक्षा को विभिन्न पृष्ठभूमियों के पेशेवरों तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जैसे-जैसे विभिन्न उद्योगों में AI का उपयोग बढ़ेगा, संगठनों को ऐसे फंक्शनल लीडर्स की आवश्यकता होगी जो रोजमर्रा के संचालन में AI को एकीकृत करना समझते हों, चाहे उनकी पृष्ठभूमि तकनीकी हो या नहीं।”

ग्रेट लर्निंग अपने एआई और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम्स के पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत कर रहा है, जिन्हें आईआईटी बॉम्बे, एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, ड्यूक यूनिवर्सिटी, द यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन और एमआईटी प्रोफेशनल एजुकेशन जैसे अग्रणी संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है। ये प्रोग्राम्स तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों पृष्ठभूमियों के पेशेवरों को इंडस्ट्री-प्रासंगिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक शिक्षण, वास्तविक दुनिया के एआई अनुप्रयोगों और उभरती तकनीकों का अनुभव प्रदान करते हैं।

 

जैव विविधता संरक्षण का संदेश देगा एमडीएस विश्वविद्यालय का विशेष आयोजन

 अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 पर विशेषज्ञों का होगा संगम

“Acting Locally for Global Impact” थीम पर होगा आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 की थीम “Acting Locally for Global Impact” के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले संरक्षण प्रयासों को वैश्विक पर्यावरणीय संतुलन से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा।

अजमेर, 21 मई।
महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026” के अवसर पर 22 मई 2026 को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग (सेंटर फॉर एक्सीलेंस) स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रातः 11:30 बजे से आयोजित होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. सुजीत नरवड़े उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, वन्यजीव संरक्षण तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार व्यक्त किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।

विभागाध्यक्ष प्रो सुब्रतो दत्ता ने बताया कि वर्तमान समय में जैव विविधता का संरक्षण वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होगी और प्रकृति संरक्षण की दिशा में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम का संयोजन पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रतो दत्ता एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद पारीक द्वारा किया जा रहा है। 

भीषण गर्मी में महावीर इंटरनेशनल पद्मावती केंद्र ने बांटी ठंडाई एवं कैरी का पानी

 

भीषण गर्मी एवं लू के बढ़ते प्रकोप से आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से **महावीर इंटरनेशनल पद्मावती केंद्र** द्वारा राजकीय सम्राट पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय के समीप ठंडाई एवं कैरी के शीतल पानी का वितरण किया गया।


कार्यक्रम का आयोजन केंद्र की चेयरपर्सन निक्की जैन के नेतृत्व में किया गया। इस सेवा कार्य में  मोनिका ढलवाल, सुमन राव, कांता कंवर, मंजुलता, मोनिका राव, बीना तथा मंजू कंवर का विशेष सहयोग रहा। उपस्थित सदस्यों ने राहगीरों एवं विद्यार्थियों को गर्मी से राहत प्रदान करते हुए ठंडाई एवं कैरी का पानी वितरित किया।

इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल रीजन-3 के उपनिदेशक (प्रचार-प्रसार) कमल गंगवाल एवं महावीर इंटरनेशनल अजयमेरु केंद्र के चेयरमैन गजेंद्र पंचोली ने बताया कि महावीर इंटरनेशनल अजयमेरु एवं पद्मावती केंद्र संयुक्त रूप से सामाजिक सरोकार एवं सेवा कार्यों को निरंतर करते आ रहे हैं तथा भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित के कार्य करते रहेंगे।

मित्तल हॉस्पिटल में किडनी व कैंसर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

 सीजीएचएस जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत विशेषज्ञों ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी


अजमेर, 21 मई। मित्तल हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर एवं केन्द्र सरकार पेंशनर्स एसोसिएशन राजस्थान — ईकाई अजमेर जिला के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सीजीएचएस जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत किडनी एवं कैंसर रोग जागरूकता कार्यशाला का आयोजन मित्तल हॉस्पिटल के सभागार में बी के सांवरिया की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में पेंशनर्स, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग, विभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अजमेर, ब्यावर, मदनगंज—किशनगढ़ से आए लगभग 100 से अधिक सीजीएचएस लाभार्थी एवं सीजीएचएस पैनलबद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं स्वास्थ्य तथा सीजीएचएस संबंधी जानकारियां प्राप्त की।

