शनिवार, 12 अक्टूबर 2024

शख्सियत: श्री सूर्य प्रकाश गांधी

अजमेर में जागरूक लोगों की अग्रिम पंक्ति पर मौजूद जाने-माने वकील श्री सूर्य प्रकाश गांधी मधुर व्यवहार के कारण लोकप्रिय हैं। लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे नगर के सजग व सक्रिय बुद्धिजीवियों के समूह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे हैं। मंद मुस्कान उनके चेहरे पर सदैव चमकती रहती है। सहज व सरल व्यक्तित्व के धनी श्री गांधी का दिल नगर की धडकन के साथ धडकता है। नगर हित के हर कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति रहती है। 

विशेष रूप से उपभोक्ता मामलों के जानकार श्री गांधी का जन्म श्री नगराज गांधी के घर 15 जुलाई 1957 को हुआ। उन्होंने एमए, एलएलबी, डीएलएल व बीजेएमसी की डिग्री हासिल की है। उपभोक्ता संरक्षण के अनेक मामलों में उन्होंने विजयश्री हासिल की है। एक लंबे अरसे से सक्रिय पत्रकारिता से जुडे हुए हैं। अजयमेरू प्रेस क्लब की गतिविधियों में बढ चढ कर हिस्सा लेते हैं। फाल्गुन महोत्सव में भी उनकी अहम भूमिका रहती है।

अजमेर के गौरव: श्री सत्यकिशोर सक्सैना

अजमेर के प्रतिष्ठित वरिष्ठ वकील एवं पूर्व जिला प्रमुख श्री सत्यकिशोर सक्सैना को भारतीय ज्येष्ठ अधिवक्ता संगम प्रन्यास एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रीय न्याय नायक सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में केन्द्रीय विधि मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, चीफ जस्टिस मनिन्दर मोहन श्रीवास्तव, जस्टिस एस चन्द्रशेखर, जस्टिस अवनीश झींगन के साथ-साथ राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल आदि भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान केन्द्रीय मंत्री और चीफ जस्टिस ने एडवोकेट सक्सेना से न्यायिक सुधारों पर भी चर्चा की।

एडवोकेट सक्सेना को 82 वर्ष के हैं और मौजूदा समय में भी जयपुर और जोधपुर हाइकोर्ट में प्रेक्टिस करते हैं। वे विशेष रूप से पंचायतराज मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वे जिला कांग्रेस के गिने-चुने ऐसे नेताओं में शुमार हैं, जो कुशल वक्ता हैं और धाराप्रवाह भाषण कला में माहिर हैं। कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि अजमेर की महत्वाकांक्षी बीसलपुर परियोजना में उनकी भी अहम भूमिका रही है। संजीदा व्यक्तित्व के धनी श्री सक्सैना भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिवचरण माथुर के करीबियों में रहे। मधुर व्यवहार के कारण उनकी खासी लोकप्रियता है।


बुधवार, 9 अक्टूबर 2024

कहानी सैल्फी पॉइंट आई लव अजमेर की

रीजनल कॉलेज के सामने आनासागर चौपाटी पर बने आई लव अजमेर नामक सैल्फी पॉइंट का लोग बहुत उपयोग कर रहे हैं। जाहिर तौर पर यह कौतुहल होता है कि इसका निर्माण किसने करवाया है। यह अजमेर के सुपरिचित व्यवसायी व सिंधी सोशल ग्रुप अजमेराइट्स के अध्यक्ष नरेश बागानी के सपने की परिणति है, जिसे साकार होने के लिए प्रसव पीडा से गुजरना पडा।

