रविवार, 22 मार्च 2026

नाथद्वारा स्वदेशी खेलों के संवर्धन को मिली नई दिशा, राजस्थान इकाई गठन की बैठक संपन्न

 अविनाश सनाढ्य बने महासचिव, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने का लिया संकल्प


नाथद्वारा। अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन के तत्वावधान में राजस्थान इकाई के गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक श्रीनाथजी मंदिर मंडल प्रांगण में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अजयदीप सिंह ने की, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े खिलाड़ी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वदेशी खेलों के महत्व पर हुआ मंथन बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव आनंद किशोर सक्सेना ने स्वदेशी खेलों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन देशभर में लगभग 70 प्रमुख तथा 200 से अधिक पारंपरिक व ग्रामीण खेलों को प्रोत्साहित कर रहा है। वर्तमान में 12 राज्यों में इसकी इकाइयां सक्रिय हैं, जहां स्थानीय परंपराओं और संस्कृति से जुड़े खेलों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल, जो ओलंपिक चार्टर में शामिल नहीं हैं, उन्हें भी मंच प्रदान कर नई पहचान दी जा रही है।

राजस्थान में नई इकाई से बढ़ेगी गतिविधियां
इस अवसर पर राजस्थान में पहली बार इकाई गठन को लेकर उत्साह व्यक्त किया गया। सर्वसम्मति से अविनाश सनाढ्य को राजस्थान इकाई का महासचिव नामित किया गया, जिसका सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वागत किया। संगठन ने उनसे प्रदेश में स्वदेशी खेलों के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।

अतिथियों का मार्गदर्शन व सम्मान
बैठक में उत्तर प्रदेश नॉन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह एवं जिला पिट्टू एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। शैलेंद्र प्रताप सिंह ने स्वदेशी खेलों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अजयदीप सिंह द्वारा संगठन का साहित्य, डायरी, चाबी का गुच्छा एवं कैलेंडर भी पदाधिकारियों को भेंट किए गए।

जल्द सक्रिय होगी राजस्थान इकाई
अंत में धर्मवीर सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राजस्थान इकाई शीघ्र ही सक्रिय होकर स्वदेशी खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। यह बैठक प्रदेश में पारंपरिक खेलों के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

शौर्य के ओजस्वी संवादों से गूंज उठा नाट्यवृंद का पटल

 नाट्यवृंद द्वारा अभिनय के रंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन


अजमेर/ कला व साहित्य के प्रति समर्पित संस्था नाट्यवृंद द्वारा 41 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आभासी पटल पर आयोजित ‘अभिनय के रंग‘ प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चैहान, बिरसा मुंडा, चन्दवरदाई, पन्ना धाय, हाड़ी रानी, लक्ष्मीबाई, मीरांबाई, बिशनी देवी, रानी कर्णावती जैसे प्रेरक पात्रों का प्रभावी अभिनय शूरवीरों और बलिदानियों के शौर्य से सराबोर ओजस्वी संवादों से गुंजायमान हो गया पटल। संयोजक उमेश कुमार चौरसिया व डाॅ पूनम पाण्डे ने बताया कि बाल, युवा व प्रोढ़ तीन वर्गाें में 4 वर्ष से 75 वर्ष आयु के 38 कलाकारों ने भाग लिया। निर्णायक प्रसिद्ध फिल्म कलाकार विशाल भट्ट और अभिनेत्री झिलमिल भट्ट द्वारा चयनित तीनों वर्ग के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को संस्था द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

इनमें फलक शर्मा, हितेश मेघवंशी, प्रियंका, कायरा, निष्ठा सोनी, खुशी शर्मा, यश्मिता, कीर्ति चैधरी, शिवी बागदी, हर्षवी हरवानी, ग्रेहा, वासु भटनागर, दिव्यांश, याशिका, डाॅ उदित चैहान, दानिश, जयनिल, वियान, राघव, दिव्या, लक्षिता, संदीप पांडे, सुमन शर्मा, पुष्पा शर्मा, डाॅ सुधा मित्तल, पुष्पा क्षेत्रपाल, राधिका प्रजापति, डाॅ छाया, राजेश शर्मा, सुदीक्षा, भारवी, मासूमा, पूर्णिमा पाठक, प्रतिभा जोशी आदि ने अभिनय प्रतिभा की प्रस्तुति दी। सभी कलाकारों के लिए संस्था द्वारा एक दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा।

मंगलवार, 17 मार्च 2026

छोटे से गांव से उठ कर कैसे बने बडे शक्ति केन्द्र: भंवर सिंह पलाडा?