अजमेर ईकाई की तरफ से जे पी गुडेश्वर महासचिव सीजीपीए ने अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत उद्बोधन दिया।

कार्यशाला में गुर्दा रोग एवं किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. चक्रपाणि मित्तल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के कारण किडनी रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने किडनी रोगों के प्रारम्भिक लक्षणों, बचाव, डायलिसिस एवं किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

वहीं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत चौधरी ने कैंसर रोग के कारणों, बचाव एवं आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैंसर को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है, क्योंकि समय पर पहचान एवं उचित उपचार से इस बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने तंबाकू सेवन, प्रदूषण एवं अनियमित दिनचर्या को कैंसर के प्रमुख कारण बताते हुए लोगों से सतर्क रहने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में रेडिएशन आन्कोलॉजिस्ट डॉ. आयुषी पाटनी भी उपस्थित रहीं।

कार्यशाला के दौरान उपस्थितजनों ने स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन सीजीएचएस उपाध्यक्ष बी एल बारोलिया ने किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किडनी एवं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व को रेखांकित करना रहा। इसके साथ ही सीजीएचएस जागरूकता कार्यक्रम के तहत सीजीएचएस उपाध्यक्ष बी एल बारोलिया ने नवीनतम सीजीएचएस नियमों, डिजिटल अपडेट्स, सीजीएचएस इम्पेनल्ड हॉस्पिटल की सुविधाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। कार्यक्रम में उपस्थितजनों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संवाद का अवसर भी प्राप्त हुआ।

कार्यशाला में वरिष्ठ प्रबंधक युवराज पाराशर व अमित मित्तल सहित सीजीएचएस पेंशनर्स एसोसिएशन राजस्थान ईकाई अजमेर जिला के अनेक पेंशनर्स एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करते रहने की बात कही।

कार्यक्रम के अंत में बी के सांवरिया ने आज के सफल कार्यक्रम आयोजन पर सभी चिकित्सकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

राजस्थान की शान ‘गोडावण’ संरक्षण का संदेश: एमडीएस विश्वविद्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया गोडावण दिवस

 “गोडावण बचाना केवल पर्यावरण नहीं, हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाना है”

अजमेर, 21 मई। कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल की प्रेरणा से महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में गुरुवार को ‘गोडावण दिवस’ उत्साह एवं जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं समाज में जागरूकता फैलाना तथा जैव विविधता संरक्षण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। इस अवसर पर विभाग के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने गोडावण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया तथा मरुस्थलीय जैव विविधता को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रतो दत्ता के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि गोडावण केवल राजस्थान की पहचान नहीं, बल्कि देश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। इसकी तेजी से घटती संख्या इस बात का संकेत है कि मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल अकादमिक विषय न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाएं। प्रो. प्रवीण माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि गोडावण संरक्षण के लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आवास में कमी, विद्युत लाइनों से टकराव तथा बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप गोडावण के अस्तित्व के लिए सबसे बड़े खतरे बन चुके हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अधिक शोध, संरक्षण गतिविधियों एवं जनजागरूकता अभियानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञ वक्ता एवं वन्यजीव जीवविज्ञानी डॉ. विवेक शर्मा ने गोडावण की पारिस्थितिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पक्षी मरुस्थलीय जैव विविधता का महत्वपूर्ण संकेतक है तथा इसकी उपस्थिति स्वस्थ घासभूमि पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि कभी राजस्थान, गुजरात और मध्य भारत के विस्तृत क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पाए जाने वाले गोडावण आज विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके हैं। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को फील्ड रिसर्च एवं संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। गौरतलब है कि ‘गोडावण दिवस’ राजस्थान के राज्य पक्षी के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। गोडावण, जिसे अंग्रेज़ी में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कहा जाता है, विश्व के अत्यंत संकटग्रस्त पक्षियों में शामिल है। वर्तमान में इसका सीमित आवास राजस्थान के जैसलमेर एवं आसपास के घासभूमि क्षेत्रों तक सिमट कर रह गया है। संरक्षण विशेषज्ञों के अनुसार विद्युत तारों से टकराव, अवैध शिकार तथा प्राकृतिक आवास के लगातार क्षरण के कारण इसकी संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जैव विविधता संरक्षण एवं वन्यजीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

मानदेय भुगतान न होने पर एनएचएम कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शुरू, “दाम नहीं तो काम नहीं” के लगे नारे

 

