गुरुवार, 21 मई 2026

कार्यस्थलों पर बढ़ते AI उपयोग के बीच FY26 में ग्रेट लर्निंग के AI प्रोग्राम्स में 66% नामांकन गैर-तकनीकी पेशेवरों से आए

 नई  दिल्ली , मई 21, 2026 — उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण के क्षेत्र की अग्रणी वैश्विक एड-टेक कंपनी ग्रेट लर्निंग ने खुलासा किया है कि FY26 में उसके AI प्रोग्राम्स में 66% नामांकन गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले पेशेवरों से आए। यह आंकड़ा भारत के अपस्किलिंग परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाता है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अपनी उत्पादकता और परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा AI-आधारित कार्यस्थलों में प्रासंगिक बने रहने के लिए नो-कोड AI टूल्स अपना रहे हैं।

यह मांग मुख्य रूप से अनुभवी पेशेवरों द्वारा संचालित हो रही है, जिनके पास 12 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है और जो गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले नामांकनों का लगभग 64% हिस्सा हैं। इनमें BFSI, हेल्थकेयर एवं फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा एवं अनुसंधान, FMCG और रिटेल जैसे क्षेत्रों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता, फंक्शनल और बिजनेस यूनिट हेड शामिल हैं। ये पेशेवर AI का उपयोग अपने मौजूदा कार्यों में किस प्रकार किया जा सकता है, इसे समझने के लिए तेजी से इसकी ओर रुख कर रहे हैं। मार्केटिंग, HR, फाइनेंस, ऑपरेशंस, प्रोडक्ट और सेल्स जैसे क्षेत्रों में वे यह तलाश रहे हैं कि AI-संचालित ऑटोमेशन किस प्रकार वर्कफ्लो को बेहतर बना सकता है, परिचालन लागत कम कर सकता है, निर्णय प्रक्रिया को तेज कर सकता है और बेहतर व्यावसायिक परिणाम दे सकता है। जैसे-जैसे AI व्यवसाय संचालन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है, प्रयोगात्मक स्तर से आगे बढ़कर AI पहलों को बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण नेतृत्व कौशल बनती जा रही है।

यह रुझान भारतीय कार्यस्थलों में हो रहे व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है। Microsoft माइक्रोसॉफ्ट के Work Trend Index 2026 के अनुसार, 65% AI उपयोगकर्ताओं को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कार्यस्थल पर AI का उपयोग करने का दबाव महसूस होता है। इससे स्पष्ट है कि AI की समझ अब विभिन्न भूमिकाओं, कार्यक्षेत्रों और उद्योगों में एक आवश्यक पेशेवर कौशल बनती जा रही है।

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेज़ी से विकसित हो रहा है, पेशेवर इस बात पर फिर से विचार कर रहे हैं कि वे अपने कौशल को कैसे बढ़ाएँ। AI में पारंपरिक सात से नौ महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम की लोकप्रियता कम हो रही है, क्योंकि सीखने वाले अब ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं जो Generative AI और Agentic AI जैसे क्षेत्रों में हो रही तेज़ी से प्रगति के साथ तालमेल बिठा सकें, और उन्हें अपने संगठनों में AI को तेज़ी से अपनाने में मदद कर सकें। उपभोक्ता व्यवहार में इस बदलाव के कारण छोटे, व्यावहारिक (application-oriented) प्रोग्राम की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। ये प्रोग्राम पेशेवरों को बिना अपने काम से लंबे समय तक दूर रहे, तुरंत इस्तेमाल किए जा सकने वाले कौशल हासिल करने में सक्षम बनाते हैं। इस उभरते रुझान को देखते हुए, Great Learning द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ज़्यादातर AI प्रोग्राम अब तीन से पाँच महीने की अवधि के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा (hands-on learning) को उद्योग से जुड़े व्यावहारिक उपयोगों के साथ जोड़ा गया है, ताकि पेशेवर AI के लगातार बदलते परिदृश्य के साथ हमेशा कदम से कदम मिलाकर चल सकें।

कंपनी ने अपने अधिकांश पोर्टफोलियो में, जिनमें Data Science, Machine Learning, Generative AI और Agentic AI प्रोग्राम्स शामिल हैं, नो-कोड लर्निंग ट्रैक्स भी शुरू किए हैं। अब शिक्षार्थी एक ही प्रोग्राम में कोडिंग ट्रैक और नो-कोड ट्रैक में से चयन कर सकते हैं, जिससे गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले पेशेवरों के लिए AI सीखना अधिक सुलभ हो गया है। इन प्रोग्राम्स में लगभग 70% शिक्षण प्रोजेक्ट्स, वास्तविक दुनिया में कार्यान्वयन, केस स्टडीज और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन पर आधारित है।

गैर-तकनीकी पेशेवरों के बीच बढ़ते AI नामांकन पर टिप्पणी करते हुए Arjun Nair अर्जुन नायर ने कहा:

“AI अब केवल टेक्नोलॉजी टीमों तक सीमित कोई विशेष क्षमता नहीं रह गया है। हम कार्यस्थलों में एक बड़ा बदलाव देख रहे हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अपने मौजूदा कार्यों में AI को लागू करना सीख रहे हैं ताकि दक्षता, निर्णय क्षमता और व्यावसायिक परिणामों में सुधार हो सके। नो-कोड AI टूल्स इस बदलाव को गैर-तकनीकी पेशेवरों के लिए अधिक सुलभ बना रहे हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन शिक्षार्थियों में बड़ी संख्या अनुभवी पेशेवरों और बिजनेस लीडर्स की है, जो AI को किसी सैद्धांतिक अवधारणा के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक व्यावसायिक क्षमता के रूप में देख रहे हैं। भारत और वैश्विक स्तर के अग्रणी संस्थानों के साथ हमारी साझेदारियों के माध्यम से हम उच्च गुणवत्ता और इंडस्ट्री-प्रासंगिक AI शिक्षा को विभिन्न पृष्ठभूमियों के पेशेवरों तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जैसे-जैसे विभिन्न उद्योगों में AI का उपयोग बढ़ेगा, संगठनों को ऐसे फंक्शनल लीडर्स की आवश्यकता होगी जो रोजमर्रा के संचालन में AI को एकीकृत करना समझते हों, चाहे उनकी पृष्ठभूमि तकनीकी हो या नहीं।”

ग्रेट लर्निंग अपने एआई और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम्स के पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत कर रहा है, जिन्हें आईआईटी बॉम्बे, एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, ड्यूक यूनिवर्सिटी, द यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन और एमआईटी प्रोफेशनल एजुकेशन जैसे अग्रणी संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है। ये प्रोग्राम्स तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों पृष्ठभूमियों के पेशेवरों को इंडस्ट्री-प्रासंगिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक शिक्षण, वास्तविक दुनिया के एआई अनुप्रयोगों और उभरती तकनीकों का अनुभव प्रदान करते हैं।

 

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