कोई सात साल पहले एक बार नरेश बागानी ने मुझे बताया था कि वे अजमेर को कोई अनूठी सौगात देना चाहते हैं। वे इस दिशा में लगे रहे। अजमेर विकास प्राधिकरण व अजमेर नगर निगम के चक्कर लगाते थे, मगर कभी कानूनी पेचीदगियों और कभी आचार संहिता के कारण मामला लंबित बना रहा। जून, 2019 में वे मिले तो जानकारी दी कि अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। कुछ कीजिए। इस पर मैं और पत्रकार व महिला समाजसेवी डॉ राशिका महर्षि उन्हें अजयमेरू प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेश कासलीवाल के पास ले गये और स्मार्ट सिटी होने जा रहे अजमेर में इस सैल्फी पॉइंट की जरूरत पर चर्चा की। कासलीवाल को प्रस्ताव पसंद आया और उन्होंने जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा से बात की। शर्मा को भी बात जंची और उन्होंने प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा। बागानी ने अपनी संस्था सिंधी सोशल ग्रुप अजमेराइट्स के बैनर पर आवेदन किया, जिसे शर्मा ने जरूरी औपचाकिताओं के बाद मंजूरी दी, जिसमें प्राधिकरण के आयुक्त जैन का भी सहयोग रहा। औपचारिकताओं को पूरा करवाने में थोडी मषक्कत हुई। मैने भी कासलीवाल, बागानी व राशिका के साथ दो-तीन बार प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया। सभी के सुझावों का समाहित करते हुए सैल्फी पॉइंट की तैयारियां अंतिम चरण में थी कि बागानी की मुलाकात समाजसेवी हरीश गिदवानी से हुई और उन्होंने अपनी ओर से भी आर्थिक सहयोग का प्रस्ताव रखा। बागानी तुरंत राजी हो गए। दोनों ने दिन रात एक कर यह सौगात तैयार करवाई, जो अब आनासागर चौपाटी पर शोभा बढ़ा रही है।

बागानी ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने इस प्रकार का सैल्फी पॉइंट अमेरिका में देखा था। वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली। उसके बाद दुबई, मुंबई व मद्रास में भी ऐसे सेल्फी पॉइंट देखे। अब अपना सपना पूरा होने पर वे बेहद खुश हैं। बेशक यह निर्जीव पत्थर से बना है, मगर लोकार्पण के दौरान उमड़ी भीड़ ने इसे सजीव बना दिया। अब यह चौपाटी पर आने वाले दर्शनार्थियों के आकर्षण का केन्द्र है।

बहरहाल, यह सीखने को मिला कि कोई काम कितना भी अच्छा क्यों न हो, कानूनी पेच व अफसरशाही के भंवर से उसे गुजरना ही होता है। और अगर ठीक अप्रोच न हो तो उसका पूरा होना कठिन होता है।

दिलचस्प है कोसिनोक जैन का नामकरण

कोसिनोक जैन अपरिचित नाम नहीं है। वे राशि एंटरटेन्मेंट कंपनी का संचालन करते हैं। ईवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में खास पहचान रखते हैं। दैनिक नवज्योति से जुडे हुए हैं। बेहतरीन प्रेस फोटोग्राफी करते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में खास उपलब्धियों के लिए सम्मानित हो चुके हैं। सुपरिचित व हरफनमौला शख्सियत स्वर्गीय श्री पी कुमार जैन के सुपुत्र हैं, जो गार्डन सुपरवाइजर थे। उनके प्रयासों से सुभाष बाग में आरंभ फ्लावर शो पूरे राजस्थान में मशहूर था। उन्होंने प्रेस फोटोग्राफर के रूप में भी कार्य किया। यह भी कहा जा सकता है कि स्वर्गीय जैन ने ही अजमेर में प्रेस फोटोग्राफी की शुरुआत की। उन्होंने अपने विवाह की पचासवीं सालगिरह पर बाकायदा नए सिरे से विवाह किया, फेरे लिए, बारात निकाली। यह परिवार आरंभ से एडवांस रहा है। यह परिवार जन्मपत्री, वास्तु, टोना टोटका, गंडा ताबीज पर विश्वास नहीं करता। संस्कार को ही सबसे ज्यादा महत्व देता है। कोसिनोक जैन सबसे ज्यादा अगर किसी को मानते हैं, तो वह है आदिनाथ भगवान महावीर स्वामी और उसके बाद अपने माता पिता को। उन्होंने जो कुछ भी तरक्की की है, उसका श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं। पिताश्री के प्रति श्रद्धा इसी बात से परिलक्षित होता है कि उन्होंने जब 2022 में बी के कौल में नया घर बनाया, उसका नाम कुमार कुटीर रखा। जब पंडित जी नांगल के लिए नाम लेकर आए तो बोले कि आपकी नाम राशि को देखते हुए अमुक नाम रखा जाएगा, इस पर कोसिनोक ने कहा कि जब पैसा मेरा, मेहनत मेरी, घर मेरा, सब कुछ मेरा तो मेरे घर का नाम आप कैसे रख सकते हैं। मेरे पिताजी ने जो नाम रखा था, कुमार कुटीर, उससे बडा पवित्र, उससे बडा नाम और कौन सा हो सकता है। घर के मेन गेट पर नाम लिखे हैं, श्रीमती सुशीला देवी, कोसिनोक जैन, फिर तृप्ती, रौनक व शिवांगी। उनका मानना है कि बेटी का भी तो हक है। ज्ञातव्य है कि गंज में कांजी हाउस के पास पुराने मकान का नाम श्री पी कुमार जैन ने अपने नाम पर कुमार कुटीर रखा था। 