आगरा। आगरा में प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों जैसे जिला अस्पताल, जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सैकड़ों राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारियों द्वारा बुधवार से कार्य बहिष्कार शुरू किया गया। इसी क्रम में आगरा के आईआरएल, एसटीडीसी में भी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारियों द्वारा लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर यह कदम उठाया गया है।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के दामोदर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों का पिछले तीन माह से मानदेय लंबित है, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने “दाम नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ कार्य बहिष्कार शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों के खातों में लंबित मानदेय, इन्क्रीमेंट एवं लॉयल्टी बोनस जमा नहीं हो जाता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

संघ के विशाल सक्सेना ने बताया कि पिछले दो महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार उच्च अधिकारियों से वेतन भुगतान की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी स्तर पर समाधान नहीं हो सका है।

कर्मचारियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन न मिलना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। कर्मचारियों ने शासन से जल्द लंबित भुगतान जारी करने तथा इन्क्रीमेंट, लॉयल्टी बोनस, समान कार्य समान वेतन, डीए, एचआरए, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, रिस्क अलाउंस एवं आयुष्मान/दीनदयाल कैशलेस योजना जैसी मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

कार्य बहिष्कार में डॉ. संजीव कुमार माहेश्वरी, डॉ. अविजित कुमार अवस्थी, डॉ. ब्रह्मानंद राजपूत, दामोदर सिंह, विशाल सक्सेना, पवन कुमार, गजेन्द्र बंसल, पंकज कुमार, उबैश, अंजली, मैसर, योगेन्द्र, शिव कुमार, राजेश, शिवोम, प्रीति, अभिषेक सहित सभी एनएचएम व आउटसोर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे।

“योग भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक, राष्ट्र निर्माण का आधार” - कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

 योग केवल व्यायाम नहीं, समत्व, अनुशासन और सकारात्मक जीवन का माध्यम :

अजमेर, 21 मई। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग द्वारा आयोजित एक माह के योग शिविर के उद्घाटन समारोह में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को समत्व, अनुशासन, सकारात्मकता और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने वाला संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जिस होलिस्टिक एजुकेशन की बात की गई है, योग उसका साक्षात स्वरूप है।अपने संबोधन में कुलगुरु ने कहा कि उनके जीवन में इस प्रकार के योग शिविरों का अनुभव पूर्व में भी रहा है और उन्होंने सदैव योग एवं प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि योग से शरीर और मन दोनों में अद्भुत शांति एवं ऊर्जा का अनुभव होता है। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि योग ने भारत को केवल राजनीतिक शक्ति ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति के रूप में भी विश्व में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाना भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक है। यह निर्णय विश्व समुदाय द्वारा भारत की महान परंपरा और ज्ञान को सम्मान देने का प्रमाण है। उन्होंने योग के विभिन्न स्वरूपों की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को योग का महान आचार्य माना गया है। गीता में कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण ने कर्मयोग को सर्वोच्च बताया है। उन्होंने कहा कि कर्म ही मनुष्य को सुख-दुःख, लाभ-हानि और जय-पराजय में समभाव बनाए रखने की शक्ति देता है और यह शक्ति केवल योग से प्राप्त होती है। कुलगुरु ने कहा कि योग केवल देखने या करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में भी परिलक्षित होना चाहिए। योग मनुष्य को अनुशासित, सकारात्मक और कर्मशील बनाता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वस्थ होता है तो परिवार स्वस्थ होता है, परिवार स्वस्थ होता है तो समाज स्वस्थ होता है और समाज के स्वस्थ होने से राष्ट्र सशक्त बनता है। इस प्रकार योग राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति न केवल स्वयं की सेवा करता है, बल्कि राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्राप्त करता है। कार्यक्रम में कुलगुरु ने योग शिविर के आयोजन के लिए विभाग एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों से अनुशासन और समयपालन के साथ इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रभारी डॉ. आशीष पारीक डॉ लारा शर्मा, जयंती देवी, योग अतिथि शिक्षक योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

आईआईटी मंडी ने 19 भाषाओं में नदी बेसिन के जलवायु भविष्य का आकलन करने वाला निःशुल्क एआई उपकरण किया लॉन्च

 कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह उपकरण शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए 19 भाषाओं में प्रकाशन-स्तरीय जलग्रहण क्षेत्र जलवायु रिपोर्ट तैयार करता है


