गुरुवार, 21 मई 2026

“योग भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक, राष्ट्र निर्माण का आधार” - कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

 योग केवल व्यायाम नहीं, समत्व, अनुशासन और सकारात्मक जीवन का माध्यम :

अजमेर, 21 मई। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग द्वारा आयोजित एक माह के योग शिविर के उद्घाटन समारोह में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को समत्व, अनुशासन, सकारात्मकता और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने वाला संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जिस होलिस्टिक एजुकेशन की बात की गई है, योग उसका साक्षात स्वरूप है।अपने संबोधन में कुलगुरु ने कहा कि उनके जीवन में इस प्रकार के योग शिविरों का अनुभव पूर्व में भी रहा है और उन्होंने सदैव योग एवं प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि योग से शरीर और मन दोनों में अद्भुत शांति एवं ऊर्जा का अनुभव होता है। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि योग ने भारत को केवल राजनीतिक शक्ति ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शक्ति के रूप में भी विश्व में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाना भारत की सांस्कृतिक विजय का प्रतीक है। यह निर्णय विश्व समुदाय द्वारा भारत की महान परंपरा और ज्ञान को सम्मान देने का प्रमाण है। उन्होंने योग के विभिन्न स्वरूपों की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को योग का महान आचार्य माना गया है। गीता में कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का उल्लेख करते हुए श्रीकृष्ण ने कर्मयोग को सर्वोच्च बताया है। उन्होंने कहा कि कर्म ही मनुष्य को सुख-दुःख, लाभ-हानि और जय-पराजय में समभाव बनाए रखने की शक्ति देता है और यह शक्ति केवल योग से प्राप्त होती है। कुलगुरु ने कहा कि योग केवल देखने या करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में भी परिलक्षित होना चाहिए। योग मनुष्य को अनुशासित, सकारात्मक और कर्मशील बनाता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वस्थ होता है तो परिवार स्वस्थ होता है, परिवार स्वस्थ होता है तो समाज स्वस्थ होता है और समाज के स्वस्थ होने से राष्ट्र सशक्त बनता है। इस प्रकार योग राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से व्यक्ति न केवल स्वयं की सेवा करता है, बल्कि राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्राप्त करता है। कार्यक्रम में कुलगुरु ने योग शिविर के आयोजन के लिए विभाग एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों से अनुशासन और समयपालन के साथ इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रभारी डॉ. आशीष पारीक डॉ लारा शर्मा, जयंती देवी, योग अतिथि शिक्षक योग विज्ञान एवं मानव चेतना विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

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