नई दिल्ली, 20 मई 2026: होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, जो भारतीय हॉस्पिटैलिटी उद्योग की शीर्ष संस्था है, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आह्वान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से कहा है कि वे छुट्टियों, कॉन्फ्रेंस, आयोजनों और शादियों के लिए विदेश जाने के बजाय देश के भीतर ही यात्रा करें। यह पहल अनिश्चित वैश्विक आर्थिक हालात में विदेशी मुद्रा बचाने में मदद करती है, साथ ही भारत की इनबाउंड टूरिज्म अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और देश को व्यावसायिक यात्रा, पर्यटन और एमआईसीई के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक और पसंदीदा गंतव्यों में शामिल करने का एक बड़ा दीर्घकालिक अवसर भी देती है।
ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक अस्थिरता और क्षेत्रीय संघर्ष दुनिया भर के यात्रा रुझानों को प्रभावित कर रहे हैं, भारत एक स्थिर, लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और बड़ी संभावनाओं वाले गंतव्य के रूप में सामने आता है। बदलता वैश्विक माहौल भारत के लिए एक रणनीतिक अवसर पेश करता है, जिसके जरिए वह सुरक्षित, अनुभव आधारित और बेहतर मूल्य वाले गंतव्यों की तलाश करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का बड़ा हिस्सा आकर्षित कर सकता है। सही नीतिगत सहयोग, बुनियादी ढांचे के विस्तार और वैश्विक स्तर पर सही पहचान के साथ भारत पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय को काफी बढ़ा सकता है।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रैडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया चेयरमैन, के.बी. काचरू ने कहा, "इनबाउंड टूरिज्म आने वाले वर्षों में भारत के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के सबसे अहम विकास इंजनों में से एक होगा। जैसे-जैसे भारत मनोरंजन, व्यापार,चिकित्सा, आध्
घरेलू पर्यटन की मांग में अनुमानित बढ़ोतरी देशभर में पर्यटन बुनियादी ढांचे और हॉस्पिटैलिटी संपत्तियों में निवेश को तेज करेगी। इसमें मध्यम श्रेणी, प्रीमियम और लक्जरी होटलों, रिसॉर्टों, वेलनेस रिट्रीट, क्रूज, आध्यात्मिक और धार्मिक सर्किट, धरोहर स्थलों और कन्वेंशन केंद्रों का विकास शामिल है। समय के साथ, एक केंद्रित अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग रणनीति के सहयोग से, ये संपत्तियां मनोरंजन, चिकित्सा,वेलनेस, आध्
ज्यादा इनबाउंड पर्यटन से होटल, खाने-पीने, परिवहन, खुदरा
उन्होंने आगे कहा, "मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल भारत के लिए एक अनोखा अवसर बना रहा है। जैसे-जैसे दुनिया भर के यात्री स्थिर,भरोसेमंद और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गंतव्यों की तलाश कर रहे हैं, भारत पर्यटन के पसंदीदा केंद्र के रूप में उभरने की शानदार स्थिति में है। इससे विदेशी मुद्रा आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है और भारत के हॉस्पिटैलिटी तथा पर्यटन बुनियादी ढांचे में वैश्विक निवेशकों की रुचि भी तेजी से बढ़ सकती है।"
होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर्स और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लंबे समय की पूंजी, वैश्विक विशेषज्ञता, तकनीक और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने में विदेशी निवेश हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की रफ्तार बढ़ाने में बेहद अहम होगा।
श्री काचरू ने आगे कहा, "हॉस्पिटैलिटी में विदेशी निवेश भारत के लिए एक रणनीतिक आर्थिक साधन है, जिसके फायदे सिर्फ इस क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। हर नया होटल प्रोजेक्ट निर्माण, लॉजिस्टिक्स, प्रतिभा,
इनबाउंड पर्यटन को लगातार और केंद्रित बढ़ावा देने से आने वाले वर्षों में भारत की पर्यटन से जुड़ी विदेशी मुद्रा आय में अतिरिक्त 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। यह देश के लिए एक बड़ा रणनीतिक आर्थिक अवसर है। भारत आने वाला हर अंतरराष्ट्रीय पर्यटक देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सीधे योगदान देता है, जिससे इनबाउंड पर्यटन भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले सबसे टिकाऊ और असरदार क्षेत्रों में से एक बन जाता है।
श्री काचरू ने अंत में कहा, "विदेशी मुद्रा के अलावा, एक फलता-फूलता इनबाउंड पर्यटन क्षेत्र वैश्विक निवेशकों को एक मजबूत संदेश देता है।"
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की ग्रोथ को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश और नियमों को आसान बनाना बेहद जरूरी होगा। आसान मंजूरियां, एकसमान स्वीकृतियां, तय समयसीमा और लक्षित प्रोत्साहन होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिसॉर्ट में निवेश को तेज कर सकते हैं। इन कदमों से रुकावटें कम होंगी, परियोजनाएं जल्दी पूरी होंगी, घरेलू और विदेशी डेवलपर्स आकर्षित होंगे और पर्यटन आधारित विकास के लिए रहने-ठहरने की क्षमता भी बढ़ेगी।
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता को सामने लाने और भारत विजन 2047 में अहम भूमिका निभाने के लिए सरकार और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिशा साफ है, अवसर बड़ा है और सभी पक्षों में तालमेल भी उत्साहजनक है। अब सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि काम कितनी तेजी, कितने पैमाने और कितनी सटीकता से किया जाता है।
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