21 मई, 2026; मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी), जो देश के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक है, ने जलवायु जानकारी और जल संसाधन आकलन को अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने “भारतीय जलवायु सूचना अन्वेषक” मंच पर “वॉटरशेडएआई” नामक एक क्रांतिकारी अनुप्रयोग लॉन्च किया है।

आईआईटी मंडी की “हिमालयी जलवायु प्रभाव अनुसंधान प्रयोगशाला” द्वारा विकसित यह मंच जल विज्ञान मॉडलिंग, गहन अधिगम और बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर भारत के किसी भी जलग्रहण क्षेत्र का व्यापक जलवायु आकलन मात्र 3 से 8 मिनट के भीतर तैयार करता है।

यह मंच पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है और 19 भाषाओं में प्रकाशन-स्तरीय जलग्रहण क्षेत्र रिपोर्ट प्रदान करता है, जिससे शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए जलवायु विज्ञान एवं जल संबंधी जानकारियों तक पहुँच काफी आसान हो गई है।

आईआईटी मंडी के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विद्यालय के संकाय सदस्य एवं “हिमालयी जलवायु प्रभाव अनुसंधान प्रयोगशाला” के प्रमुख डॉ. विवेक गुप्ता ने इस उपकरण के उद्देश्य के बारे में कहा:
“हमारा लक्ष्य अत्याधुनिक जल विज्ञान अनुसंधान और जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया के बीच की दूरी को कम करना रहा है। ‘वॉटरशेडएआई’ विशेषता भू-आकृतिक विश्लेषण, मिट्टी एवं भूमि उपयोग की विशेषताओं, प्रेक्षित एवं अनुमानित जलवायु आँकड़ों, सूखा सूचकांकों तथा गतिशील जल-उपज मॉडल को एक समेकित स्वरूप में प्रस्तुत करती है। प्रत्येक रिपोर्ट पुनरुत्पादनीय है, अपने आँकड़ा स्रोतों से सत्यापित है और इसे किसी मापित अथवा पूर्णतः अमापित बेसिन के लिए भी तैयार किया जा सकता है।”

इस उपकरण की बहुभाषी क्षमता इसकी प्रमुख विशेषताओं में से एक है। “वॉटरशेडएआई” अपनी पूर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रिपोर्ट 19 भाषाओं में उपलब्ध कराता है — जिनमें हिंदी, तमिल, बंगाली, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती, मराठी, पंजाबी, ओड़िया, उर्दू और मलयालम जैसी भारतीय भाषाएँ शामिल हैं, साथ ही अंग्रेज़ी, अरबी, चीनी, जापानी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन और पुर्तगाली जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाएँ भी सम्मिलित हैं।

“हिमालयी जलवायु प्रभाव अनुसंधान प्रयोगशाला” के पीएचडी शोधार्थी एवं इस विशेषता के सह-विकासकर्ता श्री सिद्धिक ने कहा:
“हम चाहते थे कि तमिलनाडु का कोई जल वैज्ञानिक, हिमाचल प्रदेश का कोई जिला योजनाकार और मणिपुर का कोई विद्यार्थी — सभी एक ही वैज्ञानिक प्रश्न किसी जलग्रहण क्षेत्र के बारे में पूछ सकें और अपनी मातृभाषा में उत्तर प्राप्त कर सकें, बिना वैज्ञानिक गुणवत्ता से समझौता किए।”

भारत की वास्तविक आधारभूत संरचना की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस मंच को तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण था। आईआईटी मंडी के तृतीय वर्ष के बीटेक छात्र एवं मंच के वेब विकासकर्ता श्री पीयूष पनपालिया ने कहा:
“अभियांत्रिकी पक्ष पर हमारा मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करना था कि जटिल वैज्ञानिक प्रक्रिया उपयोगकर्ता को सरल और सहज अनुभव प्रदान करे। मानचित्र-आधारित निकास चयन, असमकालिक रिपोर्ट निर्माण, बहुभाषी प्रस्तुति और अनुप्रयोग के भीतर संवाद सुविधा — इन सभी को सीमित इंटरनेट संपर्क और विभिन्न उपकरणों पर भी सुचारु रूप से कार्य करना था, क्योंकि भारत के अधिकांश उपयोगकर्ताओं की यही वास्तविक स्थिति है।”