नागौर जिले के छोटे गांव पलाडा से अजमेर आ कर बडा शक्ति केन्द्र बने युवा भाजपा नेता व समाजसेवी भंवर सिंह पलाडा की राजनीतिक यात्रा बहुत दिलचस्प है। जिला प्रमुख जैसे महत्वपूर्व पद पर अपनी पत्नी श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा को काबिज करवा कर जिले में भाजपा का नक्शा बदलने वाले पलाड़ा का विराट रूप गत दिनों देखने को मिला। उनके पिताश्री पीरू सिंह राठौड़ के निधन के बाद बाहर दिन चली नियमित बैठक में जिस प्रकार राज्य के अधिसंख्य दिग्गजों और भाजपा व कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई, उसने सभी को दातों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया है। एक अर्थ में देखें तो उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है।

एक वक्त था जब पलाड़ा अजमेर में आए तो जिले में पहले से जमे हुए भाजपा नेताओं की कोशिश यही रहती थी कि उन्हें किसी भी तरह से आगे न बढने दिया जाए। मगर लक्ष्य साधने में अर्जुन की माफिक एकाग्र पलाड़ा ने भी ठान रखी थी कि एक बार जो राजनीतिक यात्रा शुरू की है तो फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखना है। उन्होंने सबसे पहला धमाका तब किया जब पुष्कर विधानसभा सीट का टिकट न मिलने पर निर्दलीय खड़े हो कर तकरीबन तीस हजार वोट हासिल कर लिए और नतीजतन भाजपा के दिग्गज नेता रमजान खान हार गए। धुन के पक्के पलाड़ा ने तय कर लिया था कि राजनीति में अहम स्थान बनाना ही है। भाजपाइयों ने साथ नहीं दिया फिर भी अपने दम पर एकला चालो रे की तर्ज पर चलते रहे। एक बार अपने जन्मदिन पर जब उन्होंने राष्ट्र रक्षा संकल्प रैली निकाली, जिसमें जिलेभर से आए 25 हजार से अधिक देशभक्तों ने शिरकत की। अकेले उनके दम पर ही जब भारी भीड़ उमड़ी तो सभी चकित रह गए। इससे पूर्व 28 फरवरी, 2004 को राजपूत समाज में राजनीतिक चेतना जागृति के लिए विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें जिलेभर के 12 हजार समाज बंधुओं ने भाग लिया।

उनकी संगठन शक्ति को देख कर स्थानीय भाजपा नेता भी समझ गए थे कि इस आंधी को रोका नहीं जा सकेगा। स्थानीय भाजपा नेताओं को बड़ी तकलीफ होती थी कि यह शख्स आगे आया तो उनका वजूद खतरे में पड़ जाएगा। वे तो चाहते ही नहीं थे कि उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट मिले, मगर पार्टी के बड़े नेता जानते थे कि इस युवा नेता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा। उनको टिकट दिया गया और उनकी जीत भी सुनिश्चित थी, मगर भाजपा के बागी श्रवण सिंह रावत ने उनके विधानसभा जाने के मार्ग में बाधा डाल दी। इसके बाजवूद श्री पलाड़ा ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार सक्रिय बने रहे। फिर पत्नी को जिला प्रमुख बना कर ही दिखाया कि वे कुशल रणनीतिकार हैं। उन्होंने पहले से जमे हुए भूतपूर्व जलदाय मंत्री स्वर्गीय प्रो. सांवरलाल जाट, भूतपूर्व सांसद स्वर्गीय प्रो. रासासिंह रावत सरीखे अनेक ऐसे नेताओं के मुंह बंद कर दिए हैं, जो कि उनके नाम पर नाक-भौं सिकोड़ते थे। उसके बाद उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुशील कंवर पलाडा मसूदा की विधायक बनीं। तत्पश्चात एक बार फिर धर्मपत्नी को जिला प्रमुख बना कर उन्होंने साबित कर दिया कि वे राजनीति के कुशल रणनीतिकार हैं।  

ऊर्जा से ओतप्रोत, क्रांतिकारी विचार, कुछ कर गुजरने का जज्बा और अद्भुत संगठन शक्ति के धनी पलाड़ा गरीबों व असहायों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। आध्यात्मिक विचारों से ओतप्रोत पलाड़ा की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि वे पर्याप्त दमखम के बावजूद बिलकुल सहज हैं। पिछले कई वर्षों से शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो, जब उनके दर पर मदद को आया जरूरतमंद खाली हाथ लौटा हो। धर्म-कर्म में विशेष आस्था रखने वाले पलाड़ा अब तक अनेक शिव परिवार स्थापित कर चुके हैं। उनके मन हर वक्त दान-पुण्य करने की भावना रहती है। जैसे ही सर्दी बढ़ती है, वे निकल पड़ते हैं गरीब व जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र और भोजन सामग्री बांटने। 