कोसिनोक जैन के नाम को लेकर कौतुहल होता है कि इसका अर्थ क्या है? नाम अटपटा है। वस्तुतः उनके नाम की रचना उनकी सहोदर कामिनी, संगीता, नीलिमा व केनेडी के पहले अक्षर को मिला कर की गई है।

उन्होंने 2005 में एयर कार्टून नाम से कंपनी आरंभ की। कार्टून नब्बे हजार के थे, उसमें चार हजार कम पड रहे थे। इसके लिए अपनी पत्नी से चार हजार उधार लिए, जो अब तक नहीं लौटाए हैं।

नामकरण की अनोखी विधि उनकी कंपनी राशि एंटरटन्मेंट में भी अपनाई गई है। पूर्व में कंपनी का आरंभ उनके बडे भाई दिल्ली निवासी राजीव जैन ने की थी। राजीव और शिखा के नाम से कंपनी बनाई थी। फिर अजमेर में इसका आरंभ हुआ। बेटे रौनक व बेटी शिवांगी नामों के पहले अक्षरों को मिला कर कंपनी का नाम रखा राशि एंटरटेन्मेंट।

वे अपने पिताश्री के कदमों का अनुसरण करते हुए समाजसेवा के कार्य में भी जुटे हुए हैं। उनकी ही तरह हरफनमौला हैं व अपनी गतिविधियों से चर्चा में रहते हैं। फागुन महोत्सव हो या शहर की कोई प्रमुख गतिविधि, अगली पंक्ति में नजर आते हैं। यदि यह कहा जाए कि वे अजमेर में गिनती के जिंदादिल व जागरूक लोगों में शुमार हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।


सोमवार, 7 अक्टूबर 2024

धर्मेन्द्र राठौड व सुरेश टाक की मुलाकात के मायने?

गत दिवस किशनगढ़ स्थित होटल स्काई व्यू में आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह राठौड की पूर्व विधायक सुरेश टांक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप अग्रवाल से अनौचारिक मुलाकात हुई। बकौल राठौड इसमें राजनीतिक चर्चा हुई। उन्होंने इसकी फोटो फेसबुक पर साझा की है। अब लोग लगे हैं कयास लगाने में। आखिर क्या चर्चा हुई होगी? राठौड व टाक में एक साम्य है। राठौड पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खासमखास हैं और टाक ने अपने कार्यकाल में गहलोत को समर्थन देकर किशनगढ की भरपूर विकास करवाया। ज्ञातव्य है कि विधानसभा चुनाव 2023 में किशनगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे सांसद भागीरथ चौधरी की हार का सबसे बड़ा कारण रहे पूर्व विधायक सुरेश टाक को लोकसभा चुनाव से पहले फिर से भाजपा में शामिल कर लिया गया, मगर चौधरी से उनकी नाइत्तफाकी के चर्चे हैं। हालांकि टाक मूलतः भाजपा विचारधारा के हैं, मगर अब भाजपा में उनकी स्थिति बहुत सुविधाजनक नहीं है। ऐसे में उनकी राठौड से मुलाकात के अर्थ निकाले जाने लगे हैं।