सरकारी एजेंसियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के उपयोग हेतु तैयार किया गया “वॉटरशेडएआई” भारत के विभिन्न जलग्रहण क्षेत्रों, विशेषकर दूरस्थ एवं अमापित क्षेत्रों के लिए विश्वसनीय जलवायु एवं जल संबंधी जानकारी तक आसान पहुँच प्रदान करता है। वैज्ञानिक आकलनों को तेज, बहुभाषी और विशेष तकनीकी उपकरणों के बिना सुलभ बनाकर यह मंच जल शक्ति, डिजिटल इंडिया और जलवायु अनुकूलन जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को समर्थन प्रदान करता है।

“वॉटरशेडएआई” अब “भारतीय जलवायु सूचना अन्वेषक” मंच पर उपलब्ध है। इसकी सहायता से उपयोगकर्ता मात्र एक क्लिक पर जलग्रहण क्षेत्र की संरचना, जल निकासी प्रतिरूप, मिट्टी की स्थिति, भूमि उपयोग, जलवायु रुझान, सूखे का इतिहास, चरम मौसम घटनाओं तथा भविष्य में जल उपलब्धता से संबंधित विस्तृत जलवायु आकलन प्राप्त कर सकते हैं। यह सभी जानकारी मूल वैज्ञानिक आँकड़ा स्रोतों पर आधारित और प्रमाणित है।
WatershedAI अब INCLINE प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है:
incline.iitmandi.ac.in


*श्री सर्वेश्वर मित्र मंडल व श्री राम असहाय सेवा ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न*

 *विभिन्न सेवा कार्य करने का लिया निर्णय, संस्था कार्यकारिणी में रिक्त पदों पर हुआ मनोनयन*

*मासिक बैठक 22 मई शुक्रवार को*

अजमेर 21 मई (    ) श्री सर्वेश्वर मित्र मंडल अजमेर व श्री राम असहाय सेवा ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक संस्था अध्यक्ष पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में नया ठिकाना रेस्टोरेंट में आयोजित की गयी जिसमें संस्था की और से विभिन्न सेवा कार्य कराने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये l
    संस्था अध्यक्ष पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल व महासचिव प्रवीण अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक का शुभारंभ ईश वंदना के साथ हुआ इसके पश्चात महासचिव प्रवीण अग्रवाल ने गत कार्यकारिणी की बैठक का कार्यवाही विवरण पढ़कर सुनाया जिसका सभी ने अनुमोदन किया l कोषाध्यक्ष चंद्रनारायण अग्रवाल ने संस्था का वर्ष 2025 - 26 का लेखा जोखा प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया l
    संस्था अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल व महासचिव प्रवीण अग्रवाल ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला तथा इनमें सहयोग के लिए सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का आभार व्यक्त किया l
   संस्था संरक्षक हनुमान दयाल बंसल ने संस्था की और से कोई बड़ा सेवाकार्य करने का प्रस्ताव रखा जिस पर चर्चा करते हुए पदाधिकारियों ने अनेक सुझाव दिये, इस संबंध में राजेंद्र प्रसाद मित्तल, शिव शंकर अग्रवाल व विनय कुमार गुप्ता की 3 सदस्यीय कमेटी बनाकर प्रस्तावित सेवाकार्य स्थलों का अवलोकन कर संस्था द्वारा किये जाने वाले कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये l
    संस्था में रिक्त हुए विभिन्न पदों पर विचार विमर्श कर श्री राम असहाय सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी पद पर श्री रमेशचंद अग्रवाल को मनोनीत किया गया, इसी प्रकार श्री सर्वेश्वर मित्र मंडल अजमेर में रिक्त हुए सचिव पद पर कमल किशोर गर्ग (पुलिस लाइन), कार्यकारिणी सदस्य के 3 पदों पर सुबोध कुमार गर्ग, कमल किशोर गर्ग (कुंदन नगर) व जगदीश चंद ऐरन को मनोनीत किया गया l श्री रमेशचंद अग्रवाल व कमल किशोर गर्ग का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया l मीटिंग के आयोजक अनिल कुमार अग्रवाल व रमेशचंद अग्रवाल का भी माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा आभार व्यक्त किया गया l
    बैठक में संस्था संरक्षक हनुमान दयाल बंसल, राजेंद्र प्रसाद मित्तल व जंवरीलाल बंसल, अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल, महासचिव प्रवीण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष चंद्रनारायण अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल, सचिव के जे ज्ञानी, ऑडिटर डॉ कृष्ण गोपाल गोयल, कार्यकारिणी सदस्य रमेशचंद अग्रवाल, कमल किशोर गर्ग, विनय कुमार गुप्ता, शिव शंकर अग्रवाल, अरुण गुप्ता व देवेंद्र कश्यप ने सुझाव दिये l