नागौर जिले के पलाड़ा गांव में स्वर्गीय श्री पीरू सिंह राठौड़ के घर 25 जून 1970 को जन्मे पलाड़ा ने स्नातक स्तर तक शिक्षा अर्जित की है। परम शिवभक्त पलाड़ा की व्यावसायिक फर्मों में शिव शक्ति रॉयल्टीज प्रा. लिमिटेड, शिव कृपा साल्ट्स इंडस्ट्रीज, शिव कृपा मार्बल्स, मकराना और ओम शिव शक्ति एसोसिएट्स, भंवर सिंह पैलेस शामिल हैं। समाजसेवा की भावना से उन्होंने प्रिंट व इलैक्ट्रोनिक मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा है और अजमेर में सांध्य दैनिक सरे-राह समाचार पत्र और सरे-राह न्यूज चौनल का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं।

राजपूत समाज में भी उन्होंने समाजसेवा के जरिए विशेष स्थान बनाया है। वे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, अजमेर के संभाग प्रभारी, राजपूत सामूहिक विवाह समिति, पुष्कर के संरक्षक, मेजर शैतानसिंह राजपूत छात्रावास व शिक्षण संस्थान, अजमेर के मुख्य संरक्षक, श्री क्षत्रिय प्रतिभा विकास व शोध संस्थान, अजमेर के संरक्षक सदस्य, राजपूत एकता मंच के सरंक्षक और राजपूत स्टूडेन्ट यूथ ऑर्गेनाइजेशन, राजस्थान के प्रधान संरक्षक हैं।

राजनीति के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। वे बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, अजमेर के सदस्य, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के सीनेट सदस्य, भारत स्काउट एंड गाइड, अजमेर मंडल के उप प्रधान रहे हैं। पृथ्वीराज चौहान शिक्षण संस्थान, सॉफ्ट वालीबॉल एसोसिएशन, अजमेर, राजस्थान ताईक्वांडो एसोसिएशन, अजमेर और अजमेर जिला शूटिंग वालीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। वे लायंस क्लब के सदस्य और युवा निर्माण सेना, युवा नवनिर्माण सेना और अजमेर जिला कोरियर एसोसिएशन के संरक्षक हैं।

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

नवपंख संस्थान द्वारा जरूरतमंदों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक होली उत्सव का आयोजन

अजमेर। सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध नवपंख संस्थान ने होली के पावन अवसर पर दिनांक 3/03/2026  को शहर के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के लोगों के साथ रंगोत्सव मनाकर समाज में प्रेम, सद्भाव और समानता का संदेश दिया।

संस्थान के सदस्यों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुँचकर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के साथ गुलाल के विविध रंगों से होली खेली तथा उन्हें स्नेहपूर्वक रंग लगाया। इस दौरान सभी के चेहरों पर प्रसन्नता और उत्साह की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को भोजन भी वितरित किया गया, जिससे उत्सव का आनंद और अधिक बढ़ गया।
नवपंख संस्थान के पदाधिकारी  नितिन उप्पल ने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। समाज के हर वर्ग तक उत्सव की खुशियाँ पहुँचाना ही संस्थान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर नवपंख संस्थान के  सदस्य मनिंदर कौर, मयंक  चावला ,नितिन उप्पल विजय शर्मा, प्रकाश चंद शर्मा, सौरभ जैन, मोनू रावत उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर उत्साहपूर्वक कार्यक्रम को सफल बनाया। उपस्थित सदस्यों ने भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच खुशियाँ बाँटने का संकल्प लिया।
नवपंख संस्थान द्वारा आयोजित यह पहल समाज में मानवीय संवेदनाओं को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

नवसंवत्सर महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की बैठक सम्पन्न

ब्यावर। आगामी नवसंवत्सर महोत्सव के उपलक्ष्य में नवसंवत्सर चैत्र शुक्ला प्रतिपदा 2083 की पूर्व संध्या 18 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले दीपदान एवं भव्य आयोजन को लेकर आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार शाम तालाब की पाल स्थित सुभाष उद्यान में आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित एवं जनसहभागिता के साथ आयोजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।


बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी नवसंवत्सर के अवसर पर तालाब की पाल पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी भाग लेते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत दीपदान, सांस्कृतिक गतिविधियां, बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं आकर्षक झूले तथा सामूहिक महाआरती जैसे आयोजन प्रस्तावित हैं। आयोजन को आकर्षक एवं अनुशासित बनाने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं पर भी चर्चा करते हुए विभिन्न समितियों का गठन किया गया। सभी सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगरवासियों को भारतीय नववर्ष के महत्व से अवगत कराने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के दीपकों का उपयोग करने एवं आयोजन को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग का आह्वान किया।

बैठक में एडवोकेट अतुल बंसल, दिलीप बाबेल, संजय घीया, सुरेश वैष्णव, शैलेश सोनी, कमलकिशोर जिन्दल, गनपत बालोटिया, राजीव मिश्रा, रूपेश कोठारी, आलोक गुप्ता उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने नवसंवत्सर महोत्सव को पूर्व वर्षों की तरह भव्य एवं यादगार बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।