गुरुवार, 21 मई 2026

*सहकार से समृद्धि विजन*

 *डेयरी समितियों के माध्यम से ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचेगी बैंकिंग सुविधाएं*

*अजमेर और ब्यावर जिले की प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां बनेंगी बैंक मित्र*
*विशेष कार्यशाला आयोजित*


अजमेर, 21 मई। भारत सरकार के सहकार से समृद्धि विजन के अंतर्गत एक अभिनव पहल करते हुए राजस्थान की समस्त सहकारी समितियों और प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को परस्पर सहयोगी बनाने के लिए सहकारिता में सहकार संकल्प को मूर्तरूप दिया जा रहा है। एक सबके लिए एवं सब एक के लिए की विचारधारा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा अजमेर एवं ब्यावर जिले की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को बैंक मित्र बनाने के लिए अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।  


कार्यशाला को संबोधित करते हुए अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री हरीश सिवासिया ने उपस्थित 46 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं सचिवों को बैंक में खाते खोलने और बैंक बीसी  बनने की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीणों के खाते जिला सहकारी बैंकों में खोले जाएंगे तथा उन्हें माइक्रो एटीएम  के माध्यम से उनके घर-द्वार पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे समितियों के पास अमानत संग्रहण (डिपाजिट) बढ़ेगा। इससे उनके व्यवसाय और लाभप्रदता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।  

इस अवसर पर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रबन्ध निदेशक श्री रामलाल चौधरी, पीएंडआई प्रभारी श्री लादूराम चौधरी एवं सहायक रजिस्ट्रार श्री सतीश जैमन ने भी जिला दुग्ध संघ की ओर से सभी प्राथमिक डेयरी समितियों को केंद्रीय सहकारी बैंक की नजदीकी शाखा में तुरंत खाता खोलकर बैंक बीसी बनने के निर्देश जारी किए। इस राष्ट्रीय विजन को समय पर पूरा किया जा सकेगा।  

नाबार्ड की डीडीएम  श्रीमती रुबिना बानो ने भारत सरकार के इस विजन में वित्तीय समावेशन  के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अवगत कराया कि ग्रामीण क्षेत्रों के डिजिटलाइजेशन और घर-घर तक बैंकिंग पहुंच बढ़ाने के लिए नाबार्ड की को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट फंड, फाइनेंशियल इन्क्लूजन फंड और फाइनेंशियल इन्क्लूजन टेक्नोलॉजी फंड जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्राथमिक डेयरी समितियों को दी जाने वाली माइक्रो एटीएम मशीनों के लिए अनुदान राशि स्वीकृत कराई जा रही है।  

कार्यशाला में अजमेर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की विकास प्रबन्धक श्रीमती निवेदिता एवं श्री शशि कुमार सिंह ने उपस्थित सभी सदस्यों को खाता खोलने और माइक्रो एटीएम संचालित करने की व्यावहारिक प्रक्रिया समझाई। इससे प्राथमिक दुग्ध उत्पादक समितियां बैंक से सुगमतापूर्वक जुड़कर काम कर सकेंगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल और सुदृढ़ बनाने का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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