विशेष रूप से उपभोक्ता मामलों के जानकार श्री गांधी का जन्म श्री नगराज गांधी के घर 15 जुलाई 1957 को हुआ। उन्होंने एमए, एलएलबी, डीएलएल व बीजेएमसी की डिग्री हासिल की है। उपभोक्ता संरक्षण के अनेक मामलों में उन्होंने विजयश्री हासिल की है। एक लंबे अरसे से सक्रिय पत्रकारिता से जुडे हुए हैं। अजयमेरू प्रेस क्लब की गतिविधियों में बढ चढ कर हिस्सा लेते हैं। फाल्गुन महोत्सव में भी उनकी अहम भूमिका रहती है।
शनिवार, 12 अक्टूबर 2024
शख्सियत: श्री सूर्य प्रकाश गांधी
अजमेर के गौरव: श्री सत्यकिशोर सक्सैना
एडवोकेट सक्सेना को 82 वर्ष के हैं और मौजूदा समय में भी जयपुर और जोधपुर हाइकोर्ट में प्रेक्टिस करते हैं। वे विशेष रूप से पंचायतराज मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वे जिला कांग्रेस के गिने-चुने ऐसे नेताओं में शुमार हैं, जो कुशल वक्ता हैं और धाराप्रवाह भाषण कला में माहिर हैं। कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि अजमेर की महत्वाकांक्षी बीसलपुर परियोजना में उनकी भी अहम भूमिका रही है। संजीदा व्यक्तित्व के धनी श्री सक्सैना भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिवचरण माथुर के करीबियों में रहे। मधुर व्यवहार के कारण उनकी खासी लोकप्रियता है।
बुधवार, 9 अक्टूबर 2024
कहानी सैल्फी पॉइंट आई लव अजमेर की
कोई सात साल पहले एक बार नरेश बागानी ने मुझे बताया था कि वे अजमेर को कोई अनूठी सौगात देना चाहते हैं। वे इस दिशा में लगे रहे। अजमेर विकास प्राधिकरण व अजमेर नगर निगम के चक्कर लगाते थे, मगर कभी कानूनी पेचीदगियों और कभी आचार संहिता के कारण मामला लंबित बना रहा। जून, 2019 में वे मिले तो जानकारी दी कि अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। कुछ कीजिए। इस पर मैं और पत्रकार व महिला समाजसेवी डॉ राशिका महर्षि उन्हें अजयमेरू प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेश कासलीवाल के पास ले गये और स्मार्ट सिटी होने जा रहे अजमेर में इस सैल्फी पॉइंट की जरूरत पर चर्चा की। कासलीवाल को प्रस्ताव पसंद आया और उन्होंने जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा से बात की। शर्मा को भी बात जंची और उन्होंने प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा। बागानी ने अपनी संस्था सिंधी सोशल ग्रुप अजमेराइट्स के बैनर पर आवेदन किया, जिसे शर्मा ने जरूरी औपचाकिताओं के बाद मंजूरी दी, जिसमें प्राधिकरण के आयुक्त जैन का भी सहयोग रहा। औपचारिकताओं को पूरा करवाने में थोडी मषक्कत हुई। मैने भी कासलीवाल, बागानी व राशिका के साथ दो-तीन बार प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया। सभी के सुझावों का समाहित करते हुए सैल्फी पॉइंट की तैयारियां अंतिम चरण में थी कि बागानी की मुलाकात समाजसेवी हरीश गिदवानी से हुई और उन्होंने अपनी ओर से भी आर्थिक सहयोग का प्रस्ताव रखा। बागानी तुरंत राजी हो गए। दोनों ने दिन रात एक कर यह सौगात तैयार करवाई, जो अब आनासागर चौपाटी पर शोभा बढ़ा रही है।
बागानी ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने इस प्रकार का सैल्फी पॉइंट अमेरिका में देखा था। वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली। उसके बाद दुबई, मुंबई व मद्रास में भी ऐसे सेल्फी पॉइंट देखे। अब अपना सपना पूरा होने पर वे बेहद खुश हैं। बेशक यह निर्जीव पत्थर से बना है, मगर लोकार्पण के दौरान उमड़ी भीड़ ने इसे सजीव बना दिया। अब यह चौपाटी पर आने वाले दर्शनार्थियों के आकर्षण का केन्द्र है।
बहरहाल, यह सीखने को मिला कि कोई काम कितना भी अच्छा क्यों न हो, कानूनी पेच व अफसरशाही के भंवर से उसे गुजरना ही होता है। और अगर ठीक अप्रोच न हो तो उसका पूरा होना कठिन होता है।
दिलचस्प है कोसिनोक जैन का नामकरण
कोसिनोक जैन के नाम को लेकर कौतुहल होता है कि इसका अर्थ क्या है? नाम अटपटा है। वस्तुतः उनके नाम की रचना उनकी सहोदर कामिनी, संगीता, नीलिमा व केनेडी के पहले अक्षर को मिला कर की गई है।
उन्होंने 2005 में एयर कार्टून नाम से कंपनी आरंभ की। कार्टून नब्बे हजार के थे, उसमें चार हजार कम पड रहे थे। इसके लिए अपनी पत्नी से चार हजार उधार लिए, जो अब तक नहीं लौटाए हैं।
नामकरण की अनोखी विधि उनकी कंपनी राशि एंटरटन्मेंट में भी अपनाई गई है। पूर्व में कंपनी का आरंभ उनके बडे भाई दिल्ली निवासी राजीव जैन ने की थी। राजीव और शिखा के नाम से कंपनी बनाई थी। फिर अजमेर में इसका आरंभ हुआ। बेटे रौनक व बेटी शिवांगी नामों के पहले अक्षरों को मिला कर कंपनी का नाम रखा राशि एंटरटेन्मेंट।
वे अपने पिताश्री के कदमों का अनुसरण करते हुए समाजसेवा के कार्य में भी जुटे हुए हैं। उनकी ही तरह हरफनमौला हैं व अपनी गतिविधियों से चर्चा में रहते हैं। फागुन महोत्सव हो या शहर की कोई प्रमुख गतिविधि, अगली पंक्ति में नजर आते हैं। यदि यह कहा जाए कि वे अजमेर में गिनती के जिंदादिल व जागरूक लोगों में शुमार हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
सोमवार, 7 अक्टूबर 2024
धर्मेन्द्र राठौड व सुरेश टाक की मुलाकात के मायने?

