शुक्रवार, 6 मार्च 2026

वैदिक दृष्टि से महिला सशक्तिकरण पर मंथन

 एमडीएस विश्वविद्यालय में आयोजित होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी

“सशक्त नारी: महिला सशक्तिकरण पर वैदिक विमर्श” विषय पर विद्वानों का संगम, सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टि से होगी व्यापक चर्चा


अजमेर, 6 मार्च 2026।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के महर्षि दयानंद शोधपीठ एवं महर्षि दयानंद सरस्वती यूजीसी चेयर के संयुक्त तत्वावधान में “सशक्त नारी: महिला सशक्तिकरण पर वैदिक विमर्श” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी शनिवार, 7 मार्च 2026 को अपराह्न 2:00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वराज सभागार, बृहस्पति भवन में आयोजित होगी। इससे पूर्व अपरान्ह १२.१५ बजे से वैदिक यज्ञ का आयोजन भी होगा 

संगोष्ठी की मुख्य अतिथि अजमेर दक्षिण की माननीय विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अनीता भदेल होंगी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के विद्वान महिला सशक्तिकरण के वैदिक, सामाजिक एवं समकालीन आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय, जम्मू की प्रो. वंदना शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षाविद् प्रो. लक्ष्मी ठाकुर, वित्त नियंत्रक नेहा शर्मा तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय, अजमेर की डॉ. निहारिका राठौड़ मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगी।

संगोष्ठी का उद्देश्य वैदिक साहित्य और भारतीय परंपरा में निहित नारी के सम्मान, अधिकार और सामर्थ्य की अवधारणा को समकालीन संदर्भों में पुनः स्थापित करना तथा समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का संयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव कैलाश चंद्र शर्मा तथा महर्षि दयानंद शोधपीठ एवं यूजीसी चेयर के प्रभारी प्रो. ऋतू माथुर द्वारा किया गया है  

14 मार्च का सिन्धु रत्न व वरिष्ठजन सम्मान

 23 मार्च सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शो व सिन्धी खानपान प्रतियोगिता


अजमेर, 06 मार्च, सिन्धी समाज महासमिति अजमेर द्वारा चेटीचंड पखवाड़े के तहत 14 मार्च 2026 को सिन्धु रत्न व वरिष्ठन सम्मान व 23 मार्च 2026 को सिन्धी लेडिज क्लब, श्री ताराचन्द हुंदलदास खानचन्दानी व सांई बाबा मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शॉ, लाडा, गायन, नृत्य व सिन्धी खान-पान (ताप) प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

14 मार्च को सिन्धु रत्न सम्मान
संयोजक गिरधर तेजवानी ने बताया कि 14 मार्च को प्रातः 11 बजे सिंधी समाज महासमिति एवं सिंधु इतिहास व साहित्य शोध संस्थान के तत्वावधान में 5 सिन्धु रत्न सम्मान दिए जाएंगे व 11 सिन्धी अरबी व देवनागरी भाषा का लेखन और बोली के जानकार 60 वर्ष से अधिक वरिष्ठजनों का सम्मान किया जाएगा, जो सिन्ध के पुराने लेखक, साहित्यकार व इतिहासकार बंधुओं का एक लिपी से दूसरी लिपी में परिवर्तन करने में सहयोग करेंगे।
23 मार्च 2026 को सिन्धु संस्कृति मेला, टेलेन्ट शॉ व सिन्धी खानपान प्रतियोगिता
सिन्धी समाज महासमिति, सिन्धी लेडीज क्लब, सांई बाबा मंदिर ट्रस्ट व अमरापुर सेवा घर के तत्वावधान में टेलेन्ट शो-नृत्य-लाडा गीत, ताम चटाभेटी, सिन्धु संस्कृति मेले का आयोजन किया जाएगा।
ताम प्रतियोगिता के संयोजक हेमा दीपक साधवानी ने बताया कि सिन्ध के खान-पान को नई पीढ़ी तक जानकारी देने के लिए ताम प्रतियोगिता का आयोजन सांई बाबा मंदिर, अजय नगर में आयोजन किया जाएगा।  
सिन्धी संस्कृति मेले में सिन्धी भोजन व नाश्ते की स्टॉले समाज के प्रतिनिधियों द्वारा लगाई जाएगी। मेले में स्टॉल लगाने के लिए शंकर बदलानी से 9251003143 पर सम्पर्क कर सकते है।
टेलेन्ट शॉ-नृत्य-लाडा गीत की संयोजक दिशा किशनानी व प्रेम केवलरमानी ने बताया कि सिन्ध के नृत्य-लाडा गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, इस प्रतियोगिता में फार्म 18 मार्च को 5 बजे तक मंगलम एजेंसीज एसबीआई बैंक के पास केसरगंज, प्रकाश फोटो स्टेट स्टेशन रोड, द स्मार्ट आउटफिट स्वामी कॉम्पलेक्स, कचहरी रोड, पर प्राप्त कर सकते है, जिसमें विजेताओं को आकर्षण पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में किसी भी उम्र के प्रतिभागी भाग ले सकते है।

हरी चन्दनानी
महासचिव
सिन्धी समाज महासमिति
मो. 96497-50811

अजमेर में 7 से 10 मार्च तक तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल

एनएसडी रंगमंडल के चार चर्चित नाटकों का होगा मंचन, सभी प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए निःशुल्क


अजमेर, 5 मार्च। शहर के रंगमंच और कला प्रेमियों के लिए 7 से 10 मार्च तक तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर आज सूचना केन्द्र के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में फेस्टिवल का पोस्टर जारी किया गया तथा आयोजन की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई।
अपना थिएटर संस्थान के यॉबी जॉर्ज ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के रंगमंडल द्वारा प्रस्तुत नाटकों को देखने के लिए सामान्यतः दर्शकों को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है, लेकिन अजमेर के कलाकारों और दर्शकों के लिए इन सभी नाटकों का मंचन निःशुल्क होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह अजमेर के रंगमंचीय इतिहास में पहला अवसर है जब नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के चार चर्चित नाटकों का मंचन एक साथ शहर में किया जा रहा है।
फेस्टिवल के दौरान चार दिनों तक प्रतिदिन शाम 7 बजे जवाहर रंगमंच पर नाटकों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम की शुरुआत 7 मार्च को विजयदान देथा द्वारा लिखित “माई री मैं को से कहूं” के मंचन से होगी। 8 मार्च को मिथलेश्वर की कहानी पर आधारित नाटक “बाबूजी” प्रस्तुत किया जाएगा। 9 मार्च को धर्मवीर भारती का बहुचर्चित नाटक “अंधा युग” मंचित होगा तथा समारोह के समापन अवसर पर 10 मार्च को महाश्वेता देवी द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक “बायन” का मंचन किया जाएगा। चारों ही प्रस्तुतियों में दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए राजेन्द्र सिंह ने बताया कि यह थिएटर फेस्टिवल संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली, कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन अजमेर तथा अजमेर विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में आधुनिक नाट्य कला संस्थान, आप-हम संस्थान, कला अंकुर, इंडियन लेडीज क्लब, द टर्निंग पॉइंट पब्लिक स्कूल तथा न्यू आदर्श शिक्षा समिति सहयोगी संस्थाओं के रूप में सहभागिता निभा रही हैं।
प्रेस वार्ता में समारोह से जुड़े नाट्य कलाकार एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। इनमें निरंजन कुमार, विष्णु अवतार भार्गव, जुम्मा खान, उज्ज्वल मित्रा, संदीप, काव्यांश, अरविंद पाराशर, नंदकिशोर प्रजापति, शब्बीर, रवि, राहुल, पारस सहित अन्य कला प्रेमी मौजूद थे।

यॉबी जॉर्ज
मो. 9414258642


अजमेर मंडल पर महिला दिवस के उपलक्ष मे महिला खेल व मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन

उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन अजमेर मंडल द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष मे दिनांक 06.03.2026 को अध्यक्षा महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल श्रीमती रिंकल भूतड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में मंडल  कार्यालय के समीप स्थित जी एल ओ स्पोर्ट्स ग्राउंड  मे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान खेल प्रतियोगिता व संगीत जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए ।कार्यक्रम में मंडल पर कार्यरत लगभग 60  महिला कर्मचारियों  ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा के अलावा सचिव श्रीमती ज्योति उशाहरा और कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित संगठन की अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थीं।


महिला कर्मचारिओं हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में जिन खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया उसमें स्पून रेस, रिले रेस, वॉक विद बैलून , थ्री-लेग्ड रेस, जुम्बा, रेफरल, सिग्नेचर स्टेप ऑन गाने, शॉट पुट, हेड, शोल्डर, नी गेम, हुला हूप पास, म्यूजिकल चेयर, टग ऑफ वॉर जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थी। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

*मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक, अजमेर*

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, प्रशासनिक सुविधा और व्यावहारिक कारणों का मिश्रण माना जाता है। ज्ञातव्य है कि गुरुवार को बृहस्पति व सररस्वती का दिन माना जाता है, जो ज्ञान-शिक्षा और शुभारंभ से जुड़ा है। लंबे समय से शिक्षा से जुड़े कार्य, जैसे परीक्षा या शैक्षणिक कार्यक्रम, इस दिन शुरू करना शुभ समझा जाता रहा है। बहुत दिनचस्प बात है कि जब भी गुरूवार के अतिरिक्त किसी अन्य दिन से परीक्षाएं आरंभ की गईं तो उसमें कोई न कोई बाधा आई है। उसके बाद यह अलिखित नियम ही बना लिया गया कि परीक्षाएं गुरूवार से षुरू की जाएं। परीक्षाएं गुरूवार को ही आरंभ करने दूसरी वजह यह है कि गुरुवार से शुरुआत करने पर शुरुआती पेपर गुरुवार को हो कर शुक्रवार -शनिवार को हो जाते हैं और उसके बाद रविवार का स्वाभाविक ब्रेक मिल जाता है। इससे बोर्ड को प्रश्नपत्र वितरण, केंद्र व्यवस्था और आकस्मिक समस्याओं को संभालने का समय मिलता है। इसके अतिरिक्त सप्ताह की शुरुआत सोम-मंगल में स्कूलों का नियमित कामकाज रहता है, गुरुवार तक तैयारी और अंतिम व्यवस्थाएँ पूरी हो जाती हैं।