*मासिक बैठक 22 मई शुक्रवार को*
श्री सर्वेश्वर मित्र मंडल अजमेर की मई माह की मासिक बैठक 22 मई शुक्रवार को संस्था अध्यक्ष पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में सांय 5:00 बजे श्री गौड़ ब्राम्हण सभा भवन, रेल्वे सरक्युलर रोड़ (डी आर एम ऑफिस के पास) अजमेर में आयोजित की गयी है l
   संस्था महासचिव प्रवीण अग्रवाल ने सभी सदस्यों से समय पर मीटिंग में आने का आग्रह किया है l

भवदीय

शैलेंद्र अग्रवाल, पूर्व पार्षद
अध्यक्ष
श्री सर्वेश्वर मित्र मंडल व श्री राम असहाय सेवा ट्रस्ट
9414280962,7891884488

सांई साधराम साहब जी के परमात्मा स्वरूप में विलीन होने पर सन्त कवंरराम विद्यालय में श्रृद्धांजलि सभा

अजमेर 21 मई -सिन्ध के सन्त सतरामधाम, रेहडकी साहेब के हजूरी रूप सांई साधराम साहब जी के देह त्याग कर परमात्मा स्वरूप में विलीन होने पर सन्त कवंरराम विद्यालय में श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में अजमेर, किशनगढ, केकडी, नसीराबाद के श्रृद्धालु, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक व व्यवसायिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


 सन्त महात्माओं की ओर से श्रृद्धाजिंल अर्पण-
ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महन्त स्वरूपदास, श्री शांतानन्द उदासीन आश्रम के महन्त हनुमानराम, श्रीराम विश्वधाम के महन्त अर्जुनदास, निर्मलधाम के स्वामी आत्मदास, जतोई दरबार के भाई फतनदास, सांई बाबा मन्दिर के महेश तेजवाणी, जीव सेवा समिति के सचिव जगदीश वच्छाणी, प्रेम प्रकाश आश्रम के दादा नारायणदास, झूलेलाल धाम के प्रभू लौंगाणी ने अपनी ओर से श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुये सन्त के जीवन में बताये हुये राह को अपनाने का आव्हान करते हुये उनके देवलोकगमन को अपूर्णीय क्षति बताया।

 सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्रृद्धासुमन
सन्त कवंरराम मण्डल के अध्यक्ष नरेन शाहणी ने सांई साधराम साहिब के जीवन परिचय बताते हुये कहा कि उन्होने प्रारम्भिककाल में सिन्ध के प्रशासनिक अधिकारी रहते हुये शासन की सेवा की और 1990 से आध्यत्मिक सेवा देश दुनिया में करते हुये सम्पूर्ण जीवन, अध्यात्म, मानवता, सेवा, प्रेम, करूणा एवं समाज कल्याण के लिये समर्पित रहे। सभा में वरिष्ठ साहित्यकार ढोलण राही, सिन्धी समाज महासमिति के अध्यक्ष कवंलप्रकाश किशनानी, भारतीय सिन्धू सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने भी विचार प्रकट किये। पण्डित कन्हैयालाल शर्मा ने शांति पाठ करवाया।


सभा में मण्डल के विजय शाहणी, दिलीप बूलचंदाणी, लाल बूचंदाणी, जयकिशन लख्याणी, सरस्वती मूरजाणी, हरिकिशन टेकचंदाणी, मोती जेठाणी, ईश्वर बूलचंदाणी, भगवान कलवाणी, प्रकाश जेठरा, रमेश टिलवाणी, हरी चन्दनाणी, जगदीश अभिचंदाणी, जयप्रकाश मंघाणी, मोहन कोटवाणी, राहुल ठारवाणी, महेश टेकचंदाणी, महेश ईसराणी डॉ. कमला गोकलाणी, प्रेम केवलरामाणी, भरत गोकलाणी, उतम गुरबक्षाणी पारस लौंगाणी, अशोक दुल्हाणी, नानक गजवाणी, रमेश चेलाणी, नरेन्द्र बसराणी, गोरधन मोटवाणी, दीपक कुमार, जयकिशन वतवाणी, मंघाराम भिरयाणी सहित सेवाधारी उपस्थित थे।

नरेन शाहणी भगत    
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