शुक्रवार, 22 मई 2026

अजमेर डेयरी का बड़ा फैसलाः सरस दूध हुआ 2 रुपये लीटर महंगा

अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी बोले- 'किसानों को नुकसान से बचाने के लिए मजबूरी में उठाया कदम'*

अजमेर: देश में बढ़ती अभूतपूर्व महंगाई और लगातार बढ़ती उत्पादन लागत के बीच अजमेर सरस डेयरी ने उपभोक्ताओं और पशुपालक किसानों के हितों में संतुलन बनाने के लिए एक बेहद कठिन लेकिन आवश्यक निर्णय लिया है। डेयरी को हो रहे भारी नुकसान से उबरने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी हमारे किसान भाईयों को बर्बादी से बचाने के लिए, अजमेर डेयरी ने बेहद मजबूरी वश आज से दूध की सभी किस्मों के विक्रय मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। इस फैसले के पीछे की वजहों को स्पष्ट करते हुए अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि डेयरी को यह कदम उठाना क्यों अनिवार्य हो गया था।

अमूल और मदर डेयरी के नक्शेकदम पर चलने की मजबूरी :-
डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने विवशता जाहिर करते हुए बताया कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बड़ी डेयरी संस्था 'अमूल डेयरी' और उसके बाद केंद्र सरकार (NDDB) द्वारा संचालित 'मदर डेयरी' ने भी भारत सरकार की अनुमति मिलने के बाद अपने दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे। ऐसे में अजमेर सरस डेयरी के पास भी इस आर्थिक दबाव के बीच इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
किसानों को घाटे से बचाकर देश में सबसे ऊंचा खरीद मूल्य दे रही है डेयरी :-
यह स्पष्ट किया गया है कि हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ा है। किसानों पर इस महंगाई का बोझ न आए और उन्हें पशुपालन में कोई नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए अजमेर सरस डेयरी आज भी पूरे देश में दूध का उच्चतम खरीद मूल्य (लगभग 10 रुपये तक का अतिरिक्त बोनस) किसानों को चुका रही है।
सिर्फ अप्रैल महीने में डेयरी को हुआ 2.5 करोड़ का भारी घाटा :-
किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें लगातार ऊंचे दामों पर भुगतान जारी रखने के कारण अकेले पिछले महीने (अप्रैल) में अजमेर डेयरी को लगभग 2.5 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय हानि उठानी पड़ी है।लागत मूल्य में भारी उछाल (डीजल, गैस और पैकिंग मटेरियल की मार):-
दूध को गांवों से संकलित करने और विपणन (मार्केटिंग) का खर्च अब काफी बढ़ चुका है:-
वर्तमान में डीजल की दरों में लगभग रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
प्लांट संचालन में काम आने वाली PNG गैस के दाम 30 रुपये बढ़ गए हैं।
दूध की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले 'पैकिंग मटेरियल' (Packing Material) की कीमतें 30% से 40% तक महंगी हो चुकी हैं।
इन तमाम कारणों से डेयरी की लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसे अब और सहना संभव नहीं था।
डेयरी प्रबंधन ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि आर्थिक तंगी और घाटे के बावजूद दूध की शुद्धता और गुणवत्ता के मामले में अजमेर डेयरी आज भी पूरे देश में सर्वोच्च स्थान पर बनी हुई है।
सरकार से बड़ी मांगः राशन प्रणाली की तरह दूध भी मिले सस्ता :-
अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने आम जनता को महंगाई से स्थायी राहत देने के लिए एक अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि, "अगर भारत सरकार डेयरी व्यवसाय को भी कृषि में शामिल करती है, तो जिस प्रकार राशन में गेहूं, चावल, दालें आदि पर भारत सरकार हजारों करोड़ रूपए खर्च कर राशन प्रणाली के माध्यम से इन्हें सस्ती दर पर आम जनता को उपलब्ध करा रही है, ठीक उसी प्रकार दूध एवं दुग्ध उत्पाद भी सस्ती दर पर आम उपभोक्ता को मिल सकेंगे।"
भविष्य की विवशता पर भी डाला प्रकाश :-
अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि उपभोक्ता डेयरी की इस मजबूरी को समझेंगे और सहयोग करेंगे, ताकि क्रय-विक्रय का बाजार संतुलित रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में पेट्रोल. डीजल, PNG गैस और पैकिंग मटेरियल के दामों में और ज्यादा बढ़ोतरी होती है, तो डेयरी प्रबंधन को बेहद भारी मन से दूध के दाम आगे और भी बढ़ाने पड़ सकते हैं।

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