मंगलवार, 20 जनवरी 2026
एसआईआर विवाद पर मुस्लिम नेता खुश भी
एक ओर जहां एसआईआर के दौरान नाम कटवाये जाने की कवायद का आरोप लगाते हुए मुस्लिम नेता मुखर हैं, वहीं उनमें से कुछ इसे सकारात्मक दृश्टि से भी देख रहे हैं और कथित रूप से खुष्ज्ञ भी हैं कि इस बहाने कौम में जागृति तो आएगी। इस सिलसिले में एक मुस्लिम नेता से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि नाम कटवाने की षिकायतें सामने नहीं आतीं तो कदाचित समाज के लोग जागरूक नहीं होते। उनका मानना है कि चूंकि समाज के जागरूक कार्यकर्ता आपत्तियों का प्रतिकार करने में जुटे हैं, इस कारण यकायक जागृति भी आ रही है। इसका लाभ यह होगा कि अब उनका मतदान प्रतिषत बढ सकता है। जाहिर जो लोग अपना नाम कटने से बचाने मे कामयाब होंगे, कम से कम वे तो वोट डालेंगे ही। साथ ही अन्य भी मतदान के लिए प्रेरित होंगे। वस्तुतः अफवाह के चलते एक आषंका यह फैल रही है कि यदि वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो आगे चल कर नागरिकता की समस्या आ सकती है। इस कारण वे अपना नाम बचाने में जुट गए हैं। ज्ञातव्य है कि मतदान के प्रति रूचि कम होने के कारण मुस्लिम बहुल इलाकों में मतदान प्रतिषत अपेक्षाकृत कम रहता है। जागरूकता के अभाव में वे इस बात की परवाह ही नहंी करते थे कि उनका वोट बेकार हो रहा है। लेकिन अगर जागरूकता आई तो मतदान प्रतिषत में इजाफा होगा।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें