बुधवार, 20 मई 2026

आज का राशिफल व पंचांग : 21 मई, 2026, गुरुवार

आज और कल का दिन खास

*********************
21 मई 2026 : आतंकवाद विरोधी दिवस आज। 

22 मई 2026 : राजा राममोहन राय जी की जयंती कल। 


आज का राशिफल
*****************
21 मई, 2026, गुरुवार
================
1. मेष राशि : वर्तमान समय शुभ फल देने वाला है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। बने काम बिगड़ सकते है। अपनी सोच को बदलें न की दूसरों को बदलने की कोशिश करें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। इष्ट आराधना सहायक होगी।

2. वृषभ राशि : संतान के विवाह की चिंता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पूंजी निवेश से लाभ संभव है। राज कार्य से जुड़े जातकों के लिए समय मिश्रित फलदायी है। अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें, अन्यथा नुकसान हो सकता है।

3. मिथुन राशि : व्यापार विस्तार की योजना सफल होगी। स्वस्थ रहें, मस्त रहें। व्यर्थ चिंता छोड़ दें। खाद्य पदार्थ से जुड़े जातकों के लिए समय अति श्रेष्ठ है। समय रहते पूंजी निवेश कर दें। शत्रु वर्ग सक्रिय होगा।

4. कर्क राशि : आप के व्यवहार से सहकर्मी खुश होंगे। जीवन में नई उड़ान भरने का समय आया है, इसका लाभ लें। पारिवारिक जनों से भेंट होगी। अनायास खर्च हो सकता है। सामाजिक कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।

5. सिंह राशि : धनकोष में वृद्धि होगी। अपने करियर के प्रति गंभीर निर्णय लेंवे। आत्म विश्वास की कमी के कारण गलत फैसले ले सकते हैं। मन में कई दुविधाएं चल रही है। आध्यत्मिक बल से लाभ होगा।

6. कन्या राशि : लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का आज अंतिम दिन है। महत्त्वपूर्ण कार्य निपटाने में लगे रहेंगे। छात्रों के लिए समय मेहनत करने वाला है। ज्यादा घमंड से नुकसान आप को ही है।

7. तुला राशि : अपने करियर को लेकर आप ईमानदार नहीं हैं। संभल जाएं। संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं। जो लाभ देंगे। कार्यस्थल में उन्नति होगी। निवेश आदि लाभदायक रहेंगे। थकान हो सकती है।

8. वृश्चिक राशि : समय के परिवर्तन से राहत महसूस करेंगे। विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। अनाज में निवेश शुभ रहेगा। सोच विचार कर व्यापार करें, अन्यथा अचानक हानि संभावित है।

9. धनु राशि : आपके हौसले से ही आप उन्नति करेंगे। नए वस्त्र की प्राप्ति संभव है। माता-पिता को अस्वस्थता रहेगी। आपसी विवाद न करें। शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरी में प्रयास अधिक करना पड़ेंगे।

10. मकर राशि : कार्यस्थल पर अधिकारियों से विवाद होंगे। आपकी गलती के कारण बने बनाये काम बिगड़ सकते हैं। बातचीत से काम बन जाएंगे। कार्यसिद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धनलाभ होगा।

11. कुम्भ राशि : बड़ों की बात भी मान लेनी चाहिए। पुराने मित्र-संबंधी से मुलाकात आज संभव है। मित्रों से शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा।

12. मीन राशि : आज किसी से भी विवाद न करें। अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें। यात्रा लाभकारी रहेगी। आपकी मेहनत से उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। निवेश आदि कार्य में सफल होंगे। कुबुद्धि से हानि संभव है।


आज का पंचांग
==========
21 मई 2026, गुरूवार 
********
तिथि पंचमी 08:29 AM
                    अगले दिन 
नक्षत्र पुष्य 02:50 AM
करण बालव, 08:29 AM,
       कौलव 07:23 PM 
पक्ष शुक्ल 
योग गण्ड 10:58 AM
वार गुरूवार   
सूर्योदय 05:27 AM 
सूर्यास्त 07:08 PM
चन्द्रमा कर्क 
राहुकाल 02:00 - 03:42 PM 
विक्रमी संवत्  2083
शक सम्वत 1948 ( पराभव )
मास अमांत ज्येष्ठ ( अधिक)
मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ ( अधिक)
शुभ मुहूर्त 
अभीजित 11:50 - 12:45 PM

राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

MLB ANNOUNCES PARTNERSHIP WITH RISE WORLDWIDE TO ACCELERATE GROWTH OF BASEBALL IN INDIA

 Reliance Initiative for Sports and Entertainment (RISE) to deliver fan experiences, digital content and Mumbai live event

 

 

Mumbai, 20th May 2026: Major League Baseball today announced a partnership with RISE Worldwide Limited (“RISE”), a wholly-owned subsidiary of Reliance Industries Limited (“Reliance”), to support the growth of baseball in India. This collaboration will span marketing, social media, commercial initiatives, and culminate in the joint delivery of a live event in Mumbai in October 2026, aimed at bringing the excitement of baseball closer to Indian fans.

 

The partnership marks a significant step in MLB’s international expansion strategy and reinforces India’s growing importance as a key sports market with a young, highly engaged audience. Since opening its offices in New Delhi in 2019, MLB has been actively developing the game in India through grassroots programs like MLB First Pitch in schools, youth competitions such as the MLB Cup, and broadcasts of the MLB Postseason. The league has also introduced India-focused original content such as Indian Baseball Dreams, helping create greater awareness and engagement around the sport.

 

“This partnership is a key milestone in MLB’s international growth strategy,” said Noah Garden, Deputy Commissioner, Business & Media. “Working with RISE will allow us to introduce the excitement of baseball to even wider audiences while strengthening cultural connections through sport.”

 

Nikhil Bardia, Head of RISE Worldwide, said, “India is one of the most dynamic sports markets in the world, and baseball's global rise makes this a natural moment to bring the sport closer to Indian fans. RISE Worldwide is happy to partner with MLB to create experiences, on the ground and beyond, that make baseball accessible and exciting for audiences across the country.”

 

RISE’s experience in sports and media provides unique opportunities to enable even more fans across India to sample baseball. Together, MLB and RISE will deliver engaging experiences, including a local Mumbai event and grassroots initiatives that introduce baseball to new audiences. On the heels of a thrilling World Baseball Classic in March, MLB is excited for this partnership to further globalize the game in India.

 

 

About Reliance Industries Limited:

Reliance Industries Limited (RIL) is India’s largest private sector company, with a consolidated revenue of INR 11,75,919 crore (US$ 124.0 billion) and net profit of INR 95,754 crore (US$ 10.1 billion) for the year ended March 31, 2026. Reliance’s activities span hydrocarbon exploration and production, petroleum refining and marketing, petrochemicals, advanced materials and composites, renewables (solar and hydrogen), retail, digital services and media and entertainment.

 

Currently ranked 88th, Reliance is the largest private sector company from India to be featured in Fortune’s Global 500 list of 'World’s Largest Companies' for 2025. The company stands 45th in the Forbes Global 2000 rankings of 'World’s Largest Public Companies' for 2025, the highest among Indian companies. Reliance has been recognized in Time's list of the 100 Most Influential Companies of 2024, marking the only Indian company to have achieved this honor twice. Website: www.ril.com

 

About RISE Worldwide Limited:

RISE Worldwide Limited (“RISE”), a wholly owned subsidiary of Reliance Industries Limited, is one of India’s largest independent Sports, Lifestyle, and Entertainment company, offering a comprehensive suite of services across Sponsorship Consulting, Athlete Management, Marketing and Media Rights Management, Sports Broadcast Production, Licensing, and Event Implementation.

 

With a proven track record in managing premier properties in India and internationally – including the Indian Super League (ISL), and Tata Open Maharashtra (South Asia's only ATP World Tour tennis event) – RISE brings deep expertise across sports and lifestyle. Today, RISE continues to deliver innovative solutions across platforms including Lakmé Fashion Week, Jio Wonderland, The Voice of Fashion, and SU.RE (Sustainable Resolution), shaping the future of sports and lifestyle in India. Follow us on https://www.riseworldwide.in/

भव्य आभासी अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सम्पन्न

 दिनांक 19 मई 2026 को संध्या 6.00 बजे से कहानिका  हिंदी पत्रिका के छत्तीसगढ़ अध्याय द्वारा गूगल मिट पर नावेद रजा दुर्गावी,उप संपादक छत्तीसगढ़ अध्याय के जन्म दिन के अवसर पर एक अखिल भारतीय आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें 

मुख्य अतिथि श्री सुरेश प्रसाद जायसवाल ,विशिष्ट अतिथि के रूप में जयकृष्ण मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय संयोजक दुबई और डॉ उमेश कुमार पाण्डेय ,सरस्वती वंदना पूनम दुबे वीणा ,कार्यक्रम का संचालन 
आशा उमेश पांडे अविरल , अतिथियों का आभार प्रकट
अंजू पाण्डेय जी ने किया ।  आयोजन में मुख्य अतिथि, सभाध्यक्ष और विशिष्ट अतिथियों ने सभा को संबोधित किया ।प्रधान संपादक भारती ने अपनी संस्था के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया ।जिसमें 23 मई 2026 को मैहर एमपी में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के बारे में भी जानकारी दिया ।साथ ही पत्रिका के मैगजीन प्रकाशन में अपनी रचनाएं भेजने का भी अनुरोध किया।कार्यक्रम में जिन विशिष्ट कवियों और कवयित्रियों ने भाग लिया उसमें मुख्य रूप से 
कल्पना झा बोकारो झारखंड, अंशिका श्रीवास्तव,मीना अग्रवाल, इंदौर ,मध्यप्रदेश,जुगेश चंद्र दास ,राज्य संयोजक, छत्तीसगढ़, शायर कवि नावेद रज़ा दुर्गवी ,अप संपादक,छत्तीसगढ़ ,जे. के.मिश्रा दुबई,श्याम कुंवर भारती,बोकारो, झारखण्ड,नरेन्द्र कुमार वैष्णव,राज्य प्रभारी और पूनम पाण्डेय ने भाग लेकर अपनी बेहतरीन काव्य प्रस्तुति से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया और सबको वाह वाह करने को बाध्य कर दिया ।
भवदीय 
शिखा गोस्वामी निहारिका 
सूचना प्रभारी , कहानिका

दो माह से वेतन न मिलने पर एनएचएम कर्मियों का काला फीता बांधकर विरोध

 21 मई से शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी

आगरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन न मिलने के विरोध में बुधवार को आई0आर0एल0, एस0टी0डी0सी0 आगरा में कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कार्य करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और शीघ्र वेतन भुगतान की मांग उठाई।

कर्मचारियों का कहना है कि लगातार दो माह से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की फीस, बैंक किस्तों एवं दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि एनएचएम कर्मी स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारियों ने शासन एवं विभागीय अधिकारियों से जल्द लंबित वेतन जारी करने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों ने समान कार्य समान वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ग्रेच्युटी, दीनदयाल कैशलेस योजना/आयुष्मान कार्ड की सुविधा, अर्जित अवकाश एवं रिस्क अलाउंस जैसी लंबित मांगों को भी लागू किए जाने की मांग उठाई।

इसी क्रम में कर्मचारियों ने बताया कि वेतन भुगतान न होने के कारण यूनियन के आह्वान पर 21 मई 2026 से शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता और कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस सांकेतिक विरोध में संस्थान में कार्यरत डॉ. संजीव कुमार माहेश्वरी, डॉ. अविजित कुमार अवस्थी, डॉ. ब्रह्मानंद राजपूत, दामोदर सिंह, विशाल सक्सेना, पवन कुमार, गजेन्द्र बंसल, पंकज कुमार, उबैश, अंजली, मैसर खान, योगेन्द्र कुमार, वर्षा, राजेश एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

कोक स्टुडियो भारत लेकर आया है 'कचौड़ी गली' – एक पत्नी की नजर से बयां होती भूले हुए युद्ध की अनकही कहानी

नई दिल्ली, 20 मई 2026: कोक स्टुडियो भारत अपने सीज़न 4 का तीसरा गीत लेकर वापस आया है। इस बार यह बनारस की गलियों का रुख करता है और 'कचौड़ी गली' लेकर आया है, जो प्रथम एंग्लो-बर्मा युद्ध की भुला दी गई मानवीय पीड़ा से प्रेरित एक लोकगीत है।

 

गीत बनारस की कचौड़ी गली से शुरू होता है, जहां एक महिला अपने पति को ब्रिटिश सेना द्वारा जबरन ले जाते देखती है। उस आदमी को मिर्जापुर से रंगून (यांगून, म्यांमार) भेजा जा रहा था, एक ऐसे युद्ध के लिए जिसे उसने कभी चुना ही नहीं। उसकी पत्नी की आवाज़ में दर्द है, गुस्सा है और अचानक खाली हो गए घर का बोझ है, जो उतना ही करीबी, उतना ही स्थानीय और जगह में उतना ही रचा-बसा है जितना सिर्फ लोक संगीत हो सकता है। वह जो महसूस करती है, वही हजारों आम परिवारों ने कभी महसूस किया था। एक ऐसा दर्द जो इतिहास की किताबों में तो दर्ज नहीं हुआ, लेकिन बनारस जैसे शहरों की तंग गलियों में सालों तक चुपचाप जीता रहा।

 

इस कहानी को तीन अलग-अलग आवाज़ें दर्शकों तक पहुंचा रही हैं। रेखा भारद्वाज, जिनकी आवाज़ लंबे समय से चाहत और विद्रोह का बोझ बराबर-बराबर उठाती आई है, गीत को एक ऐसे भावनात्मक अधिकार के साथ थामे हुए हैं जो पूरी तरह अर्जित लगता है। उत्पल उदित प्रोडक्शन में एक ठोस लोक संवेदनशीलता लेकर आते हैं और गीत की बनावट को उसके तीखेपन से समझौता किए बिना बनाए रखते हैं। ख्वाब गीत में एक धागे की तरह बुने हुए हैं, एक शांत तनाव के रूप में, दर्द को सांस लेने देते हैं, लेकिन उसे कभी बिखरने नहीं देते।

 

शांतनु गंगाने, आईएमएक्स (इंटीग्रेटेड मार्केटिंग एक्सपीरियंस) लीड, कोका-कोला इंडिया एंड साउथवेस्ट एशिया ने कहा, "लोक संगीत के बारे में सबसे रोमांचक बात यह है कि वह यादों को बहुत स्वाभाविक तरीके से अपने भीतर रखता है। भोजपुरी में कहानी कहने की एक समृद्ध परंपरा रही है जो समय के साथ धीरे-धीरे मुख्यधारा से दूर होती चली गई। कोक स्टुडियो भारत के जरिए कोशिश यही रही है कि इन खोती जा रही कहानियों और संस्कृतियों को फिर से चर्चा में लाया जाए। 'कचौड़ी गली' इस सोच का एक मजबूत उदाहरण है: एक सच में स्थानीय कहानी जिसे रेखा भारद्वाज, उत्पल उदित और ख्वाब की अलग-अलग आवाज़ों और रचनात्मक सोच के जरिए इस तरह पेश किया गया है जो एक साथ कालातीत भी लगती है और आज के दौर से जुड़ी हुई भी।"

 

रेखा भारद्वाज ने कहा, "'कचौड़ी गली' एक बेहद खास भावनात्मक जगह पर बैठता है। यह युद्ध के बारे में नहीं है, यह इस बारे में है कि युद्ध आपसे क्या छीन लेता है। हमने उस आत्मीयता को थामे रखने और भावनाओं को ईमानदारी से सामने आने देने की कोशिश की। कोक स्टुडियो भारत के साथ यह काम करते हुए मुझे जो सबसे अच्छा लगा, वह यह था कि इतने बड़े मंच के बावजूद गीत अभी भी बेहद निजी लगता है।"

 

उत्पल उदित ने कहा, "दिलचस्प हिस्सा था गीत की दुनिया को आवाज़ के जरिए बनाना। प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा छोटी-छोटी बारीकियों से आया: ठहराव से, संयम से और कुछ जगहों पर जानबूझकर रखे कच्चेपन से। मेरे लिए यह जरूरी था कि गीत भोजपुरी लोक से ईमानदार रहे और उसकी भाषा और संस्कृति को वापस लाने का जरिया बने। कोक स्टुडियो भारत ने उस सोच को समझा, और इसी वजह से गीत उस तरह एक साथ आ सका जैसा आया।"

 

ख्वाब ने कहा, "कोक स्टुडियो भारत जो करता है वह यह है कि किसी बेहद स्थानीय चीज़ को, एक गली, एक बोली, एक ऐसा युद्ध जिसके बारे में अब कोई बात नहीं करता, एक ऐसा प्रोडक्शन और मंच देता है कि दुनिया उसे सुन सके। 'कचौड़ी गली' ने मुझे सिखाया कि सबसे छोटी बारीकियों में सबसे गहरी भावनाएं होती हैं, और यह वही जगह थी जहां उन्हें सामने लाया जा सके।"

 

'कचौड़ी गली' के साथ कोक स्टुडियो भारत सीज़न 4 उन कहानियों को तलाशने का सफर जारी रखता है जो पीढ़ियों से लोक स्मृति, क्षेत्रीय संगीत और मौखिक परंपराओं के जरिए जीवित रही हैं। 'ए अजनबी' और 'बुलेया वे' के बाद यह सीज़न आज के दर्शकों के लिए समकालीन कलाकारों, नई धुनों और सहयोग के जरिए स्थानीय किस्सों को नए सिरे से पेश करता रहा है।

टाटा मोटर्स फाउंडेशन का इंटीग्रेटेड विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम देशभर के करीब 200 गांवों तक पहुंचा

मुंबई, 20 मई 2026: टाटा मोटर्स फाउंडेशन ने अपने प्रमुख इंटीग्रेटेड विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम को देशभर के करीब 200 गांवों तक बढ़ा दिया है। यह कार्यक्रम अब 5 राज्यों की 103 ग्राम पंचायतों में चल रहा है और देश के आदिवासी तथा कृषि-प्रधान क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी के जरिए ग्रामीण विकास को गति दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस कार्यक्रम से 1.15 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला। साथ ही, करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की 50 सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के साथ तालमेल बनाकर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और संस्थागत ढांचे को मजबूत किया गया।

 

यह कार्यक्रम 2018 में महाराष्ट्र के पालघर जिले के आदिवासी क्षेत्र जव्हार की एक ग्राम पंचायत से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ था। समय के साथ यह ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरा है। आईवीडीपी का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि गांवों को इस स्तर तक सशक्त बनाना है कि वे सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक संसाधनों का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सकें। कार्यक्रम स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने, दस्तावेजी प्रक्रियाओं की कमियों को दूर करने और गांवों की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देता है, ताकि विकास की प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रह सके।

 

महाराष्ट्र के पालघर जिले में इस मॉडल के सकारात्मक नतीजे देखने को मिले हैं। कार्यक्रम से जुड़े गांवों में मौसमी पलायन 80% से घटकर 25% रह गया है। किसानों की आय में 55% तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि बच्चों में कुपोषण के मामलों में 95% की कमी दर्ज की गई है। इन नतीजों से उत्साहित होकर टाटा मोटर्स फाउंडेशन ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों के आकांक्षी और पिछड़े जिलों तक कार्यक्रम का विस्तार किया है।

 

आईवीडीपी 2.0 के तहत महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से अब 82 ग्राम पंचायतों में तकनीक-आधारित मॉडल पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कार्यक्रम को केवल लागू करने तक सीमित रखने के बजाय एक नीतिगत और दीर्घकालिक बदलाव लाने वाले मॉडल के रूप में विकसित करना है।

 

टाटा मोटर्स फाउंडेशन के सीईओ विनोद कुलकर्णी ने कहा, "करीब 200 गांवों तक पहुंच चुका यह कार्यक्रम सरकारी योजनाओं, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और सामुदायिक भागीदारी की ताकत को दिखाता है। हमारा मानना है कि टिकाऊ ग्रामीण विकास तभी संभव है, जब समुदाय खुद उसकी जिम्मेदारी संभाले और व्यवस्थाएं मजबूत हों। कार्यक्रम का सात-स्तरीय ढांचा, समस्याओं की पहचान, न्यूनतम हस्तक्षेप, भरोसा निर्माण, सामुदायिक स्वामित्व, कॉरपोरेट की भूमिका को फंडर नहीं बल्कि संरचनात्मक सहयोगी के रूप में स्थापित करना, शुरुआत से ही आत्मनिर्भरता की योजना बनाना और पूरे इकोसिस्टम को जोड़ना, भारत की संस्थागत जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आगे भी हमारा फोकस ऐसा ग्रामीण विकास मॉडल तैयार करने पर रहेगा, जिसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके और जो सरकारी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ा हो।"

 

ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के अलावा आईवीडीपी संस्थागत विकास और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे आकांक्षी जिलों में स्थापित वन-विंडो सेंटर के जरिए लोगों की सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हुई है और जागरूकता भी बढ़ी है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में ई-दोस्त जैसी पहल ग्रामीण समुदायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अंतर को कम करने में मदद मिल रही है।

सीगेट ने उपभोक्ता डेटा में तेज़ बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर नए स्टोरेज सॉल्यूशंस पेश किए

 नई दिल्ली, 20 मई 2026: सीगेट टेक्नोलॉजी होल्डिंग्स पीएलसी ने आज अपने सीगेट और लेसी ब्रांड्स के तहत नए और अपडेटेड उपभोक्ता तथा प्रोस्यूमर स्टोरेज सॉल्यूशंस की घोषणा की है। इनमें सीगेट वन टच डेस्कटॉप एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव और लेसी 8big Pro5 मल्टी-बे RAID स्टोरेज सॉल्यूशन शामिल हैं।

इन उत्पादों को उस लगातार बढ़ते डेटा को संभालने के लिए बनाया गया है, जो कैप्चर के समय ही तैयार होता है। यह पोर्टफोलियो उच्च-रिज़ॉल्यूशन फोटो, वीडियो और एआई कंटेंट डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म अपनाने वाले क्रिएटर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लचीले स्टोरेज विकल्प देता है। जैसे-जैसे फाइलें बड़ी होती जा रही हैं और लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा रही हैं, यह अपडेटेड पोर्टफोलियो आसान उपयोग, अधिक क्षमता और बढ़ने योग्य परफॉर्मेंस देता है, ताकि यूजर अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण बनाए रखते हुए बिना परफॉर्मेंस या स्केलेबिलिटी से समझौता किए काम कर सकें।

सीगेट के VP, Edge IoT, लांस ओहारा ने कहा, "एआई-सहायता प्राप्त क्रिएटिविटी से लेकर बड़ी गेम लाइब्रेरी और पारिवारिक यादों तक, व्यक्तिगत डेटा तेजी से बढ़ रहा है और लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा रहा है। लोगों को ऐसी स्टोरेज चाहिए जो इस नई हकीकत के लिए बनी हो, उपयोग में आसान हो, बढ़ने के लिए तैयार हो और एआई जो भी लेकर आए, उसके लिए तैयार हो।"

 

सीगेट वन टच: रोजमर्रा के आसान और सुविधाजनक बैकअप के लिए

 

सबसे उपयुक्त: रोजमर्रा के बैकअप और निजी उपयोग के लिए।

सीगेट वन टच डेस्कटॉप एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव सरल, उच्च क्षमता वाला स्टोरेज देता है, जिसे आसान सेटअप और लंबे समय तक फाइल प्रबंधन के लिए बनाया गया है, बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर झंझट या क्लाउड सब्सक्रिप्शन पर निर्भर हुए। सिंगल केबल USB-C कनेक्शन से पावर और डेटा दोनों मिलते हैं, जिससे अलग पावर एडाप्टर की जरूरत खत्म हो जाती है और डेस्कटॉप पर अव्यवस्था कम होती है।

 

 

लेसी 8big Pro5: एडवांस्ड क्रिएटिव काम के लिए प्रोफेशनल RAID स्टोरेज

 

सबसे उपयुक्त: क्रिएटिव प्रोफेशनल्स और प्रोडक्शन टीमों के लिए।

लेसी 8big Pro5 Thunderbolt 5 मल्टी-बे RAID स्टोरेज सॉल्यूशन उन क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है, जो मल्टी-स्ट्रीम 4K और 8K वीडियो, बड़ी RAW इमेज लाइब्रेरी और एआई-सहायता प्राप्त प्रोडक्शन वातावरण के साथ काम करते हैं। उच्च क्षमता वाले कॉन्फ़िगरेशन, तेज डेटा ट्रांसफर स्पीड और एंटरप्राइज़-स्तरीय विश्वसनीयता के साथ यह स्टूडियो और ऑन-लोकेशन दोनों तरह के माहौल में टीमों को बड़े स्तर पर काम करने की सुविधा देता है।

 

 

उपलब्धता और कीमत:

सीगेट वन टच 8TB अब Amazon या Flipkart 49,999 रुपये में खरीदा जा सकता है और सीगेट के अधिकृत रिसेलर्स के जरिए अगले सप्‍ताह से उपलब्‍ध होगा। अन्‍य क्षमताओं की कीमतों की घोषणा इनके बाजार में उपलब्ध होने के बाद की जाएगी।  

 

लेसी 8big Pro5 भारत में जल्‍द उपलब्‍ध होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी के घरेलू पर्यटन आह्वान से इनबाउंड टूरिज्म और विदेशी निवेश को बढ़ावा और विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने का मौका: एचएआई

नई दिल्ली, 20 मई 2026: होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, जो भारतीय हॉस्पिटैलिटी उद्योग की शीर्ष संस्था है, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आह्वान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से कहा है कि वे छुट्टियों, कॉन्फ्रेंस, आयोजनों और शादियों के लिए विदेश जाने के बजाय देश के भीतर ही यात्रा करें। यह पहल अनिश्चित वैश्विक आर्थिक हालात में विदेशी मुद्रा बचाने में मदद करती है, साथ ही भारत की इनबाउंड टूरिज्म अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और देश को व्यावसायिक यात्रा, पर्यटन और एमआईसीई के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक और पसंदीदा गंतव्यों में शामिल करने का एक बड़ा दीर्घकालिक अवसर भी देती है।

ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक अस्थिरता और क्षेत्रीय संघर्ष दुनिया भर के यात्रा रुझानों को प्रभावित कर रहे हैं, भारत एक स्थिर, लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और बड़ी संभावनाओं वाले गंतव्य के रूप में सामने आता है। बदलता वैश्विक माहौल भारत के लिए एक रणनीतिक अवसर पेश करता है, जिसके जरिए वह सुरक्षित, अनुभव आधारित और बेहतर मूल्य वाले गंतव्यों की तलाश करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का बड़ा हिस्सा आकर्षित कर सकता है। सही नीतिगत सहयोग, बुनियादी ढांचे के विस्तार और वैश्विक स्तर पर सही पहचान के साथ भारत पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय को काफी बढ़ा सकता है।

होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रैडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया चेयरमैन, के.बी. काचरू ने कहा, "इनबाउंड टूरिज्म आने वाले वर्षों में भारत के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के सबसे अहम विकास इंजनों में से एक होगा। जैसे-जैसे भारत मनोरंजन, व्यापार,चिकित्सा, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक श्रेणियों में ज्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करेगा, इस क्षेत्र को बड़े पैमाने, अच्छी गुणवत्ता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ जवाब देना होगा। यह सिर्फ मांग पूरी करने की बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा पर्यटन ढांचा बनाने की बात है जो दुनिया में प्रतिस्पर्धी हो और लंबे समय तक टिकाऊ भी रहे।"

घरेलू पर्यटन की मांग में अनुमानित बढ़ोतरी देशभर में पर्यटन बुनियादी ढांचे और हॉस्पिटैलिटी संपत्तियों में निवेश को तेज करेगी। इसमें मध्यम श्रेणी, प्रीमियम और लक्जरी होटलों, रिसॉर्टों, वेलनेस रिट्रीट, क्रूज, आध्यात्मिक और धार्मिक सर्किट, धरोहर स्थलों और कन्वेंशन केंद्रों का विकास शामिल है। समय के साथ, एक केंद्रित अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग रणनीति के सहयोग से, ये संपत्तियां मनोरंजन, चिकित्सा,वेलनेस, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और एमआईसीई श्रेणियों में भारत की वैश्विक यात्रियों के लिए अपील को काफी बढ़ा सकती हैं।

ज्यादा इनबाउंड पर्यटन से होटल, खाने-पीने, परिवहन, खुदरा, मनोरंजन, स्वास्थ्य सेवाओं और गंतव्य अनुभवों पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय खर्च के जरिए विदेशी मुद्रा की आमद सीधे बढ़ेगी। इससे मजबूत घरेलू मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय आगमन को भी बढ़ावा मिलेगा और हॉस्पिटैलिटी बाजार ज्यादा संतुलित और मजबूत बनेगा।

उन्होंने आगे कहा, "मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल भारत के लिए एक अनोखा अवसर बना रहा है। जैसे-जैसे दुनिया भर के यात्री स्थिर,भरोसेमंद और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गंतव्यों की तलाश कर रहे हैं, भारत पर्यटन के पसंदीदा केंद्र के रूप में उभरने की शानदार स्थिति में है। इससे विदेशी मुद्रा आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है और भारत के हॉस्पिटैलिटी तथा पर्यटन बुनियादी ढांचे में वैश्विक निवेशकों की रुचि भी तेजी से बढ़ सकती है।"

होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर्स और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लंबे समय की पूंजी, वैश्विक विशेषज्ञता, तकनीक और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने में विदेशी निवेश हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की रफ्तार बढ़ाने में बेहद अहम होगा।

श्री काचरू ने आगे कहा, "हॉस्पिटैलिटी में विदेशी निवेश भारत के लिए एक रणनीतिक आर्थिक साधन है, जिसके फायदे सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। हर नया होटल प्रोजेक्ट निर्माण, लॉजिस्टिक्स, प्रतिभा, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश के नए अवसर खोलता है,साथ ही शहरी और ग्रामीण भारत दोनों में स्थायी रोजगार भी पैदा करता है।"

इनबाउंड पर्यटन को लगातार और केंद्रित बढ़ावा देने से आने वाले वर्षों में भारत की पर्यटन से जुड़ी विदेशी मुद्रा आय में अतिरिक्त 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। यह देश के लिए एक बड़ा रणनीतिक आर्थिक अवसर है। भारत आने वाला हर अंतरराष्ट्रीय पर्यटक देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सीधे योगदान देता है, जिससे इनबाउंड पर्यटन भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले सबसे टिकाऊ और असरदार क्षेत्रों में से एक बन जाता है।

श्री काचरू ने अंत में कहा, "विदेशी मुद्रा के अलावा, एक फलता-फूलता इनबाउंड पर्यटन क्षेत्र वैश्विक निवेशकों को एक मजबूत संदेश देता है।"

हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की ग्रोथ को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश और नियमों को आसान बनाना बेहद जरूरी होगा। आसान मंजूरियां, एकसमान स्वीकृतियां, तय समयसीमा और लक्षित प्रोत्साहन होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिसॉर्ट में निवेश को तेज कर सकते हैं। इन कदमों से रुकावटें कम होंगी, परियोजनाएं जल्दी पूरी होंगी, घरेलू और विदेशी डेवलपर्स आकर्षित होंगे और पर्यटन आधारित विकास के लिए रहने-ठहरने की क्षमता भी बढ़ेगी।

होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता को सामने लाने और भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए सरकार और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिशा साफ है, अवसर बड़ा है और सभी पक्षों में तालमेल भी उत्साहजनक है। अब सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि काम कितनी तेजी, कितने पैमाने और कितनी सटीकता से किया जाता है।